सिर्फ वैभव और संजू ही नहीं, पहले T20I में कोच गंभीर के सामने बॉलिंग कॉम्बिनेशन का भी बड़ा सिरदर्द
पहले टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले से पूर्व भारतीय टीम मैनेजमेंट और मुख्य कोच गौतम गंभीर के सामने चयन को लेकर जबरदस्त माथापच्ची चल रही है। पिछले कुछ दिनों से क्रिकेट गलियारों में सिर्फ इस बात की चर्चा है कि युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी को मौका मिलेगा या अनुभवी संजू सैमसन अपनी जगह बचाने में कामयाब रहेंगे। लेकिन सच्चाई यह है कि कोच गंभीर के सामने सिरदर्द सिर्फ टॉप ऑर्डर की बल्लेबाजी तक सीमित नहीं है। टीम का बॉलिंग अटैक, ऑलराउंडर की भूमिका और स्पिन बनाम पेस का समीकरण भी गंभीर के लिए एक बड़ी चुनौती बन चुका है, जिसके चलते पहले मुकाबले की प्लेइंग-11 में फेरबदल होना लगभग तय माना जा रहा है।
1. तेज गेंदबाजी आक्रमण: बुमराह के बिना कौन संभालेगा डेथ ओवर्स?
जसप्रीत बुमराह के वर्कलोड मैनेजमेंट और अन्य सीनियर पेसर्स की गैरमौजूदगी में तेज गेंदबाजी की कमान किसे सौंपी जाए, यह सबसे गंभीर सवाल है:
अर्शदीप सिंह के जोड़ीदार की तलाश: बाएं हाथ के अर्शदीप सिंह का खेलना तय है, लेकिन नई गेंद और डेथ ओवर्स में उनके साथ कौन गेंदबाजी करेगा?
हर्षित राणा बनाम प्रसिद्ध कृष्णा: हर्षित राणा के पास गति और आक्रामक उछाल है, वहीं प्रसिद्ध कृष्णा के पास अंतरराष्ट्रीय मैचों का अनुभव है। गंभीर अपनी आक्रामक रणनीति के तहत किस तेज गेंदबाज को शुरुआती स्पैल सौंपते हैं, यह देखना दिलचस्प होगा।
2. हार्दिक पांड्या का बैकअप और नंबर 7 की गुत्थी
टीम इंडिया की टी20 रणनीति हमेशा 8वें नंबर तक बल्लेबाजी और कम से कम 6 गेंदबाजी विकल्पों पर टिकी होती है:
स्पिन ऑलराउंडर की जगह: अक्षर पटेल और वॉशिंगटन सुंदर में से किसे प्राथमिकता दी जाए? दोनों ही गेंदबाज पावरप्ले और मिडिल ओवर्स में रन रोकने के साथ-साथ निचले क्रम में ताबड़तोड़ बैटिंग करने में सक्षम हैं।
बैलेंस की चुनौती: यदि टीम दो विशेषज्ञ स्पिनरों के साथ उतरती है, तो एक तेज गेंदबाज की कुर्बानी देनी पड़ सकती है, जिससे तेज गेंदबाजी विभाग पर दबाव बढ़ जाएगा।
3. कुलदीप यादव या वरुण चक्रवर्ती: मिस्ट्री स्पिनर कौन?
मिडिल ओवर्स में विकेट चटकाने के लिए गंभीर के तरकश में दो बड़े तीर मौजूद हैं:
वरुण चक्रवर्ती की मिस्ट्री: हालिया सीरीज में वरुण चक्रवर्ती ने अपनी फिरकी से विरोधी बल्लेबाजों को खासा परेशान किया है।
कुलदीप का दबदबा: चाइनामैन कुलदीप यादव किसी भी पिच पर मैच का पासा पलटने का माद्दा रखते हैं। टी20 फॉर्मेट में दोनों कलाई के स्पिनरों (Wrist Spinners) को एक साथ खिलाना टीम के बैटिंग डेप्थ को कमजोर कर सकता है, इसलिए किसी एक को बाहर बैठना ही पड़ेगा।
पहले T20I में बदलाव क्यों तय हैं?
कोच गौतम गंभीर का कोचिंग दर्शन 'इम्पैक्ट ओवर स्टैट्स' (आंकड़ों से ज्यादा मैच पर असर) पर आधारित है। विरोधी टीम के टॉप ऑर्डर में बाएं और दाएं हाथ के बल्लेबाजों के अनुपात को देखकर ही गंभीर मैच-अप्स (Matchups) तैयार करते हैं।
यही वजह है कि पहले मुकाबले में न सिर्फ ओपनिंग कॉम्बिनेशन में बल्कि गेंदबाजी लाइन-अप में भी कम से कम दो से तीन बड़े रणनीतिक बदलाव देखने को मिल सकते हैं। टॉस के वक्त जब कप्तान शीट सौंपेंगे, तो कई बड़े नामों का बाहर बैठना तय माना जा रहा है।