अब पेट्रोल की जगह 'अल्कोहल' से दौड़ेंगी गाड़ियां, तेल संकट के बीच सरकार लाने जा रही E85 फ्यूल
India News Live,Digital Desk : वैश्विक स्तर पर अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में कच्चे तेल की आपूर्ति बाधित होने के बीच भारत सरकार ने ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। E20 (20% इथेनॉल) की देशव्यापी सफलता के बाद, अब सरकार E85 (85% इथेनॉल) ईंधन पेश करने की तैयारी में है। इसका सीधा मतलब यह है कि भविष्य में आपकी गाड़ियां पेट्रोल के बजाय मुख्य रूप से 'अल्कोहल' (इथेनॉल) पर चलेंगी।
क्या है E85 ईंधन और यह कैसे काम करेगा?
E85, जिसे 'फ्लेक्स फ्यूल' (Flex-Fuel) भी कहा जाता है, एक विशेष मिश्रण है जिसमें 85 प्रतिशत इथेनॉल और मात्र 15 प्रतिशत पेट्रोल होता है।
देसी ईंधन: इथेनॉल का उत्पादन भारत के किसान गन्ने, गेहूं और अन्य अनाज के अवशेषों से करते हैं।
फायदा: इससे कच्चे तेल के आयात पर खर्च होने वाली अरबों डॉलर की विदेशी मुद्रा बचेगी और किसानों की आय में भारी इजाफा होगा। यह पर्यावरण के लिए भी पेट्रोल के मुकाबले कहीं अधिक स्वच्छ है।
सरकार की तैयारी: जल्द जारी होगा नियमों का मसौदा
मीडिया रिपोर्ट्स (The Hindu और ET Now) के अनुसार, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने E85 ईंधन के नियमों का मसौदा तैयार कर लिया है।
अनिवार्यता: 1 अप्रैल 2026 से देश के सभी राज्यों में E20 पेट्रोल की बिक्री पहले ही अनिवार्य की जा चुकी है।
नई श्रेणी: अब E85 को एक अलग 'ईंधन श्रेणी' के रूप में लॉन्च किया जाएगा, जिसके लिए पेट्रोल पंपों पर अलग नोजल और स्टोरेज की व्यवस्था की जाएगी।
पुरानी कारों के लिए चेतावनी: सामान्य इंजन में न डालें E85
इस नई तकनीक के साथ एक महत्वपूर्ण तकनीकी चुनौती भी जुड़ी है। आप अपनी वर्तमान पुरानी या सामान्य कार में E85 ईंधन का उपयोग नहीं कर पाएंगे।
इंजन को नुकसान: सामान्य इंजन (Non-Flex Engine) में 85% अल्कोहल डालने से इंजन के आंतरिक हिस्सों में जंग लग सकती है। इसके रबर पाइप, सील और प्लास्टिक पार्ट्स गल सकते हैं क्योंकि अल्कोहल एक शक्तिशाली विलायक (Solvent) है।
फ्लेक्स-फ्यूल इंजन: इसके लिए ऑटो कंपनियों को विशेष 'फ्लेक्स-फ्यूल' वाहन बनाने होंगे, जिनके इंजन और फ्यूल सिस्टम को अल्कोहल के अनुसार डिजाइन किया जाता है। आने वाले कुछ वर्षों में मारुति, टोयोटा और टाटा जैसी कंपनियां अपनी फ्लेक्स-फ्यूल कारें बड़े पैमाने पर सड़कों पर उतारने वाली हैं।