Fuel Price Hike Alert: आम आदमी की जेब पर महंगाई की मार! पेट्रोल-डीजल की कीमतों में भारी बढ़ोतरी के संकेत
India News Live,Digital Desk : देश में महंगाई का एक और बड़ा झटका लगने वाला है। पिछले चार वर्षों से स्थिर चल रही पेट्रोल और डीजल की कीमतों में अब जबरदस्त उछाल आने की संभावना है। सरकारी सूत्रों और तेल मंत्रालय के संकेतों ने स्पष्ट कर दिया है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की आसमान छूती कीमतों के कारण अब घरेलू स्तर पर दाम बढ़ाना मजबूरी हो गया है।
आइए समझते हैं कि आखिर क्यों तेल की कीमतों में यह 'आग' लगने वाली है और इसके पीछे के वैश्विक कारण क्या हैं।
कच्चे तेल की कीमतों में रिकॉर्ड उछाल (126 डॉलर प्रति बैरल)
वैश्विक बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतें चार साल के उच्चतम स्तर 126 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई हैं। इसके पीछे मुख्य रूप से दो बड़े भू-राजनीतिक कारण हैं:
अमेरिका-ईरान तनाव: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते युद्ध के हालात और शांति वार्ता के विफल होने से तेल आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित हुई है।
होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz): वैश्विक तेल व्यापार के लिए यह सबसे महत्वपूर्ण मार्ग है। यहां पैदा हुए तनाव ने पूरी दुनिया की ऊर्जा सुरक्षा को खतरे में डाल दिया है।
भारत में क्यों बढ़ेंगे दाम?
भारत अपनी जरूरत का करीब 85% तेल आयात करता है। तेल मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार:
असहनीय घाटा: सरकारी तेल कंपनियां पिछले चार सालों से खुदरा कीमतें स्थिर रखे हुए थीं, लेकिन अब घाटा इतना बढ़ गया है कि उसे संभालना मुश्किल है।
लागत और बिक्री का अंतर: कंपनियों को फिलहाल पेट्रोल पर करीब 20 रुपये प्रति लीटर का नुकसान हो रहा है। पिछले साल कच्चा तेल 70 डॉलर के आसपास था, जो अब औसतन 114 डॉलर के पार जा चुका है।
एलपीजी (LPG) और कमर्शियल फ्यूल पहले ही महंगे
पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने से पहले ही 1 मई 2026 से आम जनता को झटके लगने शुरू हो गए हैं:
कमर्शियल सिलेंडर: दिल्ली में 19 किलो के कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 993 रुपये की भारी वृद्धि की गई है। इसका सीधा असर होटल और रेस्टोरेंट के खाने पर पड़ेगा।
औद्योगिक ईंधन: कंपनियों ने औद्योगिक डीजल और जेट ईंधन (ATF) की कीमतों में भी बढ़ोतरी कर दी है।
वर्तमान में तेल की कीमतें (दिल्ली)
| ईंधन | वर्तमान कीमत (प्रति लीटर) |
|---|---|
| पेट्रोल | 94.77 रुपये |
| डीजल | 87.67 रुपये |
क्या 25-28 रुपये की होगी बढ़ोतरी?
बाजार में ऐसी अफवाहें थीं कि कीमतें 25 से 28 रुपये तक बढ़ सकती हैं, लेकिन सरकार ने फिलहाल इन खबरों को खारिज किया है। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि तेल कंपनियां धीरे-धीरे कीमतों में वृद्धि कर सकती हैं ताकि आम जनता पर एक साथ बोझ न पड़े।