SERE ट्रेनिंग: दुश्मन के इलाके में गिरे अमेरिकी पायलट कैसे बचाते हैं अपनी जान? जानें आत्मरक्षा की वो तकनीक जो मौत को भी मात दे दे
India News Live,Digital Desk : ईरान-अमेरिका युद्ध के 36वें दिन एक F-15E स्ट्राइक ईगल के मार गिराए जाने के बाद पूरी दुनिया की नजरें उस लापता अमेरिकी पायलट पर टिकी हैं, जो इस समय ईरानी सरजमीं पर कहीं छिपा हुआ है। ऐसी विषम परिस्थितियों के लिए अमेरिकी वायुसेना अपने पायलटों को एक बेहद कठिन और विशेष प्रशिक्षण देती है, जिसे SERE (Survival, Evasion, Resistance, and Escape) कहा जाता है।
आइए समझते हैं कि यह ट्रेनिंग क्या है और एक लड़ाकू पायलट दुश्मन के इलाके में अपनी जान कैसे बचाता है।
क्या है SERE ट्रेनिंग?
SERE का पूरा नाम Survival (उत्तरजीविता), Evasion (बचाव), Resistance (प्रतिरोध) और Escape (पलायन) है। यह अमेरिकी रक्षा विभाग का एक उच्च-स्तरीय कार्यक्रम है जो पायलटों को दुश्मन के कब्जे वाले क्षेत्र में जीवित रहने के लिए तैयार करता है।
1. Survival (उत्तरजीविता)
विमान से इजेक्ट (बाहर निकलने) के बाद सबसे पहली चुनौती जिंदा रहना है। पायलट के पास एक 'सर्वाइवल किट' होती है जिसमें:
सीमित भोजन (हाई-कैलोरी बार्स) और पानी शुद्ध करने की गोलियां।
प्राथमिक चिकित्सा किट (First Aid) चोटों के इलाज के लिए।
चाकू, आग जलाने के उपकरण और विषम मौसम से बचने के लिए छोटा टेंट या कंबल।
2. Evasion (बचाव/बचना)
जमीन पर उतरते ही पायलट का मुख्य लक्ष्य दुश्मन की नजरों से ओझल होना होता है।
रणनीति: पायलट को आबादी वाले इलाकों से दूर, घने जंगलों या ऊबड़-खाबड़ पहाड़ों में छिपने का प्रशिक्षण दिया जाता है।
मूवमेंट: वे आमतौर पर रात के अंधेरे में सफर करते हैं और दिन में छिपते हैं। वे रडार और थर्मल कैमरों से बचने के लिए विशेष तकनीकों का उपयोग करते हैं।
3. Resistance (प्रतिरोध)
यदि पायलट दुश्मन द्वारा पकड़ा जाता है, तो असली परीक्षा शुरू होती है।
पूछताछ से निपटना: पायलटों को सिखाया जाता है कि वे पूछताछ (Interrogation) के दौरान केवल अपना नाम, रैंक और सर्विस नंबर ही बताएं।
मानसिक मजबूती: उन्हें शारीरिक यातना और मनोवैज्ञानिक दबाव को झेलने के लिए प्रशिक्षित किया जाता है ताकि वे देश की गुप्त जानकारी उजागर न करें।
4. Escape (पलायन/भाग निकलना)
यह अंतिम चरण है। यदि अवसर मिले, तो पायलट को बंदी गृह से भागने और अपनी सेना के सुरक्षित क्षेत्र तक पहुंचने की योजना बनानी होती है।
कैसे होता है 'रेस्क्यू' (बचाव अभियान)?
पायलट के पास एक 'कॉम्बैट सर्वाइवल रेडियो' होता है जो एन्क्रिप्टेड सिग्नल भेजता है। अमेरिकी केंद्रीय कमान (CENTCOM) इराक और सीरिया जैसे पड़ोसी देशों में CSAR (Combat Search and Rescue) टास्क फोर्स तैनात रखती है।
जैसे ही रेडियो सिग्नल मिलता है, 'ब्लैक हॉक' या 'पेव हॉक' जैसे विशेष हेलीकॉप्टर लड़ाकू विमानों की सुरक्षा के बीच दुश्मन के इलाके में प्रवेश करते हैं और पायलट को सुरक्षित उठा (Extract) लेते हैं।