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November 07 2026 01:34 am

नेतन्याहू के खिलाफ बोलने पर आगबबूला हुआ इजरायल; यूएन दौरे से पहले न्यूयॉर्क में मचा भारी कूटनीतिक बवाल

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संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के उच्च-स्तरीय सत्र से ठीक पहले न्यूयॉर्क शहर अंतरराष्ट्रीय राजनीति और तीखे कूटनीतिक टकराव का अखाड़ा बन चुका है। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के प्रस्तावित न्यूयॉर्क दौरे से पहले उस वक्त सनसनी फैल गई, जब संयुक्त राष्ट्र में इजरायल के स्थायी प्रतिनिधि डैनी डैनन ने न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी की गिरफ्तारी की खुली मांग कर डाली। ममदानी द्वारा पूर्व में नेतन्याहू को युद्ध अपराधी बताकर न्यूयॉर्क में कदम रखते ही हिरासत में लेने की संभावनाओं की जांच कराने वाले बयानों पर इजरायल बुरी तरह भड़क उठा है। इजराइली दूत ने न केवल मेयर ममदानी पर यहूदी विरोधी माहौल और अशांति भड़काने का आरोप लगाया, बल्कि यह तक कह दिया कि अगर कानूनन किसी को सलाखों के पीछे होना चाहिए, तो वह नेतन्याहू नहीं बल्कि अमेरिका के दुश्मनों से सांठगांठ रखने वाले न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी हैं।

'नेतन्याहू नहीं, ममदानी को करो अरेस्ट' - इजराइली राजदूत का सीधा हमला

संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इजराइली राजदूत डैनी डैनन ने तीखा रुख अपनाते हुए मेयर जोहरान ममदानी पर सीधा निशाना साधा। डैनन ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि एक विदेशी राष्ट्राध्यक्ष और सहयोगी देश के प्रधानमंत्री की गिरफ्तारी की हास्यास्पद मांग कर ममदानी ने उकसावे की पराकाष्ठा पार कर दी है। उन्होंने कहा कि यदि किसी की गिरफ्तारी होनी चाहिए, तो वह न्यूयॉर्क के मेयर की होनी चाहिए, जो न केवल लोगों को उकसा रहे हैं बल्कि अमेरिका के घोषित दुश्मनों के साथ मिलीभगत कर रहे हैं। डैनन ने जुलाई माह की उस घटना का विशेष रूप से उल्लेख किया, जिसमें ममदानी प्रशासन के अंतरराष्ट्रीय मामलों के आयुक्त ने यूएन में ईरानी राजदूत के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक तय करने का प्रयास किया था, जिसे अमेरिकी विदेश विभाग (State Department) के कड़े हस्तक्षेप के बाद रद्द करना पड़ा था। डैनन ने दो टूक कहा कि मेयर का काम विदेशी हस्तियों के खिलाफ प्रदर्शन भड़काना नहीं, बल्कि शहर में सुरक्षा और यातायात की सुचारू व्यवस्था सुनिश्चित करना है।

जोहरान ममदानी का यू-टर्न और कानूनी सीमाओं की स्वीकारोक्ति

दरअसल, इस कूटनीतिक विवाद की जड़ें मेयर जोहरान ममदानी के उन चुनावी और सार्वजनिक बयानों में हैं, जिनमें उन्होंने इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट (ICC) द्वारा नेतन्याहू के खिलाफ जारी अरेस्ट वारंट को न्यूयॉर्क में लागू कराने की बात कही थी। ममदानी ने बार-बार कहा था कि गाजा युद्ध के जिम्मेदार नेतन्याहू का स्थान न्यूयॉर्क की सड़कों पर नहीं बल्कि द हेग की अदालत में होना चाहिए। हालांकि, कानूनी जानकारों और न्यूयॉर्क पुलिस विभाग (NYPD) के साथ गहन समीक्षा के बाद ममदानी को यह स्वीकार करना पड़ा कि एक शहर के मेयर के पास किसी विदेशी राष्ट्राध्यक्ष को गिरफ्तार करने का कोई स्वतंत्र अधिकार नहीं है। कूटनीतिक उन्मुक्ति (Diplomatic Immunity) और अमेरिकी संघीय कानूनों के तहत विदेशी मामलों पर अंतिम अधिकार केवल वॉशिंगटन (संघीय सरकार) का होता है। इसके बाद ममदानी ने अपने रुख में नरमी लाते हुए कहा कि वे खुद किसी विरोध प्रदर्शन में शामिल नहीं होंगे और न ही किसी को सड़क पर उतरने के लिए उकसा रहे हैं, बल्कि शहर की कानून-व्यवस्था बनाए रखने पर ध्यान केंद्रित करेंगे।

डोनाल्ड ट्रंप की दो टूक चेतावनी और अमेरिकी राजनीति में हलचल

इस विवाद के तूल पकड़ने पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी बेहद सख्त प्रतिक्रिया दी थी। राष्ट्रपति ट्रंप ने सोशल मीडिया पर स्पष्ट किया था कि बेंजामिन नेतन्याहू जब तक संयुक्त राज्य अमेरिका की धरती पर हैं, उन्हें किसी भी सूरत या तरीके से गिरफ्तार नहीं किया जा सकता। ट्रंप प्रशासन ने साफ कर दिया कि अमेरिका आईसीसी के अधिकार क्षेत्र को मान्यता नहीं देता और किसी स्थानीय मेयर को देश की संप्रभु विदेश नीति तय करने का हक नहीं है। इसके अलावा रिपब्लिकन और कई डेमोक्रेटिक सांसदों ने भी ममदानी के बयानों को गैर-जिम्मेदाराना बताते हुए कड़ी आलोचना की थी।

यूएन महासभा में भाषण देंगे नेतन्याहू, न्यूयॉर्क में सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर

इजराइली राजदूत डैनी डैनन ने स्पष्ट किया है कि तमाम धमकियों, विवादों और विरोध की अपीलों के बावजूद प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू गर्व के साथ संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करेंगे और इजरायल के आत्मरक्षा के अधिकार को पूरी दुनिया के सामने रखेंगे। नेतन्याहू के आगमन को देखते हुए न्यूयॉर्क पुलिस और सीक्रेट सर्विस ने शहर में अभूतपूर्व सुरक्षा बंदोबस्त किए हैं। फलस्तीन समर्थक और इजरायल विरोधी कई गुटों द्वारा यूएन मुख्यालय के बाहर बड़े पैमाने पर प्रदर्शन की योजना बनाई गई है, जबकि दूसरी ओर इजरायल समर्थक संगठन भी शक्ति प्रदर्शन की तैयारी में हैं। मेयर और इजराइली राजनयिक के बीच की इस खुली तकरार ने वैश्विक नेताओं के जमावड़े से पहले न्यूयॉर्क के माहौल में जबरदस्त राजनीतिक गर्माहट पैदा कर दी है।