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October 01 2026 08:23 pm

52 वीक लो से संभला सेंसेक्स, निचले स्तर से 600 अंक रिकवर होकर भी लाल निशान में क्लोजिंग

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सप्ताह के चौथे कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार में भारी उठापटक और बिकवाली का बवंडर देखने को मिला। गुरुवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की लगातार बिकवाली, ऑटो सेक्टर के कमजोर आंकड़ों और वैश्विक तनाव के चलते दोपहर 2 बजे तक बाजार पूरी तरह क्रैश हो गया। इस तेज गिरावट के दौरान बीएसई सेंसेक्स 1,200 अंक से ज्यादा टूटकर 71,292.88 अंक के स्तर पर फिसल गया, जो इसके 52 हफ्ते का नया निचला स्तर (52-Week Low) दर्ज किया गया। वहीं निफ्टी भी 400 अंक तक फिसलकर 22,200 के स्तर पर पहुंच गया था।

हालांकि, कारोबार के आखिरी घंटों (दोपहर 3 बजे के बाद) में बाजार ने अचानक 'यू-टर्न' लिया और निचले स्तरों से जोरदार खरीदारी लौटी। निचले स्तर से 600 से अधिक अंकों की इस तेज रिकवरी के बावजूद दोनों प्रमुख बेंचमार्क इंडेक्स दिन का अंत हरे निशान में करने में नाकाम रहे और लाल निशान में बंद हुए।

बाजार में आखिरी घंटों का खेल: 52 वीक लो से कैसे संभला सेंसेक्स?

दिन के शुरुआती सत्र में चौतरफा बिकवाली के बाद दोपहर 1 बजे से 2 बजे के बीच स्थिति बेहद नाजुक हो गई थी:

10 लाख करोड़ से ज्यादा का नुकसान: दिन के निचले स्तरों पर बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल मार्केट कैप भारी गिरावट के साथ घट गया, जिससे निवेशकों को लगभग 10 लाख करोड़ रुपये का तात्कालिक झटका लगा।

निचले स्तरों पर वैल्यू बाइंग: 71,300 के आसपास जैसे ही सेंसेक्स ने अपने 52-सप्ताह के न्यूनतम स्तर को छुआ, आईटी और चुनिंदा हैवीवेट शेयरों (इंफोसिस, टीसीएस, एचसीएल टेक) में घरेलू फंड्स और शॉर्ट-कवरिंग के चलते जोरदार लिवाली देखी गई।

यू-टर्न और क्लोजिंग आंकड़े: अंतिम सत्र में सेंसेक्स निचले स्तर से करीब 616 अंक सुधरा और कारोबार के अंत में 570.59 अंक (-0.79%) के नुकसान के साथ 71,909.70 पर बंद हुआ। वहीं एनएसई निफ्टी 50 निचले स्तरों से 200 अंक से अधिक सुधरकर 198.50 अंक (-0.88%) टूटकर 22,421.95 पर बंद हुआ।

शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांकों का हाल

सूचकांकदिन का निचला स्तर (Low)क्लोजिंग स्तरदिन का बदलाव (अंक / %)
BSE Sensex71,292.88 (52 Wk Low)71,909.70-570.59 (-0.79%)
NSE Nifty 50~22,200.0022,421.95-198.50 (-0.88%)
BSE Bankexदिनभर दबाव में रहा61,356.13-369.12 (-0.60%)
BSE IT Indexनिचले स्तरों से उछला34,142.75+554.28 (+1.65%)

गिरावट की बड़ी वजहें: ऑटो सेक्टर में भूचाल और FII की बिकवाली

बाजार के जानकारों के अनुसार, आज के क्रैश और उतार-चढ़ाव के पीछे प्रमुख कारण रहे:

ऑटो बिक्री आंकड़ों से झटका: सितंबर माह के वाहन बिक्री आंकड़ों में घरेलू मांग कमजोर रहने के कारण ऑटो शेयरों में भारी बिकवाली हुई। बजाज ऑटो करीब 9% तक क्रैश हुआ, जबकि महिंद्रा एंड महिंद्रा और मारुति सुजुकी में 3% से 5% की गिरावट देखी गई।

विदेशी निवेशकों (FII) का आउटफ्लो: विदेशी संस्थागत निवेशकों द्वारा भारतीय इक्विटी से लगातार फंड्स निकाले जा रहे हैं। अकेले सितंबर के अंतिम कारोबारी सत्रों में FIIs ने 10,000 करोड़ रुपये से अधिक की शुद्ध बिकवाली की थी, जिससे सेंटिमेंट कमजोर बना हुआ है।

कच्चा तेल और बॉन्ड यील्ड: पश्चिम एशिया में तनाव के चलते ब्रेंट क्रूड $98 प्रति बैरल के आसपास बना हुआ है, जबकि अमेरिकी 10-वर्षीय बॉन्ड यील्ड 5.3% के ऊपर रहने से जोखिम वाली संपत्तियों पर दबाव बना हुआ है।

आगे के लिए क्या हैं तकनीकी संकेत?

मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक, दिन के निचले स्तर (52-वीक लो) से आई रिकवरी यह दर्शाती है कि घरेलू संस्थागत निवेशक (DII) निचले स्तरों पर खरीदारी के लिए तैयार हैं। निफ्टी के लिए 22,200 का स्तर मजबूत सपोर्ट के रूप में काम कर रहा है, जबकि ऊपर की ओर 22,600-22,700 का दायरा तत्काल रेजिस्टेंस बना हुआ है। निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे अत्यधिक अस्थिरता को देखते हुए आक्रामक लीवरेज्ड ट्रेडिंग से बचें और केवल मजबूत बुनियादी ढांचे वाली लार्ज-कैप कंपनियों पर ही फोकस रखें।