Internet access without touching the screen: Perplexity ने लॉन्च किया 'Comet' AI ब्राउज़र, अब वॉयस कमांड से होगा वेब ब्राउज़िंग
India News Live,Digital Desk : आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की दुनिया में एक और क्रांतिकारी बदलाव आया है। अब आपको वेब ब्राउज़िंग के लिए उंगलियों का इस्तेमाल करने या स्क्रीन छूने की जरूरत नहीं पड़ेगी। प्रसिद्ध एआई स्टार्टअप Perplexity ने अपने नए एआई ब्राउज़र 'Comet' को एक शक्तिशाली 'वॉयस मोड' के साथ अपग्रेड किया है। यह तकनीक इंटरनेट इस्तेमाल करने के पारंपरिक तरीके को पूरी तरह बदलने वाली है।
हैंड्स-फ्री वेब ब्राउज़िंग: क्या है कॉमेट का वॉयस मोड?
Perplexity के सीईओ अरविंद श्रीनिवास के अनुसार, यह दुनिया का पहला ऐसा अनुभव होगा जहां उपयोगकर्ता केवल अपनी आवाज के जरिए ब्राउज़र को पूरी तरह नियंत्रित कर सकेंगे।
पूरी तरह से हैंड्स-फ्री: अब आप केवल बोलकर नई वेबसाइट खोल सकते हैं, अलग-अलग टैब्स के बीच स्विच कर सकते हैं और पेज को ऊपर-नीचे स्क्रॉल कर सकते हैं।
इंटरेक्टिव सर्च: यह ब्राउज़र न केवल आपकी बात सुनेगा, बल्कि वेब कंटेंट के साथ इंटरैक्ट करने और जटिल जानकारी खोजने में भी मदद करेगा।
पावरफुल तकनीक: कंपनी ने बताया कि यह फीचर OpenAI के रियल-टाइम मॉडल पर आधारित है, जिससे वॉयस कमांड और प्रतिक्रिया के बीच का समय (Latency) न के बराबर होगा।
पारंपरिक सर्च का अंत: एआई ब्राउज़र की जंग
एआई के बढ़ते प्रभाव के साथ गूगल जैसे पारंपरिक सर्च इंजनों का युग अब बदलाव के दौर से गुजर रहा है। बाजार में अब एआई-नेटिव ब्राउज़र अपनी जगह बना रहे हैं:
Atlas (OpenAI): ओपनएआई ने अपना 'एटलेस' एआई ब्राउज़र पेश किया है।
Comet (Perplexity): परप्लेक्सिटी ने 'कॉमेट' के जरिए वॉयस-फर्स्ट अनुभव पर ध्यान केंद्रित किया है।
Google Chrome: गूगल भी अपने क्रोम ब्राउज़र में एआई सारांश (AI Overviews) और स्मार्ट सर्च फीचर्स को तेज़ी से जोड़ रहा है ताकि वह इस रेस में पीछे न छूटे।
कब तक मिलेगा यह फीचर?
सीईओ अरविंद श्रीनिवास ने पुष्टि की है कि Comet iOS के लिए वॉयस मोड अपग्रेड अगले कुछ दिनों में जारी कर दिया जाएगा। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि डेस्कटॉप वर्जन के लिए यह फीचर कब उपलब्ध होगा, लेकिन मोबाइल उपयोगकर्ताओं के लिए यह अनुभव बेहद करीब है।
यूजर एक्सपीरियंस में बड़ा बदलाव
गूगल अब सर्च रिजल्ट्स में सीधे लिंक देने के बजाय एआई सारांश (Summaries) दिखा रहा है, जिससे उपयोगकर्ताओं को कई वेबसाइट्स पर जाने की जरूरत नहीं पड़ती। परप्लेक्सिटी का 'कॉमेट' इसे एक कदम आगे ले जाते हुए बातचीत के जरिए इंटरनेट एक्सप्लोर करने की सुविधा दे रहा है। यह तकनीक उन लोगों के लिए वरदान साबित होगी जो मल्टीटास्किंग करते हैं या जिन्हें स्क्रीन ऑपरेट करने में कठिनाई होती है।