NSE IPO Update: 15 जून तक ड्राफ्ट पेपर दाखिल करने की तैयारी, बड़े शेयरधारकों में मची हिस्सा बेचने की होड़
India News Live, Digital Desk: भारत के सबसे बड़े स्टॉक एक्सचेंज, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के बहुप्रतीक्षित आईपीओ (IPO) को लेकर एक बड़ी खबर सामने आ रही है। लंबे समय से नियामकीय बाधाओं में फंसे इस मेगा आईपीओ के लिए एनएसई ने अपनी तैयारी तेज कर दी है। ताजा रिपोर्ट्स के अनुसार, एक्सचेंज की योजना 15 जून तक बाजार नियामक सेबी (SEBI) के पास आईपीओ के लिए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) दाखिल करने की है।
बड़े हितधारकों की एग्जिट योजना
एनएसई के आईपीओ की सुगबुगाहट के बीच इसके मौजूदा बड़े शेयरधारकों में अपना हिस्सा बेचने की हलचल बढ़ गई है। चूंकि यह आईपीओ मुख्य रूप से ऑफर फॉर सेल (OFS) आधारित होने की संभावना है, इसलिए कई बैंक और वित्तीय संस्थान, जो एक्सचेंज में बड़ी हिस्सेदारी रखते हैं, इस मौके का फायदा उठाकर अपनी होल्डिंग्स को भुनाने की तैयारी में हैं। सूत्रों के मुताबिक, पिछले कुछ हफ्तों में 'अनलिस्टेड मार्केट' (Unlisted Market) में भी एनएसई के शेयरों की मांग और कीमतों में भारी उछाल देखा गया है।
सेबी की मंजूरी का इंतजार
एनएसई के आईपीओ का रास्ता काफी हद तक सेबी की हरी झंडी पर निर्भर है। पिछले कुछ वर्षों में एक्सचेंज कई कानूनी और तकनीकी विवादों (जैसे को-लोकेशन मामला) से घिरा रहा है, जिसके कारण सेबी ने इसके आईपीओ पर रोक लगा दी थी। हालांकि, अब एक्सचेंज ने अपनी गवर्नेंस और तकनीकी ढांचे में बड़े सुधार किए हैं, जिससे उम्मीद जताई जा रही है कि इस बार उसे आईपीओ लाने की अनुमति मिल जाएगी।
निवेशकों के लिए क्यों खास है यह IPO?
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज न केवल भारत बल्कि दुनिया के सबसे बड़े डेरिवेटिव एक्सचेंजों में से एक है। इसकी वित्तीय स्थिति बेहद मजबूत है और ट्रेडिंग वॉल्यूम में यह लगातार नए रिकॉर्ड बना रहा है। मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर यह आईपीओ बाजार में आता है, तो यह भारतीय शेयर बाजार के इतिहास के सबसे बड़े और सबसे सफल लिस्टिंग में से एक हो सकता है। रिटेल निवेशकों से लेकर संस्थागत निवेशकों (FII/DII) तक, सभी की नजरें इसकी लिस्टिंग पर टिकी हैं।
जून के मध्य तक आ सकती है स्पष्टता
एनएसई मैनेजमेंट फिलहाल सेबी के साथ लगातार संपर्क में है ताकि 15 जून की समयसीमा तक ड्राफ्ट पेपर्स जमा किए जा सकें। यदि सब कुछ योजना के अनुसार रहा, तो 2026 की दूसरी छमाही में बाजार को एक बहुत बड़ा निवेश अवसर मिलेगा। फिलहाल, शेयरधारक अपनी हिस्सेदारी बेचने के लिए मूल्यांकन (Valuation) और बाजार की स्थितियों का बारीकी से अध्ययन कर रहे हैं।