ट्रंप के दूतों की रूस-यूक्रेन वार्ता में ऐतिहासिक कदम, शांति की उम्मीदें जगीं
- by Priyanka Tiwari
- 2026-01-26 02:25:00
India News Live,Digital Desk : अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस और यूक्रेन के बीच जारी संघर्ष को समाप्त करने के लिए अपने विशेष दूतों को सक्रिय किया है। ट्रंप ने वार्ताकारों से कहा कि वे जमीनी हालात को ध्यान में रखते हुए दोनों देशों के बीच सहमति स्थापित करें और यूक्रेन में लंबे समय की स्थायी शांति सुनिश्चित करें।
शनिवार को मास्को में राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ ट्रंप के दूत स्टीव विटकाफ और उनके दामाद जेरेड कुशनर ने चार घंटे लंबी वार्ता की। इसके पहले शुक्रवार और शनिवार को अबूधाबी में अमेरिका, रूस और यूक्रेन के अधिकारियों के बीच भी महत्वपूर्ण वार्ता संपन्न हुई।
अगली वार्ता 1 फरवरी को
तीनों देशों के अधिकारियों की अगली बैठक 1 फरवरी को होने जा रही है। कोशिश है कि यूक्रेन युद्ध पांचवें वर्ष में प्रवेश न करे। इस बीच पोप लियो ने भी यूक्रेन में आम नागरिकों पर हो रहे हमलों और चार वर्षों से जारी कठिनाइयों को देखते हुए तुरंत युद्ध समाप्त करने की अपील की है।
दावोस में हुई ट्रंप-जेलेंस्की वार्ता ने बढ़ाई उम्मीदें
ग्रीनलैंड विवाद और अमेरिका-यूरोप के बीच तनाव के बीच ही ट्रंप ने दावोस में यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की से महत्वपूर्ण वार्ता की। इसके बाद ट्रंप ने यूक्रेन युद्ध समाप्त होने की उम्मीद जताई और जेलेंस्की ने भी इस पर सहमति व्यक्त की।
इसके अगले ही दिन बहुपक्षीय कूटनीतिक प्रयास तेज हो गए। यूएई ने भी कहा कि रूस और यूक्रेन के बीच वार्ता सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है। अमेरिकी अधिकारियों ने मास्को और अबूधाबी में हुई वार्ता को बहुत सकारात्मक बताया।
शांति वार्ता में पहली बार इतनी प्रगति
यूक्रेन युद्ध पर नजर रखने वाले विशेषज्ञ मानते हैं कि दोनों पक्ष पहली बार शांति के लिए इतना आगे बढ़े हैं। वहीं, रूसी हमलों के कारण यूक्रेन में बिजली संकट गहरा गया है। राजधानी कीव में 1,700 भवनों में रहने वाले हजारों लोग बिजली से वंचित हैं, जबकि 3,200 भवनों को गर्म रखने के लिए पर्याप्त बिजली नहीं मिल रही है।
भीषण ठंड और लगातार हिमपात के बीच पूरे देश में 12 लाख से अधिक लोग बिजली आपूर्ति से कटे हुए हैं। राष्ट्रपति जेलेंस्की ने कहा कि रूस आम नागरिकों को परेशान करने के लिए ऊर्जा संयंत्रों को निशाना बना रहा है।