Growing tension in Congress : थरूर बनाम खरगे, विचारों की टकराहट या आत्मसम्मान की आवाज?
India News Live,Digital Desk : कांग्रेस पार्टी के भीतर इन दिनों विचारों की गूंज के साथ-साथ मतभेद भी खुलकर सामने आने लगे हैं। तिरुवनंतपुरम से सांसद शशि थरूर और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के बीच हालिया विवाद ने यह साफ कर दिया है कि पार्टी के भीतर सब कुछ ठीक नहीं चल रहा।
मल्लिकार्जुन खरगे ने हाल ही में बिना नाम लिए ऐसा बयान दिया था, जिससे साफ इशारा था कि कुछ नेताओं के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश से भी पहले आते हैं। इस पर शशि थरूर ने तीखा जवाब देते हुए सोशल मीडिया पर अपनी बात रखी। उन्होंने एक तस्वीर पोस्ट की जिसमें लिखा था, "पंख तुम्हारे हैं, आसमान किसी का नहीं। उड़ने की इजाजत मत मांगो।" यह पोस्ट उनकी ओर से एक साफ संकेत था कि वो अपनी सोच और बयान पर कायम हैं।
— Shashi Tharoor (@ShashiTharoor) June 25, 2025
शशि थरूर का पार्टी लाइन से अलग राय रखना कोई नई बात नहीं है। पहले भी कई बार उनके बयानों को लेकर पार्टी के भीतर नाराजगी देखी गई है। इस बार मामला तब गर्माया जब एक वैश्विक मंच पर थरूर ने प्रधानमंत्री मोदी की कुछ सकारात्मक बातों का ज़िक्र किया, जिससे कांग्रेस के कई नेता असहज हो गए।
थरूर ने इस पर सफाई देते हुए कहा था कि जब हम वैश्विक मंच पर होते हैं, तब देश सर्वोपरि होता है, पार्टी नहीं। उनका यह बयान पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को नागवार गुज़रा। 'द हिंदू' में लिखे उनके एक लेख के बाद तो पार्टी में असहमति और तेज हो गई।
खुद को थरूर के बयान से अलग करते हुए कांग्रेस ने कहा कि पार्टी का रुख इससे मेल नहीं खाता। खरगे ने भी इस मुद्दे पर टिप्पणी की और कहा कि “हमने थरूर को कांग्रेस वर्किंग कमेटी में शामिल किया क्योंकि वह अंग्रेजी में शानदार हैं, लेकिन कुछ लोग देश से ज़्यादा मोदी को महत्व देते हैं। यह दुर्भाग्यपूर्ण है।”
कांग्रेस इस समय सरकार की पाकिस्तान नीति और संघर्षविराम को लेकर तीखी आलोचना कर रही है, लेकिन शशि थरूर की बातें पार्टी की रणनीति के खिलाफ जा रही हैं। ऐसे में सवाल उठता है – क्या कांग्रेस अंदर से बंट रही है या यह सिर्फ विचारों की भिन्नता है?