Gorakhpur: अवैध शराब के खिलाफ 'ड्रोन स्ट्राइक', 1350 लीटर लहन और भट्टियां नष्ट; त्योहार से पहले पुलिस-आबकारी की बड़ी कार्रवाई

Post

India News Live,Digital Desk : आगामी होली के त्योहार को देखते हुए गोरखपुर प्रशासन ने अवैध कच्ची शराब के कारोबारियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। रविवार को पुलिस और आबकारी विभाग की संयुक्त टीम ने आधुनिक तकनीक का सहारा लेते हुए ड्रोन कैमरों के जरिए छापेमारी की। इस कार्रवाई में भारी मात्रा में लहन और कच्ची शराब बरामद कर मौके पर ही नष्ट कर दिया गया। एक महिला को गिरफ्तार किया गया है, जबकि एक अन्य आरोपी फरार होने में कामयाब रहा।

ड्रोन से हुई निगरानी, फिर दी गई दबिश

अवैध शराब के ठिकानों का पता लगाने के लिए पुलिस ने पहले ड्रोन कैमरों से सघन निगरानी की। सटीक लोकेशन मिलने के बाद राजघाट और चौरीचौरा थाना क्षेत्रों में एक साथ छापेमारी की गई:

राजघाट क्षेत्र: टीम ने यहां ड्रोन से चिन्हित स्थानों पर पहुंचकर 850 लीटर लहन (कच्चा घोल) और 55 लीटर अवैध शराब नष्ट की।

चौरीचौरा क्षेत्र: ग्राम सरैया टोला पहाड़ी लाइन में दबिश देकर 45 लीटर शराब बरामद की गई और जमीन में गड़ा 500 लीटर लहन नष्ट किया गया।

यूरिया और नौशादर बरामद, महिला गिरफ्तार

चौरीचौरा में छापेमारी के दौरान पुलिस ने एक महिला को हिरासत में लिया है, जिसके पास से शराब बनाने में प्रयुक्त होने वाली हानिकारक यूरिया और नौशादर भी बरामद हुई है। मौके से मुख्य आरोपी राजेश कुमार उर्फ भुकोल फरार हो गया, जिसकी तलाश जारी है। आबकारी अधिनियम के तहत केस दर्ज कर नमूनों को जांच के लिए सील कर दिया गया है।

49 सरकारी दुकानों की जांच, ओवररेटिंग पर चेतावनी

शराब के अवैध कारोबार के साथ-साथ सरकारी दुकानों की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए खजनी तहसील क्षेत्र में एसडीएम राजेश प्रताप सिंह और सीओ दीपांशी राठौर ने 49 सरकारी शराब की दुकानों का औचक निरीक्षण किया।

अधिकारियों ने स्टॉक रजिस्टर, लाइसेंस और रेट लिस्ट की सघन जांच की।

सेल्समैन को सख्त चेतावनी दी गई कि यदि ओवररेटिंग, निर्धारित समय के बाद बिक्री, या नाबालिगों/वर्दीधारियों को शराब बेचते पाए गए, तो लाइसेंस निरस्त कर कठोर कार्रवाई की जाएगी।

सिर्फ त्योहारों पर ही क्यों जागता है प्रशासन?

कार्रवाई के बीच स्थानीय स्तर पर प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल भी उठ रहे हैं। चर्चा है कि राजघाट और चौरीचौरा के सरैया टोला जैसे इलाकों में यह धंधा सालों भर चलता है, लेकिन पुलिस और आबकारी विभाग को इसकी सुध केवल होली या दीपावली जैसे बड़े त्योहारों पर ही आती है। जानकारों का मानना है कि यदि ऐसी सघन छापेमारी नियमित रूप से की जाए, तो जहरीली शराब से होने वाली मौतों और अवैध कारोबार पर पूरी तरह लगाम लग सकती है।