रानी मुखर्जी की मां कृष्णा मुखर्जी का 75 वर्ष की उम्र में निधन: बॉलीवुड में पसरा मातम, परिवार ने जारी किया भावुक बयान
हिंदी सिनेमा जगत से मंगलवार को एक बेहद हृदयविदारक और दुखद खबर सामने आई है। बॉलीवुड की शीर्ष और दिग्गज अभिनेत्रियों में शुमार रानी मुखर्जी (Rani Mukerji) और उनके समूचे परिवार पर दुखों का विशाल पहाड़ टूट पड़ा है। अभिनेत्री की पूजनीय मां और बंगाली सिनेमा की जानी-मानी पार्श्व गायिका (प्लेबैक सिंगर) श्रीमती कृष्णा मुखर्जी का 75 वर्ष की आयु में निधन हो गया है। उन्होंने मंगलवार, 22 सितंबर 2026 की दोपहर अपनी अंतिम सांस ली। इस दुखद घटना की पुष्टि खुद रानी मुखर्जी के परिवार ने एक औपचारिक और मार्मिक शोक संदेश जारी करके की है। अपनी मां के बेहद करीब रहने वाली रानी मुखर्जी इस असामयिक क्षति से पूरी तरह टूट गई हैं। जैसे ही कृष्णा मुखर्जी के इंतकाल की खबर फिल्म गलियारों में फैली, पूरे बॉलीवुड, बंगाली फिल्म उद्योग और उनके अनगिनत प्रशंसकों के बीच शोक की गहरी लहर दौड़ गई।
परिवार ने आधिकारिक बयान जारी कर की निधन की पुष्टि: दुख की इस घड़ी में एकांत की भावुक अपील
मुखर्जी परिवार की ओर से मीडिया और शुभचिंतकों के लिए जारी किए गए आधिकारिक बयान में अत्यधिक भारी मन से इस अपूरणीय क्षति की जानकारी साझा की गई। परिवार के प्रवक्ता द्वारा जारी बयान में कहा गया कि हम सभी को बेहद भारी मन से यह सूचित करना पड़ रहा है कि रानी मुखर्जी की प्रिय मां श्रीमती कृष्णा मुखर्जी (75 वर्ष) का आज दोपहर स्वर्गवास हो गया है। वे प्रभु के चरणों में विलीन हो गई हैं। बयान में आगे कहा गया कि इस अत्यंत कठिन, दर्दनाक और भावनात्मक समय में परिवार आप सभी के अपार स्नेह, निरंतर प्रार्थनाओं और आत्मीय समर्थन के लिए तहे दिल से आभारी है। इसके साथ ही परिवार ने इस गहरे व्यक्तिगत शोक के क्षणों में अपनी निजता (प्राइवेसी) और एकांत बनाए रखने की विनम्र अपील की है ताकि वे इस असहनीय सदमे से उबर सकें और शांतिपूर्वक अंतिम संस्कार की रस्में पूरी कर सकें।
बंगाली सिनेमा की मशहूर पार्श्व गायिका थीं कृष्णा मुखर्जी: 'तीसरी आंख' के गाने से पाई थी शोहरत
श्रीमती कृष्णा मुखर्जी केवल एक सुपरस्टार अभिनेत्री की मां ही नहीं थीं, बल्कि कला और संगीत की दुनिया में उनकी अपनी एक स्वतंत्र और प्रतिष्ठित पहचान थी। वे बंगाली फिल्म उद्योग की एक अत्यंत सम्मानित और प्रतिभाशाली पार्श्व गायिका रह चुकी थीं। उन्होंने कई लोकप्रिय बंगाली गीतों को अपनी सुरीली आवाज से सजाया था। हिंदी सिनेमा में भी उनके गायन का जादू देखने को मिला था। साल 1982 में रिलीज हुई धर्मेंद्र और शत्रुघ्न सिन्हा स्टारर सुपरहिट फिल्म 'तीसरी आंख' में उन्होंने कव्वाली शैली के प्रसिद्ध गीत 'ईद के दिन गले मिल ले राजा' में अपनी आवाज दी थी। यह गीत उस दौर में चार्टबस्टर्स पर छाया रहा था और आज भी त्योहारों के मौके पर बड़े चाव से सुना जाता है। संगीत की गहरी समझ रखने वाली कृष्णा मुखर्जी ने अपने घर में हमेशा कला, सुरुचि और भारतीय संस्कृति का माहौल बनाए रखा, जिसने आगे चलकर रानी मुखर्जी के भीतर एक बेहतरीन कलाकार को जन्म दिया।
रानी को फिल्मों में लाने वाली भी मां थीं: पहले स्क्रीन टेस्ट को देखकर प्रोड्यूसर को दी थी अनोखी सलाह
रानी मुखर्जी के एक वैश्विक स्टार बनने की पूरी विकास यात्रा में उनकी मां कृष्णा मुखर्जी की भूमिका सबसे केंद्रीय और अनोखी रही है। वे परिवार में वह पहली इंसान थीं जिन्होंने रानी को अभिनय की दुनिया में कदम रखने के लिए प्रोत्साहित किया था, लेकिन साथ ही वे एक बेहद यथार्थवादी और निष्पक्ष आलोचक भी थीं। रानी मुखर्जी ने एक पुराने इंटरव्यू में अपनी मां से जुड़ा एक बेहद दिलचस्प और यादगार किस्सा साझा किया था। रानी ने बताया था कि उनकी मां का साफ मानना था कि तुम फिल्मों में शुरुआत करो और फिर देखते हैं कि आगे क्या होता है। लेकिन जब रानी मुखर्जी ने अपनी डेब्यू फिल्म के लिए पहला स्क्रीन टेस्ट दिया, तो उनकी मां ने मॉनिटर पर उनकी कच्ची अदाकारी देखकर फिल्म के निर्माता को एक चौंकाने वाली सलाह दे डाली थी। कृष्णा मुखर्जी ने तुरंत प्रोड्यूसर से कहा था कि मुझे लगता है कि मेरी बेटी को फिल्म में कास्ट करके आप अपनी पूरी मूवी खराब कर लेंगे।
'मेरी मां जानती थीं कि मैं अच्छी एक्ट्रेस नहीं थी': ईमानदारी और सच्चाई की मिसाल थीं कृष्णा मुखर्जी
रानी मुखर्जी ने उस घटना को याद करते हुए मुस्कुराते हुए बताया था कि मेरी मां ने सीधे प्रोड्यूसर से कह दिया था कि आपका भारी नुकसान हो जाएगा, इसलिए बेहतर यही होगा कि आप इसको फिल्म में मत लीजिए। मशहूर फिल्म निर्माता सलीम अंकल (सलीम अख्तर), जो उस समय रानी को लॉन्च कर रहे थे, वे रानी को ही मुख्य भूमिका में लेना चाहते थे। लेकिन रानी की मां इतनी समझदार, तीक्ष्ण और व्यावहारिक थीं कि उन्हें तुरंत समझ आ गया था कि उनकी बेटी उस समय एक मंझी हुई अभिनेत्री की तरह परफॉर्म नहीं कर पा रही थी। यह किस्सा इस बात का जीवंत प्रमाण है कि कृष्णा मुखर्जी अपनी बेटी के प्रति अंधी ममता रखने के बजाय हमेशा सच का आईना दिखाती थीं। बाद में जब रानी ने अपनी मेहनत और लगन से अभिनय के शिखर को छुआ, तो कृष्णा मुखर्जी ही उनकी सबसे बड़ी मार्गदर्शक, सपोर्ट सिस्टम और ताकत बनी रहीं।
मां-बेटी का अटूट और गहरा रिश्ता: हर मोड़ पर रानी की सबसे मजबूत ढाल बनी रहीं कृष्णा जी
रानी मुखर्जी और उनकी मां का रिश्ता बॉलीवुड के सबसे खूबसूरत और आत्मीय मां-बेटी के रिश्तों में गिना जाता था। रानी ने अपने करियर के हर अहम पड़ाव, चाहे वह कोई बड़ा फिल्म फेयर अवॉर्ड जीतना हो, यशराज फिल्म्स के प्रमुख आदित्य चोपड़ा के साथ विवाह बंधन में बंधना हो, या फिर बेटी आदिरा का जन्म हो, अपनी मां के आशीर्वाद को सर्वोपरि रखा। कृष्णा मुखर्जी अक्सर सार्वजनिक कार्यक्रमों, पारिवारिक दुर्गा पूजा पंडालों और फिल्मी आयोजनों में रानी के साथ गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराती थीं। उनके निधन से मुखर्जी परिवार में एक ऐसा शून्य पैदा हो गया है जिसकी भरपाई कभी नहीं हो सकती। अमिताभ बच्चन, काजोल, करण जौहर, शाहरुख खान सहित बॉलीवुड की तमाम हस्तियों ने कृष्णा मुखर्जी के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की है।