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May 02 2026 09:11 pm

NDMA Emergency Alert: क्या आपके फोन पर भी बजा तेज सायरन? घबराएं नहीं, जानें क्या था 'अत्यंत गंभीर चेतावनी' का सच

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India News Live,Digital Desk : आज, 2 मई 2026 को दोपहर लगभग 11:41 बजे देश के करोड़ों मोबाइल यूजर्स के फोन एक साथ तेज सायरन की आवाज के साथ वाइब्रेट होने लगे। फोन की स्क्रीन पर "अत्यंत गंभीर चेतावनी" (Extreme Severe Alert) का फ्लैश मैसेज देखकर कई लोग एक पल के लिए घबरा गए। सोशल मीडिया पर भी तुरंत इसकी चर्चा शुरू हो गई।

अगर आपके साथ भी ऐसा हुआ है, तो परेशान होने की जरूरत नहीं है। यह किसी वास्तविक खतरे का संकेत नहीं, बल्कि भारत सरकार की एक सुरक्षा तैयारी का हिस्सा था। आइए विस्तार से जानते हैं कि यह अलर्ट क्यों भेजा गया था।

क्या था इस अलर्ट का उद्देश्य?

यह 'आपातकालीन चेतावनी' राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) द्वारा किया गया एक 'सेल ब्रॉडकास्ट अलर्ट सिस्टम' (Cell Broadcast Alert System) का राष्ट्रव्यापी परीक्षण (Testing) था।

स्वदेशी तकनीक का परीक्षण: इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य भारत द्वारा विकसित स्वदेशी तकनीक का परीक्षण करना था, ताकि भूकंप, बाढ़ या सुनामी जैसी वास्तविक आपदाओं के दौरान नागरिकों को तत्काल और सटीक जानकारी दी जा सके।

सिस्टम की प्रभावशीलता: सरकार यह जांचना चाहती थी कि आपदा के समय एक साथ करोड़ों लोगों तक बिना किसी देरी के संदेश कैसे पहुंचाया जा सकता है।

फोन की स्क्रीन पर क्या लिखा था?

यूजर्स को मिले इस संदेश में स्पष्ट रूप से लिखा था कि यह भारत सरकार के दूरसंचार विभाग द्वारा आपदा प्रबंधन संस्थान के सहयोग से भेजा गया एक "नमूना परीक्षण संदेश" (Sample Testing Message) है। इसमें नागरिकों को यह भी बताया गया कि इस संदेश पर उन्हें किसी भी प्रकार की कार्रवाई करने की आवश्यकता नहीं है और यह केवल सिस्टम की जांच के लिए है।

किन इलाकों में किया गया यह परीक्षण?

NDMA के अनुसार, यह परीक्षण चरणबद्ध तरीके से आयोजित किया जा रहा है:

मुख्य क्षेत्र: दिल्ली-एनसीआर और सभी राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों की राजधानियों में यह अलर्ट जारी किया गया।

इन्हें रखा गया बाहर: सीमावर्ती क्षेत्रों और उन राज्यों को इस परीक्षण से फिलहाल बाहर रखा गया है जहाँ चुनाव होने वाले हैं, ताकि किसी भी प्रकार की भ्रम की स्थिति पैदा न हो।

सावधान रहें, घबराएं नहीं

यदि आपको यह अलर्ट मिला है, तो इसका मतलब है कि आपके फोन का नेटवर्क और ऑपरेटिंग सिस्टम सरकार की इस जीवन रक्षक प्रणाली से पूरी तरह जुड़ा हुआ है।

अफवाहों पर ध्यान न दें: यह एक रूटीन चेक था। कई राज्यों के आपदा प्रबंधन विभागों ने इसके बारे में पहले ही प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी थी।

अपनों को बताएं: अपने परिवार के सदस्यों और बुजुर्गों को इस बारे में सूचित करें ताकि अगली बार ऐसा होने पर वे भयभीत न हों।