मानसून की जबरदस्त वापसी यूपी में झमाझम बारिश के साथ मिलेगी गर्मी से राहत, किसानों के चेहरे पर लौटेगी खुशी
India News Live,Digital Desk : उत्तर प्रदेश के मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है, और अब यह अच्छी खबर लेकर आया है! गुरुवार को मौसम भले ही साफ रहा हो, लेकिन आसमान में बादलों की आवाजाही और बीच-बीच में चलती तेज हवाओं ने एक बदलाव का संकेत दे दिया था। जब तक हवा चलती रही, मौसम खुशगवार महसूस हुआ, लेकिन जैसे ही हवा रुकी, उमस में बढ़ोतरी साफ महसूस की गई। यह स्थिति बीते कई दिनों से चल रही शुष्क और उमस भरी गर्मी से परेशान आम जनता के लिए चिंता का सबब बनी हुई थी, लेकिन अब राहत की खबर है।
आगे है अच्छी बारिश का इंतजार: कब थमेगी ये चिपचिपी गर्मी?
मौसम विभाग के नवीनतम पूर्वानुमान बताते हैं कि अब उत्तर प्रदेश में एक सप्ताह तक बारिश का सिलसिला बना रह सकता है। यानी, राज्य में झमाझम मानसूनी बारिश का दौर शुरू होने वाला है! इस दौरान हल्की से मध्यम वर्षा होने की प्रबल संभावना है, जबकि खास बात यह है कि अगले दो दिनों के भीतर कई स्थानों पर भारी वर्षा के भी प्रबल आसार हैं। इस संभावित बारिश से प्रदेश के अधिकतम और न्यूनतम, दोनों ही तापमानों में प्रभावी गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे लंबे समय से चली आ रही उमस भरी गर्मी और असहजता से आम जनमानस को आखिरकार बड़ी राहत मिल सकेगी। किसानों के लिए भी यह बारिश किसी वरदान से कम नहीं होगी, जिनके खेतों में पानी की कमी से फसलें सूख रही थीं।
जुलाई की उदासी भूला देगा अगस्त! रिकॉर्ड तोड़ बारिश के आसार, क्यों बदली फिजां?
इस बार जुलाई का महीना उत्तर प्रदेश के लिए सामान्य से अधिक शुष्क रहा। अधिकांश दिनों में मौसम सूखा और गर्म रहा, जबकि बारिश नाममात्र की हुई। यदि कहीं वर्षा हुई भी, तो वह क्षेत्रीय स्तर पर रही, यानी कभी किसी इलाके में तो कभी किसी दूसरे इलाके में हल्की-फुल्की फुहारें पड़ीं। लेकिन मौसम विभाग और कृषि मौसम केंद्र का कहना है कि अब अगस्त के महीने में स्थिति पूरी तरह पलटने वाली है। इस बार अगस्त में सामान्य से भी अधिक वर्षा होने की प्रबल संभावना है। महीने के शुरुआती दिनों में ही आकाश में घने बादल छाए रहने, हल्की से मध्यम बारिश और कभी-कभी तेज व भारी बारिश होने की पूरी उम्मीद है।
किसानों को मिली 'जीवन संजीवनी': फसलों के लिए वरदान साबित होगी ये बारिश!
मानसून की यह 'मेहरबानी' सिर्फ लोगों को उमस से राहत ही नहीं देगी, बल्कि यह अन्नदाता किसानों के लिए 'जीवन संजीवनी' का काम करेगी। एक तरफ जहां शहरों और कस्बों में लोग चिपचिपी गर्मी और पसीने से बेहाल थे, वहीं खेतों में किसानों की चिंताएं बढ़ती जा रही थीं, क्योंकि पर्याप्त पानी न मिलने से उनके खेत में लगी फसलें, खासकर धान के पौधे, पीले पड़ने लगे थे और मुरझाने के कगार पर थे। अब मानसूनी बारिश के पुनर्जीवित होने से उनकी ये चिंताएं भी दूर होंगी और खेतों को पर्याप्त पानी मिल सकेगा, जिससे अच्छी फसल की उम्मीद जगेगी।
बदलते तापमान का खेल: देखें 24 घंटे और पिछले 10 दिनों का आंकड़ा!
पिछले 24 घंटों के तापमान पर नजर डालें तो बुधवार को अधिकतम तापमान 33.8 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। गुरुवार को इसमें हल्की बढ़ोतरी देखी गई, जब अधिकतम तापमान 34.5 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। सुबह से ही मौसम का मिजाज बदलता रहा, कभी तेज धूप तो कभी अचानक घने बादल छा जाते रहे, जिसने दिनचर्या को भी प्रभावित किया।
राज्य कृषि मौसम केंद्र के प्रभारी अतुल कुमार सिंह ने पुष्टि की है कि मानसून अब तीव्रता पकड़ रहा है। उनके अनुसार, करीब एक सप्ताह तक प्रदेश का मौसम बारिश वाला रह सकता है। इस दौरान हल्की से मध्यम और कहीं-कहीं भारी वर्षा की संभावना बनी रहेगी। उन्होंने भी जोर दिया कि उमस भरी गर्मी से लोगों को जल्द ही बड़ी राहत मिलेगी।
पिछले 10 दिनों का तापमान सारणी:
| दिनांक | अधिकतम तापमान (°C) | न्यूनतम तापमान (°C) |
| 31 जुलाई | 34.5 | 28.7 |
| 30 जुलाई | 33.8 | 27.6 |
| 29 जुलाई | 32.2 | 28.0 |
| 28 जुलाई | 31.7 | 28.3 |
| 27 जुलाई | 34.5 | 28.2 |
| 26 जुलाई | 35.6 | 29.2 |
| 25 जुलाई | 37.5 | 30.8 |
| 24 जुलाई | 38.5 | 30.2 |
| 23 जुलाई | 38.4 | 30.2 |
| 22 जुलाई | 38.2 | 29.1 |
यह तालिका स्पष्ट रूप से दिखाती है कि कैसे जुलाई के अंतिम सप्ताह में तापमान काफी अधिक था, खासकर 22 से 25 जुलाई के बीच अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस से ऊपर बना रहा, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। अब अगस्त की शुरुआत के साथ ही तापमान में अपेक्षित गिरावट और मानसूनी वर्षा की वापसी से पूरे राज्य में खुशी की लहर दौड़ पड़ी है।