जियो-एयरटेल की उड़ेगी नींद! BSNL और वोडाफोन आइडिया (Vi) मिला रहे हाथ, टेलीकॉम जगत में मचेगा तहलका
India News Live,Digital Desk : भारतीय टेलीकॉम बाजार में एक बार फिर बड़े उलटफेर की आहट सुनाई दे रही है। रिलायंस जियो और भारती एयरटेल के बढ़ते दबदबे को चुनौती देने के लिए अब सरकारी कंपनी BSNL और निजी क्षेत्र की दिग्गज वोडाफोन आइडिया (Vi) ने हाथ मिलाने की तैयारी कर ली है। 'अमर उजाला' की रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों कंपनियों के बीच टावर, स्पेक्ट्रम और फाइबर शेयरिंग को लेकर हाई-लेवल बातचीत शुरू हो गई है। अगर यह डील परवान चढ़ती है, तो करोड़ों मोबाइल यूजर्स के लिए यह बड़ी खुशखबरी साबित हो सकती है।
स्पेक्ट्रम और टावर शेयरिंग पर बनी सहमति!
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, BSNL और Vi दोनों ही कंपनियां फिलहाल वित्तीय और नेटवर्क संबंधी चुनौतियों से जूझ रही हैं। ऐसे में लागत कम करने और नेटवर्क क्षमता बढ़ाने के लिए दोनों ने एक-दूसरे के संसाधनों का उपयोग करने का मन बनाया है। चर्चा है कि दोनों कंपनियां न केवल अपने मोबाइल टावर साझा करेंगी, बल्कि स्पेक्ट्रम और ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क को भी शेयर करने पर विचार कर रही हैं। इससे दोनों कंपनियों का कवरेज उन इलाकों में भी मजबूत हो जाएगा जहां अभी उनके सिग्नल कमजोर हैं।
5G रेस में बने रहने के लिए उठाया बड़ा कदम
जियो और एयरटेल ने देश के बड़े हिस्से में अपनी 5G सेवाएं पहुंचा दी हैं, जबकि BSNL और Vi इस दौड़ में काफी पीछे चल रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस साझेदारी का मुख्य उद्देश्य 5G कनेक्टिविटी को तेजी से लागू करना है। बुनियादी ढांचे को साझा करने से दोनों कंपनियों का खर्च (CAPEX) बचेगा, जिससे वे कम समय में ग्राहकों को हाई-स्पीड इंटरनेट सेवाएं दे सकेंगी। सरकार ने भी इस बात की पुष्टि की है कि दोनों कंपनियों के बीच सहयोग को लेकर चर्चा जारी है।
केंद्रीय मंत्री और संसदीय समिति का रुख
संचार और सूचना प्रौद्योगिकी से संबंधित संसदीय समिति ने दूरसंचार विभाग (DoT) से आग्रह किया है कि वह दोनों कंपनियों के बीच इस बातचीत में सहयोग करे। समिति का मानना है कि इस समझौते से ग्राहकों को बेहतर सेवाएं मिलेंगी और बाजार में प्रतिस्पर्धा बनी रहेगी। हालांकि, सरकार ने इस प्रक्रिया में सीधे हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया है। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया का कहना है कि व्यावसायिक हितों को देखते हुए अंतिम फैसला दोनों कंपनियों के प्रबंधन को ही लेना होगा।
जियो-एयरटेल के 'एकछत्र राज' को मिलेगी चुनौती?
वर्तमान में भारतीय बाजार में जियो पहले और एयरटेल दूसरे स्थान पर काबिज है। BSNL और Vi के ग्राहकों की संख्या में लगातार आ रही गिरावट इन दोनों दिग्गज कंपनियों के लिए फायदेमंद साबित हो रही थी। लेकिन अब BSNL और Vi के एक साथ आने से बाजार का समीकरण बदल सकता है। अगर ये दोनों कंपनियां मिलकर बेहतर नेटवर्क और किफायती प्लान पेश करती हैं, तो जियो और एयरटेल के लिए अपने ग्राहकों को बचाए रखना एक बड़ी चुनौती बन जाएगा।
ग्राहकों को क्या होगा फायदा?
इस संभावित समझौते का सीधा लाभ आम उपभोक्ताओं को मिलेगा। बेहतर नेटवर्क कवरेज के साथ-साथ कॉल ड्रॉप की समस्या से निजात मिल सकती है। साथ ही, बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ने से प्लान्स की कीमतों में भी कमी आने की संभावना है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि BSNL और Vi के यूजर्स को जल्द ही 5G सेवाओं का अनुभव मिल सकता है, जिसका वे लंबे समय से इंतजार कर रहे हैं।