आईपीएल 2026 के बीच क्रिकेट जगत में शोक: भारत की पहली टेस्ट जीत के अंतिम गवाह सीडी गोपीनाथ का निधन

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India News Live,Digital Desk : इंडियन प्रीमियर लीग (IPL 2026) के रोमांच के बीच भारतीय क्रिकेट जगत से एक अत्यंत दुखद खबर सामने आई है। पूर्व दिग्गज भारतीय क्रिकेटर चिंगलपुट दोराइकन्नू गोपीनाथ (सीडी गोपीनाथ) का 96 वर्ष की आयु में निधन हो गया है। उन्होंने चेन्नई के अड्यार स्थित अपनी बेटी के आवास पर अंतिम सांस ली।

सीडी गोपीनाथ केवल एक खिलाड़ी नहीं, बल्कि भारतीय क्रिकेट के उस स्वर्णिम इतिहास का हिस्सा थे, जिसने भारत को अंतरराष्ट्रीय पटल पर पहचान दिलाई। वे 1952 में इंग्लैंड के खिलाफ भारत की पहली टेस्ट जीत हासिल करने वाली टीम के अंतिम जीवित सदस्य थे। उनके निधन के साथ ही उस ऐतिहासिक युग का एक महत्वपूर्ण अध्याय समाप्त हो गया है।

शानदार करियर और ऐतिहासिक भूमिका

डेब्यू मैच: 1951-52 में इंग्लैंड के खिलाफ अपने पहले ही टेस्ट में उन्होंने नाबाद 50 और 42 रनों की शानदार पारियां खेलीं।

पहली टेस्ट जीत में योगदान: 1952 में चेन्नई में इंग्लैंड के खिलाफ भारत की पहली ऐतिहासिक जीत में गोपीनाथ ने 35 रन बनाए और विनू मांकड़ की गेंद पर ब्रायन स्टैथम का वह निर्णायक कैच लपका जिसने मैच का रुख मोड़ दिया था।

आंकड़े: उन्होंने अपने करियर में 8 टेस्ट मैच खेले। प्रथम श्रेणी क्रिकेट में उनका रिकॉर्ड बेमिसाल रहा, जहां उन्होंने 83 मैचों में 9 शतकों की मदद से 4,259 रन बनाए।

प्रशासनिक सेवा: संन्यास के बाद उन्होंने भारतीय टीम के चयनकर्ता (चयन समिति के अध्यक्ष) और टीम मैनेजर के रूप में भी अपनी सेवाएं दीं।

बीसीसीआई और क्रिकेट जगत ने दी श्रद्धांजलि

बीसीसीआई अध्यक्ष मिथुन मन्हास ने गोपीनाथ के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए उन्हें भारतीय क्रिकेट का अग्रदूत बताया।

"सी.डी. गोपीनाथ उस युग का प्रतिनिधित्व करते थे जब भारतीय क्रिकेट अपनी पहचान बनाना शुरू कर रहा था। चयन समिति के अध्यक्ष और टीम मैनेजर के रूप में खेल से उनका निरंतर जुड़ाव क्रिकेट के प्रति उनकी निष्ठा को दर्शाता है। हम उनके परिवार के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करते हैं।"

— मिथुन मन्हास, अध्यक्ष, BCCI

तमिलनाडु क्रिकेट एसोसिएशन (TNCA) ने भी उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि देते हुए लिखा कि उनकी विरासत खेल के इतिहास में हमेशा के लिए अंकित रहेगी।

भारतीय क्रिकेट के एक युग का अंत

सीडी गोपीनाथ का जाना न केवल एक पूर्व क्रिकेटर का जाना है, बल्कि उस पीढ़ी का अंत है जिसने विपरीत परिस्थितियों में भारतीय क्रिकेट की नींव रखी थी। उनके निधन पर वर्तमान और पूर्व क्रिकेटरों सहित देशभर के प्रशंसकों ने शोक व्यक्त किया है।