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September 21 2026 08:00 pm

Janmashtami 2025 : 16 अगस्त को मनाया जाएगा भगवान कृष्ण का 5252वां जन्मोत्सव, जानें शुभ मुहूर्त और विशेष महत्व

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India News Live,Digital Desk : हिंदू धर्म में भगवान कृष्ण के जन्मोत्सव यानी जन्माष्टमी का विशेष महत्व है। यह पर्व हर साल भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को पूरे श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाता है। ज्योतिषाचार्य राधाकांत वत्स के अनुसार, वर्ष 2025 में भगवान कृष्ण का 5252वां जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया जाएगा। इस दिन भक्त, श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप की पूजा, व्रत और विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित करते हैं।

जन्माष्टमी 2025 की तिथि और समय
शास्त्रों के अनुसार, जन्माष्टमी तब मानी जाती है जब भाद्रपद कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि पर रोहिणी नक्षत्र का योग हो। यदि दोनों एक साथ न हों, तो अष्टमी की उदया तिथि को व्रत रखना श्रेष्ठ माना जाता है।
इस वर्ष अष्टमी तिथि 15 अगस्त को रात 11:49 बजे शुरू होकर 16 अगस्त को रात 9:34 बजे समाप्त होगी। चूंकि चंद्रोदय 16 अगस्त को रात 10:46 बजे होगा, इसलिए इस वर्ष कृष्ण जन्माष्टमी शनिवार, 16 अगस्त को मनाई जाएगी।

जन्माष्टमी 2025 के शुभ मुहूर्त

मध्यरात्रि नीति मुहूर्त: 16 अगस्त, रात 12:04 से 12:47 बजे तक – लड्डू गोपाल का जलाभिषेक और पंचामृत स्नान के लिए श्रेष्ठ।

ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:24 से 5:07 बजे तक – पवित्र स्नान और व्रत संकल्प के लिए उपयुक्त।

विजय मुहूर्त: दोपहर 2:37 से 3:30 बजे तक – विशेष अनुष्ठान और दान के लिए उत्तम समय।

गोधूलि मुहूर्त: शाम 7:00 से 7:22 बजे तक – संध्या पूजन और आरती के लिए शुभ।

जन्माष्टमी का महत्व
यह दिन भगवान विष्णु के आठवें अवतार, श्रीकृष्ण के जन्म की स्मृति में मनाया जाता है। भक्त उपवास रखते हैं, मंदिर सजाते हैं, भजन-कीर्तन करते हैं और आधी रात को श्रीकृष्ण के जन्म का उत्सव मनाते हैं। यह पर्व भक्ति, प्रेम और सत्य की जीत का संदेश देता है।