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August 19 2026 02:10 am

घर के मेन गेट पर भगवान की फोटो लगाना शुभ या अशुभ? जानें क्या कहता है वास्तु शास्त्र और सही नियम

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नई दिल्ली। घर की सुरक्षा और सकारात्मक ऊर्जा के प्रवेश के लिए अक्सर लोग मुख्य द्वार (Main Gate) पर देवी-देवताओं की तस्वीर या मूर्ति लगा देते हैं। आम धारणा है कि ऐसा करने से नकारात्मक शक्तियां घर के भीतर प्रवेश नहीं कर पातीं। हालांकि, वास्तु शास्त्र के अनुसार यह तरीका बिल्कुल गलत है और ऐसा करने से घर में गंभीर वास्तु दोष उत्पन्न हो सकता है।

वास्तु शास्त्र के नियमों के अनुसार, मुख्य द्वार पर भगवान की तस्वीर लगाना ईश्वर के अनादर के समान माना जाता है। आइए जानते हैं इसके पीछे के प्रमुख कारण और यह कि वास्तु के अनुसार मुख्य द्वार पर क्या लगाना शुभ होता है।

मुख्य द्वार पर भगवान की तस्वीर न लगाने के 4 मुख्य कारण

धूप और बारिश का प्रभाव: मुख्य द्वार बाहरी वातावरण के सीधे संपर्क में रहता है। वहां लगी तस्वीर दिनभर तेज धूप, धूल-मिट्टी और बारिश झेलती है। जिस तरह हम स्वयं धूप या बारिश में नहीं बैठ सकते, उसी तरह भगवान को भी ऐसे स्थान पर रखना सम्मानजनक नहीं माना जाता। इससे बाहरी नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव सीधे चित्र पर पड़ता है, जिससे घर की ऊर्जा प्रभावित होती है।

गंदगी और जूतों से अपमान: मुख्य द्वार के आसपास अक्सर धूल-मिट्टी रहती है और लोग वहीं जूते-चप्पल उतारते हैं। ऐसे स्थान पर भगवान की तस्वीर होने से उनका अनादर होता है। ईश्वर को सदैव स्वच्छ, पवित्र और आदरयुक्त स्थान पर ही स्थापित किया जाना चाहिए।

गणेश जी की फोटो पर विशेष सावधानी: विघ्नहर्ता भगवान गणेश को मुख्य द्वार पर लगाने का काफी चलन है, लेकिन वास्तु में इसे वर्जित माना गया है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, गणेश जी की पीठ की तरफ पाताल लोक का वास होता है। जब उन्हें मुख्य द्वार पर लगाया जाता है, तो घर के भीतर नकारात्मक ऊर्जाओं का प्रवेश होने लगता है।

ईश्वर का सही स्थान: भगवान की तस्वीर या मूर्ति स्थापित करने के लिए सबसे उत्तम और श्रेष्ठ स्थान घर का मंदिर ही है। घर के मंदिर को उत्तर-पूर्व यानी ईशान कोण में स्थापित करना चाहिए और सभी देवी-देवताओं की पूजा वहीं करनी चाहिए।

अगर तस्वीर लगी हो तो क्या करें और विकल्प में क्या लगाएं?

यदि आपने अपने घर के मुख्य द्वार पर किसी देवी-देवता की फोटो या मूर्ति लगा रखी है, तो उसे तुरंत वहां से हटा दें। उसे सम्मानपूर्वक साफ करके घर के मंदिर में स्थापित करें। ऐसा करने से वास्तु दोष समाप्त होता है और घर की ऊर्जा शुद्ध होती है।

मुख्य द्वार पर भगवान की तस्वीर के बजाय स्वास्तिक या ॐ (ओम्) का शुभ चिह्न बनाएं। ये प्रतीक सकारात्मक ऊर्जा को संतुलित रखते हैं। इसके अलावा, आप मुख्य द्वार पर शंख या आम के पत्तों का तोरण भी लगा सकते हैं। ये उपाय बिना किसी वास्तु दोष के घर में सुख, शांति और समृद्धि का संचार करते हैं।