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September 27 2026 03:13 pm

जब मुश्ताक खान का हो गया था अपहरण: 12 घंटे तक झेला था खौफनाक टॉर्चर, कांप गई थी दिग्गज एक्टर की रूह

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बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता मुश्ताक खान ने पर्दे पर हमेशा अपनी अदाकारी और कॉमिक टाइमिंग से लोगों के चेहरों पर मुस्कान बिखेरी। 'वेलकम', 'आशिकी' और 'स्त्री 2' जैसी अनगिनत फिल्मों में उनके किरदारों ने दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाई। लेकिन पर्दे पर ठहाके लगवाने वाले इस हरफनमौला कलाकार की असल जिंदगी में एक ऐसा भयानक मोड़ भी आया था, जिसकी याद भर से उनकी रूह कांप जाती थी। यह वह खौफनाक दौर था जब मुश्ताक खान को किडनैपर्स ने बंधक बना लिया था और लगातार 12 घंटे तक मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना का शिकार बनाया था।

एक शो के सिलसिले में बुलाया और जाल में फंसाया

यह दिल दहला देने वाला वाकया उस वक्त का है जब मुश्ताक खान अपने करियर के व्यस्त दौर में थे। उन्हें किसी इवेंट और शो के सिलसिले में मुंबई से बाहर एक अज्ञात जगह पर मिलने के लिए बुलाया गया था। शो के आयोजक बनकर बात करने वाले लोगों ने पूरी पेशेवर तरीके से बातचीत की थी, जिससे अभिनेता को किसी तरह के खतरे का अंदेशा नहीं हुआ। लेकिन जैसे ही वह तय लोकेशन पर पहुंचे, वहां का नजारा बिल्कुल उलट निकला। कुछ हथियारबंद बदमाशों ने उन्हें चारों तरफ से घेर लिया और जबरन एक अनजान और सुनसान जगह पर ले जाकर बंधक बना लिया।

12 घंटे का वो खौफनाक टॉर्चर और जान की गुहार

अपहरणकर्ताओं ने मुश्ताक खान को एक अंधेरे कमरे में कैद कर दिया और अगले 12 घंटे तक उनके साथ अमानवीय बर्ताव किया गया। बदमाशों ने उनसे भारी फिरौती की मांग की और पैसे न मिलने की सूरत में जान से मारने की धमकियां दीं। इस दौरान उन्हें लगातार मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया। मुश्ताक खान ने बाद में एक इंटरव्यू के दौरान उस दर्दनाक अनुभव को साझा करते हुए बताया था कि वह उन 12 घंटों में एक-एक पल अपनी मौत को सामने देख रहे थे। लगातार गनपॉइंट पर रहने और गालियां सुनने के बावजूद उन्होंने अपना हौसला बनाए रखा और सूझबूझ से किडनैपर्स से बातचीत जारी रखी ताकि समय निकाला जा सके।

सूझबूझ और किस्मत ने बचाई जान

उस भयावह रात में मुश्ताक खान ने किसी तरह हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने बेहद शांति से बदमाशों को यह समझाने की कोशिश की कि वह केवल एक साधारण चरित्र अभिनेता हैं, कोई बड़े दौलतमंद बिजनेसमैन नहीं। बातचीत, कुछ वित्तीय समझौते और किस्मत के सहारे किडनैपर्स ने आखिरकार सुबह के वक्त उन्हें एक सुनसान सड़क पर छोड़ दिया। उस खौफनाक मंजर से बाहर निकलने के बाद जब वह सुरक्षित अपने घर पहुंचे, तब जाकर उन्होंने और उनके परिवार ने राहत की सांस ली। यह घटना मुश्ताक खान की जिंदगी का सबसे काला और डरावना अध्याय बन गई थी, जिसे वह ताउम्र कभी नहीं भूल पाए।