बंगाल चुनाव में वोटिंग से पहले NIA का एक्शन: बमबाजी की साजिश नाकाम करने के लिए चुनाव आयोग ने उठाया सख्त कदम
India News Live,Digital Desk : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे और अंतिम चरण के मतदान (29 अप्रैल) के ठीक पहले प्रदेश में राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण यानी NIA (National Investigation Agency) की धमक सुनाई दे रही है। चुनाव आयोग (EC) ने एक असाधारण फैसला लेते हुए अंतिम दौर की वोटिंग से पहले एनआईए को सक्रिय किया है। यह कदम राज्य के कुछ संवेदनशील इलाकों में बड़े पैमाने पर देसी बमों की बरामदगी और छिटपुट हिंसा की खबरों के बाद उठाया गया है, ताकि मतदान के दिन किसी भी बड़ी साजिश को नाकाम किया जा सके।
क्यों पड़ी NIA की जरूरत?
चुनाव आयोग के अधिकारियों के अनुसार, यह फैसला मतदान प्रक्रिया को 'बम मुक्त' और सुरक्षित बनाने के लिए लिया गया है। हाल ही में दक्षिण 24 परगना जिले के भांगड़ में एक संदिग्ध ठिकाने से करीब 79 देसी बम बरामद किए गए थे। चूंकि बमों का इस्तेमाल चुनाव में बाधा डालने और राजनीतिक कार्यकर्ताओं को डराने के लिए किया जा सकता था, इसलिए इसकी गंभीरता को देखते हुए गृह मंत्रालय के निर्देश पर एनआईए ने जांच की कमान संभाल ली है।
चुनाव आयोग का सख्त निर्देश
आयोग ने एनआईए को विशेष रूप से यह सुनिश्चित करने को कहा है कि कोई भी शरारती तत्व विस्फोटक सामग्री का उपयोग न कर पाए। आयोग के निर्देश की मुख्य वजहें निम्नलिखित हैं:
बमों की बड़ी खेप: 26 अप्रैल को भांगड़ संभाग में भारी मात्रा में विस्फोटक मिलने से सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े हो गए थे।
हिंसा रोकने की रणनीति: पहले चरण (23 अप्रैल) के बाद आयोग किसी भी प्रकार की 'पोल-डे' या 'पोस्ट-पोल' हिंसा को रोकने के लिए जीरो टॉलरेंस की नीति अपना रहा है।
असामाजिक तत्वों पर शिकंजा: एनआईए की मौजूदगी से उन अपराधियों और मास्टरमाइंड्स पर दबाव बनाना है जो पर्दे के पीछे से हिंसा की योजना बुनते हैं।
जांच के घेरे में 'भांगड़' कांड
कोलकाता के उत्तर काशी पुलिस थाना में दर्ज मामले को अब एनआईए ने टेकओवर कर लिया है। एजेंसी इस बात की पड़ताल कर रही है कि इतनी बड़ी मात्रा में बम कहां से आए और इनका इस्तेमाल किन क्षेत्रों में करने की योजना थी। भांगड़ जैसे इलाकों को राजनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील माना जाता है, जहाँ अक्सर चुनावी हिंसा की खबरें आती रहती हैं।
सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजाम
बुधवार (29 अप्रैल) को बंगाल की 142 सीटों पर होने वाले अंतिम चरण के चुनाव के लिए सुरक्षा व्यवस्था को किले में तब्दील कर दिया गया है। केंद्रीय बलों (CAPF) की तैनाती के साथ-साथ अब एनआईए की निगरानी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि आयोग शांतिपूर्ण मतदान के लिए किसी भी स्तर तक जाने को तैयार है।