Major government initiative : वाहनों में V2V तकनीक से दुर्घटनाओं को टक्कर रोकने वाला सिस्टम

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India News Live,Digital Desk : भारत सरकार सड़क सुरक्षा को बेहतर बनाने के लिए एक नई तकनीक लागू करने की तैयारी कर रही है जो वाहनों को एक-दूसरे से सीधे बात करने (communication) में सक्षम बनाएगी। इस तकनीक से सड़क पर होने वाली टक्करों और बड़ी दुर्घटनाओं को कम करने में मदद मिलेगी। 

क्या है यह तकनीक?

यह तकनीक Vehicle-to-Vehicle (V2V) कम्युनिकेशन कहलाती है, जिसमें वाहन बीच में वायरलेस तरीके से डेटा साझा करते हैं। यानी गाड़ियाँ एक-दूसरे को वास्तविक समय में जानकारी भेजेंगी — जैसे:

गति (speed)

स्थान (location)

अचानक ब्रेकिंग

आसपास के वाहनों की स्थिति

इस डेटा के आधार पर दूसरी गाड़ी के ड्राइवर को तुरंत चेतावनी मिल जाती है और वह अपने वाहन को सुरक्षित तरीके से नियंत्रित कर सकता है। 

कैसे काम करेगा सिस्टम?

इस तकनीक के तहत प्रत्येक वाहन में एक छोटा ऑन-बोर्ड यूनिट (OBU) लगाया जाएगा। यह यूनिट आसपास मौजूद वाहनों से वायरलेस डेटा रिसीव/सेंड करेगा, बिना किसी मोबाइल नेटवर्क के — स्ट्रेट डायरेक्ट कम्युनिकेशन के रूप में। 

जब कोई वाहन अचानक ब्रेक लगाएगा, तो आसपास के वाहन पहले से ही सजग हो जायेंगे और ड्राइवर को अलर्ट भेजा जाएगा — इससे टेल-एंड दुर्घटनाओं और ब्लाइंड स्पॉट्स में टक्करों को रोकने में मदद मिलेगी। 

सरकार की तैयारी और लक्ष्य

इस तकनीक को भारत में 2026 के अंत तक लागू करने की योजना है। 

दूरसंचार विभाग ने इस तकनीक के लिए विशिष्ट स्पेक्ट्रम आवंटन के लिए सहमति दी है, जिसके तहत वाहनों के बीच वायरलेस डेटा साझा किया जाएगा। 

सरकार का लक्ष्य है सड़क दुर्घटनाओं और फेटलिटीज़ (मौतों) को कम से कम 50% तक घटाना। 

क्यों यह तकनीक महत्त्वपूर्ण है?

भारत में हर साल लाखों सड़क दुर्घटनाएँ होती हैं, जिनमें बहुत से हादसे ऐसे होते हैं जिनमें ड्राइवरों को घटना होने से पहले चेतावनी नहीं मिल पाती। V2V तकनीक ऐसे क्षणों में वायरलेस चोक-पॉइंट अलर्ट देगी, जिससे हादसों को पहले ही टाला जा सकता है।