जब विदेश मंत्री जयशंकर को 670 किमी सड़क यात्रा करनी पड़ी, अमेरिका में क्या हुआ था खास
India News Live,Digital Desk : भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने पिछले साल अमेरिका में एक अनोखी और लंबी सड़क यात्रा की, जिसकी जानकारी अब आठ हफ्ते से अधिक समय बाद सार्वजनिक हुई है। सितंबर 2025 में अमेरिका के अधिकांश हिस्सों में सरकारी शटडाउन के कारण वाणिज्यिक उड़ानें रद्द हो गई थीं। उसी दौरान जयशंकर को लगभग 670 किलोमीटर सड़क मार्ग से न्यूयॉर्क पहुंचना पड़ा, ताकि वह समयबद्ध ढंग से संयुक्त राष्ट्र महासचिव से अपनी बैठक कर सकें।
जब उड़ानें रुक गईं और उड़ान विकल्प मौजूद नहीं थे, तो अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों ने सड़क मार्ग को चुना। अमेरिका-कनाडा सीमा पर लुईस्टन-क्वीनस्टन ब्रिज पर जयशंकर को सुरक्षा टीम ने रिसीव किया और उसके बाद करीब सात घंटे की ड्राइव के लिए मोटरकॉक नवंबर से लेकर न्यूयॉर्क तक रवाना हुई।
इस सफर में कुल 27 सुरक्षा एजेंटों ने हिस्सा लिया, जिनमें डिप्लोमैटिक सिक्योरिटी सर्विस के अधिकारी और स्थानीय सुरक्षा टीमें शामिल थीं। यह बेहद सावधानीपूर्वक योजना थी और सर्द मौसम तथा लंबी दूरी को ध्यान में रखते हुए ड्राइवरों और सुरक्षा कर्मियों का समन्वय किया गया।
जयशंकर की यह सड़क यात्रा इसलिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि इससे यह स्पष्ट होता है कि कूटनीतिक प्राथमिकताएं और निर्धारित बैठकों की अहमियत को ध्यान में रखते हुए समाधान ढूँढने के लिए भी योजनाएं बनाई जा सकती हैं, भले ही साधारण विकल्प उपलब्ध ना हों।
ऐसे स्थिति में, जहां उड़ानें बंद थीं और समय-सीमा तय थी, अमेरिका-कनाडा सीमा से न्यूयॉर्क तक सड़क से यात्रा करना एक असामान्य लेकिन प्रभावी विकल्प साबित हुआ। जयशंकर ने निर्धारित विपुल दूरी और कठिन सफर के बावजूद अपनी बैठक सफलतापूर्वक पूरी की।