सोना-चांदी धड़ाम: चांदी की कीमत में 14,000 रुपये की भारी गिरावट, सोना भी हुआ सस्ता; जानें आज के ताजा भाव
India News Live,Digital Desk : ग्लोबल मार्केट में मची उथल-पुथल के बीच भारतीय सर्राफा बाजार से निवेशकों और खरीदारों के लिए बड़ी खबर आ रही है। गुरुवार, 2 अप्रैल 2026 को सोने और चांदी की कीमतों में जोरदार गिरावट दर्ज की गई है। इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) की आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक, चांदी की कीमतों में जहां 14,000 रुपये की बड़ी सेंध लगी है, वहीं सोने के भाव भी नीचे आए हैं।
24 कैरेट और 22 कैरेट सोने के नए रेट
सर्राफा बाजार में आज सुबह व्यापार शुरू होते ही सोने की चमक फीकी पड़ती दिखाई दी।
24 कैरेट सोना (999 शुद्धता): 10 ग्राम सोने की कीमत गिरकर ₹1,45,507 के स्तर पर आ गई है।
22 कैरेट सोना (916 शुद्धता): गहने बनाने वाले इस सोने की कीमत अब ₹1,33,284 प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई है।
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर भी जून वायदा कारोबार में सोना 2.31 प्रतिशत (लगभग ₹3,563) टूटकर ₹1,50,145 के निचले स्तर पर पहुंच गया।
चांदी की कीमतों में 'महागिरावट'
चांदी खरीदने वालों के लिए आज का दिन बड़ी राहत लेकर आया है। स्थानीय कमोडिटी बाजार में चांदी की कीमतों में 14,000 रुपये से 15,000 रुपये तक की अचानक गिरावट देखी गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि चांदी में यह अल्पकालिक उतार-चढ़ाव है, लेकिन मौजूदा गिरावट ने इसे खरीदारी के लिए आकर्षक बना दिया है।
क्यों गिर रहे हैं दाम? युद्ध और ट्रंप के बयान का असर
सोने-चांदी की कीमतों में इस बड़ी हलचल के पीछे वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव मुख्य कारण है। ईरान के साथ चल रहे युद्ध पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आक्रामक भाषण के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अनिश्चितता का माहौल है।
शेयर बाजार: गुरुवार को बाजार खुलते ही सेंसेक्स और निफ्टी में भारी गिरावट देखी गई।
कच्चा तेल: क्रूड ऑयल की कीमतों में करीब 4 प्रतिशत का उछाल आया है।
डॉलर बनाम रुपया: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के हस्तक्षेप के चलते डॉलर के मुकाबले रुपया मजबूत हुआ है, जिससे भारतीय बाजार में सोने और चांदी के आयात की लागत घटी है और कीमतों में गिरावट आई है।
विशेषज्ञों की राय: निवेश से पहले बरतें सावधानी
बाजार विश्लेषकों का कहना है कि युद्ध की स्थिति में सोने की कीमतों में लंबी अवधि की अनिश्चितता बनी रह सकती है। हालांकि अभी कीमतें नीचे आई हैं, लेकिन बाजार में भारी अस्थिरता है। ऐसे में किसी भी बड़े निवेश से पहले वित्तीय सलाहकार से परामर्श लेना अनिवार्य है। फिलहाल खरीदारी और बिक्री दोनों का सिलसिला जारी है, लेकिन ग्राहकों की नजरें पल-पल बदलते भावों पर टिकी हैं।