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August 14 2026 03:30 am

बजट 2026 से पहले रियल एस्टेट सेक्टर की बड़ी उम्मीदें, घर खरीदारों और डेवलपर्स की नजर सरकार के फैसलों पर

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India News Live,Digital Desk : केंद्रीय बजट 2026 से पहले रियल एस्टेट सेक्टर में काफी उत्साह है। पिछले कुछ वर्षों में आवास की मांग में सुधार हुआ है, लेकिन बढ़ती ब्याज दरें, निर्माण लागत और मुद्रास्फीति ने भी इस क्षेत्र पर दबाव डाला है। परिणामस्वरूप, रियल एस्टेट उद्योग अब सरकार से ऐसे नीतिगत निर्णयों की अपेक्षा कर रहा है जो घर खरीदारों का विश्वास मजबूत करेंगे और डेवलपर्स के लिए स्थिर विकास का मार्ग प्रशस्त करेंगे।

इस क्षेत्र की प्रमुख मांगों में गृह ऋणों पर कर छूट बढ़ाना, किफायती आवास को प्राथमिकता देना, बुनियादी ढांचे पर खर्च बढ़ाना, कर संरचना को सरल बनाना, निर्माण पर जीएसटी कम करना और आवास को आवश्यक बुनियादी ढांचे के रूप में मान्यता देना शामिल है।

गृह ऋण पर कर छूट बढ़ाने से खरीदारी में वृद्धि होगी।

रियल एस्टेट विशेषज्ञों का मानना ​​है कि मध्यम वर्ग के लिए होम लोन की EMI सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है। यदि बजट 2026 में होम लोन पर ब्याज और मूलधन पर कर छूट की सीमा बढ़ाई जाती है, तो बड़ी संख्या में ग्राहक बाजार में वापसी कर सकते हैं।

काउंटी ग्रुप के निदेशक अमित मोदी का कहना है कि रियल एस्टेट क्षेत्र देश की अर्थव्यवस्था का एक मजबूत स्तंभ है और जीडीपी में इसका महत्वपूर्ण योगदान है। इस क्षेत्र को उम्मीद है कि बजट 2026 में लंबे समय से चली आ रही मांगों को पूरा किया जाएगा और सब्सिडी के बजाय स्पष्ट और स्थिर नीतियों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। पिछले दो वर्षों में, 2 करोड़ रुपये (लगभग 20 मिलियन डॉलर) से अधिक मूल्य के घरों की मांग मजबूत रही है, क्योंकि खरीदार घरों को खर्च के बजाय दीर्घकालिक निवेश के रूप में देख रहे हैं। इस क्षेत्र को अब कर व्यवस्था, विशेष रूप से पूंजीगत लाभ और सूचकांक के संबंध में स्पष्टता की आवश्यकता है। नियमों में स्थिरता से डेवलपर्स को बेहतर और बड़ी परियोजनाओं की योजना बनाने में मदद मिलेगी। बजट 2026 भारत के लग्जरी हाउसिंग बाजार को एक विश्वसनीय निवेश विकल्प के रूप में और मजबूत करने का अवसर प्रदान करता है।

बुनियादी ढांचे पर होने वाला खर्च रियल एस्टेट परिदृश्य को बदल देगा। 

पिछले कुछ वर्षों में एक्सप्रेसवे, मेट्रो और हवाई अड्डों जैसी परियोजनाओं ने रियल एस्टेट परिदृश्य को पूरी तरह बदल दिया है। इस क्षेत्र को उम्मीद है कि बजट 2026 में बुनियादी ढांचे पर खर्च में और वृद्धि होगी। मिगसन ग्रुप के एमडी यश मिगलानी का कहना है कि आवास क्षेत्र ने हाल के वर्षों में मजबूती दिखाई है, लेकिन भविष्य की वृद्धि नीतियों पर निर्भर करेगी।

बजट 2026 में कर कटौती की सीमा बढ़ाने और आय संबंधी आवश्यकताओं को वर्तमान मकान कीमतों के अनुरूप करने की उम्मीद है, जिससे घर खरीदना आसान हो जाएगा। सकारात्मक ब्याज दर के संकेत खरीदारों का आत्मविश्वास बनाए रखेंगे। इसके अलावा, सिंगल-विंडो क्लीयरेंस और बुनियादी ढांचे में निवेश से परियोजनाओं का समय पर पूरा होना और नए आवासीय क्षेत्रों का विकास सुनिश्चित होगा।

करों और शुल्कों में कमी से विश्वास बढ़ेगा

यह क्षेत्र लंबे समय से स्टांप शुल्क और जीएसटी में राहत की मांग कर रहा है। डेवलपर्स का मानना ​​है कि लेन-देन की लागत कम होने से बाजार को बढ़ावा मिलेगा। एसकेए ग्रुप के निदेशक संजय शर्मा का कहना है कि रियल एस्टेट क्षेत्र को केंद्रीय बजट 2026 से घर खरीदना अधिक किफायती बनाने के उपायों की उम्मीद है। स्टांप शुल्क को युक्तिसंगत बनाना और कर प्रक्रिया को सरल बनाना घर खरीदारों पर बोझ कम करेगा और उन्हें तेजी से निर्णय लेने में मदद करेगा। गृह ऋण पर जारी प्रोत्साहन से मांग बढ़ेगी और आवास क्षेत्र में स्थिर वृद्धि को समर्थन मिलेगा।

बजट 2026 में इस क्षेत्र को जीएसटी में राहत, सरल नियम और कार्यालय एवं खुदरा संपत्तियों के आधुनिकीकरण के लिए प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है। इससे निवेश, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। वहीं, अंसल हाउसिंग के निदेशक कुशाग्र अंसल का कहना है कि शहरों में किराये के आवास की मांग तेजी से बढ़ रही है। अगर बजट 2026 में किराये के आवास और व्यावसायिक स्थानों के लिए अलग-अलग प्रोत्साहन दिए जाते हैं, तो यह शहरी विकास की दिशा में एक बड़ा कदम होगा।