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September 26 2026 05:25 am

क्या 1 अक्टूबर से बंद हो जाएगी LPG सिलेंडर की डिलीवरी? जानिए नए नियम की असली सच्चाई और सब्सिडी का नया गणित

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सोशल मीडिया और व्हाट्सएप ग्रुप्स पर पिछले कुछ दिनों से यह दावा तेजी से वायरल हो रहा है कि 1 अक्टूबर से तेल कंपनियां घरेलू एलपीजी सिलेंडर की डिलीवरी बंद करने जा रही हैं। इस तरह की खबरों से आम उपभोक्ताओं में काफी भ्रम और घबराहट की स्थिति बन गई है। यदि आपके पास भी ऐसा कोई संदेश पहुंचा है, तो परेशान होने की जरूरत नहीं है। असल हकीकत यह है कि गैस सिलेंडर की डिलीवरी पूरी तरह बंद नहीं होने जा रही है, बल्कि पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने सब्सिडी वाले एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग को लेकर एक अनिवार्य नियम लागू किया है।

1 अक्टूबर से उन उपभोक्ताओं को सब्सिडी वाले नियंत्रित रेट पर 14.2 किलो का सिलेंडर बुक करने में परेशानी हो सकती है, जिन्होंने अब तक अपना बायोमेट्रिक आधार ऑथेंटिकेशन (BAA यानी ई-केवाईसी) पूरा नहीं कराया है।

क्या बिना ई-केवाईसी के बिल्कुल नहीं मिलेगा सिलेंडर?

मंत्रालय और सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों (इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम, हिंदुस्तान पेट्रोलियम) ने स्थिति साफ करते हुए स्पष्ट किया है कि किसी भी उपभोक्ता को रसोई गैस से पूरी तरह वंचित नहीं किया जाएगा।

सब्सिडी का नुकसान: जिन ग्राहकों का बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन पूरा नहीं होगा, उन्हें मिलने वाली सरकारी सब्सिडी (जो लगभग ₹210 प्रति सिलेंडर चल रही है) रोक दी जाएगी।

बाजार दर पर खरीद: ऐसे उपभोक्ताओं को सब्सिडी वाले सिलेंडर के बजाय गैर-सब्सिडी यानी बाजार मूल्य पर रिफिल लेना पड़ेगा।

छोटे सिलेंडर का विकल्प: बिना सत्यापन वाले ग्राहकों के लिए कंपनियों के पोर्टल, ऐप या व्हाट्सएप बॉट के जरिए 5 किलो या 10 किलो के कंपोजिट/नॉन-सब्सिडी सिलेंडर का विकल्प दिया जाएगा।

89.9% ग्राहकों का काम पूरा, किन्हें दोबारा कराने की जरूरत नहीं?

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, देश के कुल 27.43 करोड़ से अधिक सक्रिय घरेलू गैस उपभोक्ता (करीब 89.9 प्रतिशत) पहले ही अपना बायोमेट्रिक आधार सत्यापन पूरा करवा चुके हैं।

यदि आपने:

पहले कभी गैस डिस्ट्रीब्यूटर के दफ्तर जाकर फिंगरप्रिंट या आईरिस स्कैन कराया है,

सिलेंडर डिलीवरी के समय डिलीवरी बॉय की मशीन या ऐप पर चेहरा/अंगूठा लगाकर सत्यापन किया है,

या मोबाइल ऐप के जरिए आधार फेस ऑथेंटिकेशन पूरा कर लिया है,

तो आपको दोबारा कोई प्रक्रिया करने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। आपकी सब्सिडी और गैस डिलीवरी पहले की तरह सुचारू रूप से जारी रहेगी।

घर बैठे या डिलीवरी के समय: 3 आसान तरीकों से निपटाएं काम

यदि आपका बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन अभी तक अधूरा है, तो 1 अक्टूबर से पहले इसे इन तीन तरीकों से आसानी से पूरा किया जा सकता है:

सिलेंडर डिलीवरी के समय: जब डिलीवरी मैन आपके घर नया सिलेंडर डिलीवर करने आए, तो आप उसके पास मौजूद आधिकारिक मोबाइल ऐप के जरिए मौके पर ही 1 मिनट में आधार फिंगरप्रिंट या फेस स्कैन करवा सकते हैं।

मोबाइल ऐप से खुद करें (घर बैठे):

इंडेन (Indane) के ग्राहक IndianOil ONE ऐप का उपयोग करें।

भारतगैस (Bharatgas) के उपभोक्ता HelloBPCL ऐप से ई-केवाईसी करें।

एचपी गैस (HP Gas) के यूजर HP PAY ऐप के जरिए आधार फेस आरडी (Aadhaar FaceRD) से खुद सत्यापन कर सकते हैं।

गैस एजेंसी जाकर: आप अपने नजदीकी गैस डिस्ट्रीब्यूटर के शोरूम पर अपना आधार कार्ड और गैस पासबुक ले जाकर बायोमेट्रिक मशीन पर अंगूठा लगाकर प्रक्रिया पूरी करवा सकते हैं।

सरकार ने क्यों उठाया यह सख्त कदम?

सरकार का मुख्य उद्देश्य सब्सिडी की चोरी, एक ही नाम पर चल रहे फर्जी/डुप्लीकेट गैस कनेक्शनों की छंटनी और घरेलू सब्सिडी वाले सिलेंडरों के होटल, ढाबों या कमर्शियल उपयोग को रोकना है। इस सत्यापन से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि सरकारी खजाने से दी जाने वाली एलपीजी सब्सिडी का वास्तविक लाभ केवल जरूरतमंद और असली घरेलू परिवारों को ही मिले।