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September 09 2026 04:01 am

इमरान खान की अस्पताल से जेल वापसी: मेडिकल जांच के कुछ घंटों बाद ही वापस भेजे गए अडियाला जेल, पाकिस्तान में हलचल तेज

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पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पीटीआई (PTI) के संस्थापक इमरान खान (Imran Khan) एक बार फिर चर्चा में हैं। सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप और मेडिकल जांच के आदेश के बाद, 73 वर्षीय इमरान खान को शुक्रवार तड़के कड़ी सुरक्षा के बीच इस्लामाबाद के शिफा इंटरनेशनल अस्पताल ले जाया गया था। हालांकि, कुछ ही घंटों के मेडिकल चेक-अप के बाद उन्हें वापस रावलपिंडी की अडियाला जेल में भेज दिया गया है।

मेडिकल जांच और सरकार का दावा

सूत्रों के अनुसार, इमरान खान की सेहत को लेकर लंबे समय से जारी विवादों के बीच अस्पताल में डॉक्टरों की टीम ने उनका विस्तृत स्वास्थ्य परीक्षण किया। जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद, उन्हें वापस जेल भेजने का निर्णय लिया गया। पाकिस्तानी सरकार के सूत्रों का दावा है कि इमरान खान की मेडिकल रिपोर्ट में ऐसी कोई गंभीर स्थिति सामने नहीं आई है, जिसके लिए उन्हें लंबे समय तक अस्पताल में भर्ती रखने की आवश्यकता हो।

सुप्रीम कोर्ट का आदेश और उम्मीदें

इस घटनाक्रम से पहले, पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व प्रधानमंत्री की बिगड़ती सेहत पर गंभीर चिंता जताई थी। कोर्ट ने अधिकारियों को निर्देश दिया था कि इमरान खान को 48 घंटे के भीतर अस्पताल भेजा जाए। पीटीआई के प्रवक्ता नईम हैदर पंजूथा ने उम्मीद जताई थी कि खान 16 सितंबर तक अस्पताल में रहकर अपना इलाज करवा सकेंगे, लेकिन उन्हें तुरंत जेल वापस भेजे जाने से राजनीतिक गलियारों में नए सिरे से विरोध के स्वर उठने लगे हैं।

2023 से जेल में बंद हैं इमरान खान

इमरान खान अगस्त 2023 से विभिन्न भ्रष्टाचार के मामलों में अडियाला जेल में बंद हैं। उनकी पार्टी पीटीआई और उनके परिवार का आरोप है कि जेल प्रशासन द्वारा उनके इलाज में जानबूझकर लापरवाही बरती जा रही है। उनके बेटे सुलेमान और कासिम खान ने भी परिवार के साथ मुलाकात पर लगाई गई पाबंदियों को लेकर चिंता व्यक्त की है।

इमरान खान ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों—चाहे वो सरकारी उपहारों की अवैध बिक्री हो या गोपनीय दस्तावेज लीक करने का मामला—को पूरी तरह खारिज किया है। उनका और उनके समर्थकों का लगातार यह कहना है कि उनके खिलाफ दर्ज किए गए तमाम मुकदमे राजनीतिक प्रतिशोध (Political Vendetta) से प्रेरित हैं, ताकि उन्हें सक्रिय राजनीति से दूर रखा जा सके।