प्रीति जिंटा के 'भरोसे' ने केएल राहुल को बनाया जीरो से हीरो, टेस्ट स्पेशलिस्ट से 'IPL किंग' बनने की कहानी
India News Live,Digital Desk : क्रिकेट की दुनिया में अक्सर कहा जाता है कि एक खिलाड़ी की किस्मत बदलने के लिए सिर्फ एक अच्छे सीजन या एक सही मौके की तलाश होती है। केएल राहुल के मामले में यह मौका साल 2018 में आया, जब पंजाब किंग्स (तब किंग्स XI पंजाब) की सह-मालिक प्रीति जिंटा ने उन पर दांव लगाकर हर किसी को हैरान कर दिया था। आज राहुल आईपीएल इतिहास के सबसे निरंतर और सफल बल्लेबाजों में से एक हैं, लेकिन 'जीरो से हीरो' तक का यह सफर कांटों भरा रहा है।
आरसीबी से शुरुआत और 'टेस्ट स्पेशलिस्ट' का टैग
केएल राहुल का आईपीएल सफर 2013 में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के साथ शुरू हुआ था, जहाँ उन्हें महज 10 लाख रुपये में खरीदा गया था। 2013 से 2015 के बीच वह आरसीबी और सनराइजर्स हैदराबाद के लिए खेले, लेकिन प्रदर्शन ऐसा नहीं था कि कोई उन्हें टी20 का स्टार माने।
टेस्ट का ठप्पा: उस दौरान राहुल टेस्ट क्रिकेट में सिडनी और किंगस्टन जैसे मैदानों पर शतक जड़ रहे थे। उनकी तकनीक इतनी सटीक थी कि उन पर 'टेस्ट स्पेशलिस्ट' का लेबल लग गया।
चोट का झटका: 2016 में उन्होंने आरसीबी के लिए 397 रन बनाकर अपनी काबिलियत दिखाई, लेकिन 2017 में कंधे की चोट ने उन्हें पूरे सीजन से बाहर कर दिया। कई लोगों को लगा कि राहुल का टी20 करियर अब खत्म होने की कगार पर है।
2018 की नीलामी और प्रीति जिंटा का 'मास्टरस्ट्रोक'
साल 2018 की नीलामी में जब पंजाब किंग्स ने राहुल को 11 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि में खरीदा, तो क्रिकेट जगत में प्रीति जिंटा की काफी आलोचना हुई। आलोचकों का तर्क था कि एक टेस्ट खिलाड़ी पर इतनी बड़ी रकम खर्च करना 'बेवकूफी' है। लेकिन प्रीति जिंटा ने राहुल की प्रतिभा पर भरोसा दिखाया, जो आगे चलकर पंजाब के लिए वरदान साबित हुआ।
आलोचकों का मुंहतोड़ जवाब: 14 गेंदों पर अर्धशतक
पंजाब के लिए अपने पहले ही मैच में राहुल ने दिल्ली के खिलाफ महज 14 गेंदों पर अर्धशतक जड़कर इतिहास रच दिया। यह उस समय आईपीएल का सबसे तेज अर्धशतक था। इस एक पारी ने बता दिया कि राहुल केवल तकनीक के धनी नहीं हैं, बल्कि उनके पास टी20 की आक्रामकता भी है।
2018 से राहुल का 'स्वर्ण युग'
2018 के बाद से राहुल ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। वह न केवल पंजाब के कप्तान बने, बल्कि बाद में लखनऊ सुपर जाएंट्स (LSG) के नेतृत्व की जिम्मेदारी भी संभाली।
कंसिस्टेंसी: 2018 से 2025 के बीच राहुल ने लगभग हर सीजन में 500+ रन बनाए।
स्ट्राइक रेट में सुधार: अक्सर उनके स्ट्राइक रेट पर सवाल उठते थे, लेकिन आईपीएल 2026 के मौजूदा सीजन में वह 185.84 के स्ट्राइक रेट के साथ 433 रन बनाकर सबका मुंह बंद कर चुके हैं।