नशे की तस्करी में असली खिलाड़ियों पर सवाल, सुप्रीम कोर्ट ने जताई चिंता
- by Priyanka Tiwari
- 2025-10-18 14:38:00
India News Live,Digital Desk : सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में यह गंभीर तथ्य उजागर किया है कि अवैध नशीले पदार्थों और मादक दवाओं के मामलों में अक्सर छोटे और कमज़ोर आरोपियों को गिरफ्तार किया जाता है, जबकि असली मास्टरमाइंड और सप्लायर्स पर्दे के पीछे छुपे रहते हैं।
जस्टिस एम.एम. सुंदरेश और जस्टिस विपुल एम. पंचोली की पीठ ने शुक्रवार को भारत में बढ़ती नशीली दवाओं की समस्या पर चिंता व्यक्त करते हुए पूछा कि आखिर कितने मास्टरमाइंड पकड़े गए और मादक पदार्थों के स्रोतों की सही पहचान कितनी हुई है।
सुप्रीम कोर्ट ने एनडीपीएस मामलों के गिरफ्तारियों के पैटर्न पर सवाल उठाया। जस्टिस सुंदरेश ने कहा, “एनडीपीएस मामलों में मास्टरमाइंड कभी पकड़े नहीं जाते। हमेशा ए, बी, सी या डी पकड़े जाते हैं। सवाल यह है कि कितने मामलों में असली मास्टरमाइंड पर आरोप लगे? मादक पदार्थ कहां से आए, इसकी खोज कितनी हुई?”
यह टिप्पणी उस समय आई जब सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब के लुधियाना से गिरफ्तार गुरजीत सिंह की जमानत याचिका पर सुनवाई की। गुरजीत को नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने मेथामफेटामाइन के बड़े पैमाने पर निर्माण और अंतरराष्ट्रीय तस्करी के आरोप में पकड़ा था।
दिल्ली हाई कोर्ट ने फरवरी 2024 में गुरजीत सिंह की जमानत याचिका को खारिज करते हुए कहा कि रिकॉर्ड और सबूतों से स्पष्ट है कि वह एक संगठित अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का हिस्सा था। कोर्ट ने कहा कि गवाहों के बयान, रिकवरी, वित्तीय ट्रेल और डिजिटल सबूतों ने सिंह की सक्रिय भागीदारी को साबित किया, जो एनडीपीएस अधिनियम की धारा 29 (अपराधी साजिश) के तहत आता है।
सुप्रीम कोर्ट ने नशीली दवाओं के मामलों में गिरफ्तारी के इस पैटर्न को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा, “हमें सच पता है, पर हमें अपनी अंतरात्मा का जवाब देना होगा।” कोर्ट ने गुरजीत सिंह की जमानत याचिका को खारिज कर दिया, लेकिन यह अनुमति दी कि वह ट्रायल कोर्ट में राहत के लिए आवेदन कर सकते हैं।