खजुराहो के जवारी मंदिर पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, विष्णु मूर्ति पुनर्स्थापना याचिका खारिज
- by Priyanka Tiwari
- 2025-09-18 13:07:00
India News Live,Digital Desk : सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को खजुराहो के विश्व प्रसिद्ध जवारी मंदिर से जुड़ी एक याचिका पर सुनवाई करते हुए उसे खारिज कर दिया। यह याचिका भगवान विष्णु की सात फुट ऊँची उस मूर्ति की पुनर्स्थापना को लेकर दायर की गई थी, जिसका सिर टूटा हुआ है। अदालत ने साफ़ कहा कि यह मामला भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के अधिकार क्षेत्र में आता है और अदालत इसमें हस्तक्षेप नहीं कर सकती।
सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश जस्टिस गवई ने याचिकाकर्ता से सख्त लहजे में कहा, “तुम कहते हो कि भगवान विष्णु के भक्त हो, तो अब भगवान से ही प्रार्थना करो। यह स्थान एक पुरातात्विक धरोहर है और इसके संरक्षण व पुनर्निर्माण से जुड़े फ़ैसले का अधिकार सिर्फ एएसआई को है। अदालत इस मामले में कुछ नहीं कर सकती।”
याचिका में क्या कहा गया था?
याचिकाकर्ता राकेश दलाल ने दलील दी थी कि यह मूर्ति मुगल काल के हमलों के दौरान क्षतिग्रस्त हो गई थी और आज़ादी के 77 साल बाद भी उसकी मरम्मत नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि खजुराहो मंदिरों का गौरवशाली इतिहास है, जिनका निर्माण चंद्रवंशी राजाओं ने करवाया था। टूटी हुई मूर्ति श्रद्धालुओं की आस्था को ठेस पहुँचाती है और पूजा के मौलिक अधिकार का उल्लंघन करती है।
दलाल ने यह भी बताया कि इस मुद्दे को उठाने के लिए कई बार प्रदर्शन और अभियान चलाए गए, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
सुप्रीम कोर्ट का फैसला
अदालत ने साफ कहा कि खजुराहो मंदिरों का संरक्षण और रखरखाव एएसआई की ज़िम्मेदारी है। इसलिए मूर्ति की मरम्मत या पुनर्स्थापना पर निर्णय भी वही संस्था लेगी। सुप्रीम कोर्ट ने इस आधार पर याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया और इसे खारिज कर दिया।