'अरुण' का किरदार निभा रहे सिद्धार्थ शॉ को मिल रही 'नीले ड्रम' में डालने की धमकी, एक्टर बोले- 'इतनी नफरत देखकर मैं खुश हूं'

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India News Live,Digital Desk : जियो हॉटस्टार पर रिलीज हुई वेब सीरीज 'चिरैया' (Chiraiya) इन दिनों अपने संवेदनशील विषय और दमदार अभिनय के लिए चर्चा का केंद्र बनी हुई है। सीरीज में 'अरुण' का किरदार निभाने वाले अभिनेता सिद्धार्थ शॉ को जहां एक तरफ सराहना मिल रही है, वहीं दूसरी तरफ उनके नकारात्मक किरदार की वजह से उन्हें सोशल मीडिया पर भारी नफरत और धमकियों का सामना करना पड़ रहा है।

सिद्धार्थ शॉ ने सीरीज में दिव्या दत्ता (कमलेश) के देवर का किरदार निभाया है, जिसकी कहानी मैरिटल रेप (वैवाहिक बलात्कार) जैसे गंभीर मुद्दे के इर्द-गिर्द घूमती है।

'नीले ड्रम' में बंद करने की धमकी और मेरठ हत्याकांड का जिक्र

सिद्धार्थ शॉ ने हाल ही में एक इंटरव्यू में खुलासा किया कि उन्हें ऑनलाइन धमकियां मिल रही हैं। उन्होंने बताया कि कुछ लोग उन्हें 'नीले ड्रम' में बंद करने की बात कह रहे हैं। यह धमकी मार्च 2025 में मेरठ में हुए उस चर्चित हत्याकांड की ओर इशारा करती है, जिसमें एक शव नीले प्लास्टिक के ड्रम में मिला था।

सिद्धार्थ ने इस नफरत पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा:

"लोग मुझे नीले ड्रम में बंद करना चाहते हैं। अगर मुझे इतनी नफरत मिल रही है, तो इसका मतलब है कि मैंने अपना काम अच्छे से किया है। यह नफरत मेरे लिए दर्शकों के प्यार जैसा ही है, क्योंकि मेरा किरदार उन्हें प्रभावित करने में सफल रहा।"

मैरिटल रेप पर आधारित है 'चिरैया' की कहानी

शशांत शाह द्वारा निर्देशित 6 एपिसोड की यह सीरीज एक ड्रामा थ्रिलर है। इसमें सिद्धार्थ शॉ (अरुण) और प्रसन्ना बिष्ट (पूजा) की नई शादी दिखाई गई है। सीरीज मुख्य रूप से इस बात पर सवाल उठाती है कि पति द्वारा पत्नी की सहमति के बिना संबंध बनाना किस तरह एक गंभीर अपराध है। सिद्धार्थ के किरदार को जिस तरह निगेटिव शेड्स में दिखाया गया है, उसने दर्शकों, विशेषकर महिलाओं के बीच काफी गुस्सा पैदा किया है।

शूटिंग के दौरान आए पैनिक अटैक

विषय की संवेदनशीलता और किरदार की गहराई का असर खुद अभिनेता पर भी पड़ा। सिद्धार्थ ने बताया कि:

कई मुश्किल दृश्यों को शूट करते समय उन्हें पैनिक अटैक का सामना करना पड़ा।

शूटिंग के पहले दिन वह सेट पर ही रो पड़े थे।

पुरुष समुदाय की ओर से उन्हें ईमेल और रील के जरिए गालियां भी मिल रही हैं, जिसमें आरोप लगाया गया है कि सीरीज पुरुषों की छवि खराब कर रही है।

सिद्धार्थ शॉ का नजरिया

सिद्धार्थ का मानना है कि एक कलाकार के रूप में उनकी जीत तभी है जब उनका किरदार लोगों के मन में भावनाएं पैदा कर सके, चाहे वे भावनाएं नफरत की ही क्यों न हों। दिव्या दत्ता की इस सीरीज ने समाज के उस छुपे हुए पहलू पर कड़ा प्रहार किया है जिस पर अक्सर बात नहीं की जाती।