<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0" xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/" xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/" xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom" xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/" xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"><channel><title>India News Live</title><atom:link href="https://indianewslive.in/feed/" rel="self" type="application/rss+xml" /><link>https://indianewslive.in/</link><description></description><lastBuildDate>2026 10 17 03:51:39 am</lastBuildDate><language>en-US</language><sy:updatePeriod>hourly	</sy:updatePeriod><sy:updateFrequency>1</sy:updateFrequency><generator></generator><image><url>https://indianewslive.in/wp-content/uploads/1090846760.png</url><title>India News Live</title><link>https://indianewslive.in/</link><width>300</width><height>84</height></image><item><title><![CDATA[बंगाल के पूजो उत्सव में माज़ा लाया आमोंत्रोण का भाव]]></title><link>https://indianewslive.in/the-spirit-of-amontron-brought-fun-in-the-pujo-festival-of-bengal</link><dc:creator>Riddhi</dc:creator><pubDate>2026-10-15 16:17:00</pubDate><category>उत्तर प्रदेश</category><guid isPermaLink="false">https://indianewslive.in/the-spirit-of-amontron-brought-fun-in-the-pujo-festival-of-bengal</guid><description><![CDATA[<p><img decoding="async" loading="lazy" class="" src="https://indianewslive.in/wp-content/uploads/2026/10/Maaza Aamontron_244032397.jpg" alt="" width="674" height="493" srcset="https://indianewslive.in/wp-content/uploads/2026/10/Maaza Aamontron_244032397_640x320.jpg 640w, https://indianewslive.in/wp-content/uploads/2026/10/Maaza Aamontron_244032397_300x200.jpg 300w, https://indianewslive.in/wp-content/uploads/2026/10/Maaza Aamontron_244032397_351x234.jpg 100w " sizes="(max-width: 640px) 100vw, 640px" /></p>]]></description><content:encoded><![CDATA[<p><img decoding="async" loading="lazy" class="" 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खास इंस्टॉलेशन लगाया गया है, जो अपनों के घर लौटने की खुशी और मेहमाननवाजी का जश्न मनाता है।बंगाली घरों में आम के पत्तों से बने तोरण को आम्र पल्लव कहा जाता है। इसे शुभ शुरुआत का प्रतीक माना जाता है और यह घर आने वाले हर व्यक्ति के प्रति गर्मजोशी भरे स्वागत को भी दिखाता है। घर-घर में निभाई जाने वाली इसी रस्म से प्रेरित होकर माज़ा ने पारंपरिक तोरण को उत्सव के एक प्रवेश द्वार की शक्ल दी है। इस तरह आम से जुड़ी ब्रांड की पहचान बंगाल की संस्कृति में गहराई से रची-बसी एक परंपरा के साथ जुड़ गई है।माज़ा आमोंत्रोण के तहत यह इंस्टॉलेशन 14 से 20 अक्टूबर 2026 तक दमदम तरुण दल में देखा जा सकता है। घर की चौखट पर सजने वाला आम के पत्तों का तोरण अब सार्वजनिक उत्सव का हिस्सा बना है। लोग बंगाल की अपनी इस जानी-पहचानी परंपरा को यहां एक बिल्कुल नए माहौल में देख और महसूस कर सकेंगे।इस पहल में त्योहार की सजावट को लेकर भी खास सोच दिखती है। माज़ा ने अपने तोरण ऐसी सामग्री से बनाए हैं, जो बाद में खाद में बदल जाती है। इससे यह इंस्टॉलेशन बंगाल की परंपराओं का उत्सव मनाने के साथ-साथ त्योहार के बाद पर्यावरण का भी खयाल रखता है।कोका-कोला इंडिया और साउथवेस्ट एशिया की सीनियर डायरेक्टर, मार्केटिंग – न्यूट्रिशन, सुनैनिका सिंह ने कहा, “पूजो में घर लौटने की खुशी है, सबके साथ मिलकर उत्सव मनाने का भाव है और वह अपनापन है, जिससे बंगाल हर किसी का स्वागत करता है। आम के पत्तों का तोरण इसी भावना की सुंदर झलक है। यह शुभ शुरुआत का प्रतीक है और घर आने वाले हर व्यक्ति के लिए न्योता भी। माज़ा आमोंत्रोण के जरिए हम इस परंपरा को पूजो के बड़े उत्सव तक ले जाना चाहते थे। हमने यह भी तलाशा कि पर्यावरण के अनुकूल नई सामग्री को त्योहार के अनुभव का हिस्सा कैसे बनाया जाए, और यह भी सोचा कि उत्सव खत्म होने के बाद इंस्टॉलेशन का क्या होगा।”स्वागत के इस भाव को इंस्टॉलेशन से आगे बढ़ाते हुए माज़ा पश्चिम बंगाल के एक प्रमुख क्षेत्रीय अखबार में पूरे पन्ने का निमंत्रण भी देगा। इसके जरिए राज्य भर के पाठकों को पूजो उत्सव में शामिल होने का न्योता दिया जाएगा।]]></content:encoded></item><item><title><![CDATA[बंगाल के पूजो उत्सव में माज़ा लाया आमोंत्रोण का भाव]]></title><link>https://indianewslive.in/the-spirit-of-amontron-brought-fun-in-the-pujo-festival-of-bengal</link><dc:creator>Riddhi</dc:creator><pubDate>2026-10-15 16:17:00</pubDate><category>व्यापार</category><guid isPermaLink="false">https://indianewslive.in/the-spirit-of-amontron-brought-fun-in-the-pujo-festival-of-bengal</guid><description><![CDATA[<p><img decoding="async" loading="lazy" class="" src="https://indianewslive.in/wp-content/uploads/2026/10/Maaza Aamontron_244032397.jpg" alt="" width="674" height="493" srcset="https://indianewslive.in/wp-content/uploads/2026/10/Maaza Aamontron_244032397_640x320.jpg 640w, https://indianewslive.in/wp-content/uploads/2026/10/Maaza Aamontron_244032397_300x200.jpg 300w, https://indianewslive.in/wp-content/uploads/2026/10/Maaza Aamontron_244032397_351x234.jpg 100w " sizes="(max-width: 640px) 100vw, 640px" /></p>]]></description><content:encoded><![CDATA[<p><img decoding="async" loading="lazy" class="" src="https://indianewslive.in/wp-content/uploads/2026/10/Maaza Aamontron_244032397.jpg" alt="" width="674" height="493" srcset="https://indianewslive.in/wp-content/uploads/2026/10/Maaza Aamontron_244032397_640x320.jpg 640w, https://indianewslive.in/wp-content/uploads/2026/10/Maaza Aamontron_244032397_300x200.jpg 300w, https://indianewslive.in/wp-content/uploads/2026/10/Maaza Aamontron_244032397_351x234.jpg 100w " sizes="(max-width: 640px) 100vw, 640px" /></p>बंगाल के पूजो उत्सव में माज़ा लाया आमोंत्रोण का भावआम के पत्तों के पारंपरिक बंगाली तोरण से प्रेरित होकर माज़ा ने आमोंत्रोण के भाव को नए रूप में सजाया है, जिसमें पूजो पर सबको घर बुलाकर उनका स्वागत करने की खुशी झलकती हैकोलकाता, 15 अक्टूबर 2026: भारत में जन्मा मशहूर मैंगो ड्रिंक माज़ा® इस पूजो पर ‘माज़ा आमोंत्रोण’ लेकर आया है। इसके जरिए ब्रांड बंगाल की आमोंत्रोण यानी न्योते की परंपरा को नए अंदाज में सामने ला रहा है। बंगाल में शुभ मौकों पर घरों के दरवाजे आम के पत्तों के तोरण से सजते हैं। इसी तोरण से प्रेरणा लेकर पूजो उत्सव के बीच एक खास इंस्टॉलेशन लगाया गया है, जो अपनों के घर लौटने की खुशी और मेहमाननवाजी का जश्न मनाता है।बंगाली घरों में आम के पत्तों से बने तोरण को आम्र पल्लव कहा जाता है। इसे शुभ शुरुआत का प्रतीक माना जाता है और यह घर आने वाले हर व्यक्ति के प्रति गर्मजोशी भरे स्वागत को भी दिखाता है। घर-घर में निभाई जाने वाली इसी रस्म से प्रेरित होकर माज़ा ने पारंपरिक तोरण को उत्सव के एक प्रवेश द्वार की शक्ल दी है। इस तरह आम से जुड़ी ब्रांड की पहचान बंगाल की संस्कृति में गहराई से रची-बसी एक परंपरा के साथ जुड़ गई है।माज़ा आमोंत्रोण के तहत यह इंस्टॉलेशन 14 से 20 अक्टूबर 2026 तक दमदम तरुण दल में देखा जा सकता है। घर की चौखट पर सजने वाला आम के पत्तों का तोरण अब सार्वजनिक उत्सव का हिस्सा बना है। लोग बंगाल की अपनी इस जानी-पहचानी परंपरा को यहां एक बिल्कुल नए माहौल में देख और महसूस कर सकेंगे।इस पहल में त्योहार की सजावट को लेकर भी खास सोच दिखती है। माज़ा ने अपने तोरण ऐसी सामग्री से बनाए हैं, जो बाद में खाद में बदल जाती है। इससे यह इंस्टॉलेशन बंगाल की परंपराओं का उत्सव मनाने के साथ-साथ त्योहार के बाद पर्यावरण का भी खयाल रखता है।कोका-कोला इंडिया और साउथवेस्ट एशिया की सीनियर डायरेक्टर, मार्केटिंग – न्यूट्रिशन, सुनैनिका सिंह ने कहा, “पूजो में घर लौटने की खुशी है, सबके साथ मिलकर उत्सव मनाने का भाव है और वह अपनापन है, जिससे बंगाल हर किसी का स्वागत करता है। आम के पत्तों का तोरण इसी भावना की सुंदर झलक है। यह शुभ शुरुआत का प्रतीक है और घर आने वाले हर व्यक्ति के लिए न्योता भी। माज़ा आमोंत्रोण के जरिए हम इस परंपरा को पूजो के बड़े उत्सव तक ले जाना चाहते थे। हमने यह भी तलाशा कि पर्यावरण के अनुकूल नई सामग्री को त्योहार के अनुभव का हिस्सा कैसे बनाया जाए, और यह भी सोचा कि उत्सव खत्म होने के बाद इंस्टॉलेशन का क्या होगा।”स्वागत के इस भाव को इंस्टॉलेशन से आगे बढ़ाते हुए माज़ा पश्चिम बंगाल के एक प्रमुख क्षेत्रीय अखबार में पूरे पन्ने का निमंत्रण भी देगा। इसके जरिए राज्य भर के पाठकों को पूजो उत्सव में शामिल होने का न्योता दिया जाएगा।]]></content:encoded></item><item><title><![CDATA[बंगाल के पूजो उत्सव में माज़ा लाया आमोंत्रोण का भाव]]></title><link>https://indianewslive.in/the-spirit-of-amontron-brought-fun-in-the-pujo-festival-of-bengal</link><dc:creator>Riddhi</dc:creator><pubDate>2026-10-15 16:17:00</pubDate><category>देश</category><guid isPermaLink="false">https://indianewslive.in/the-spirit-of-amontron-brought-fun-in-the-pujo-festival-of-bengal</guid><description><![CDATA[<p><img decoding="async" loading="lazy" class="" src="https://indianewslive.in/wp-content/uploads/2026/10/Maaza Aamontron_244032397.jpg" alt="" width="674" height="493" srcset="https://indianewslive.in/wp-content/uploads/2026/10/Maaza Aamontron_244032397_640x320.jpg 640w, https://indianewslive.in/wp-content/uploads/2026/10/Maaza Aamontron_244032397_300x200.jpg 300w, https://indianewslive.in/wp-content/uploads/2026/10/Maaza Aamontron_244032397_351x234.jpg 100w " sizes="(max-width: 640px) 100vw, 640px" /></p>]]></description><content:encoded><![CDATA[<p><img decoding="async" loading="lazy" class="" 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खास इंस्टॉलेशन लगाया गया है, जो अपनों के घर लौटने की खुशी और मेहमाननवाजी का जश्न मनाता है।बंगाली घरों में आम के पत्तों से बने तोरण को आम्र पल्लव कहा जाता है। इसे शुभ शुरुआत का प्रतीक माना जाता है और यह घर आने वाले हर व्यक्ति के प्रति गर्मजोशी भरे स्वागत को भी दिखाता है। घर-घर में निभाई जाने वाली इसी रस्म से प्रेरित होकर माज़ा ने पारंपरिक तोरण को उत्सव के एक प्रवेश द्वार की शक्ल दी है। इस तरह आम से जुड़ी ब्रांड की पहचान बंगाल की संस्कृति में गहराई से रची-बसी एक परंपरा के साथ जुड़ गई है।माज़ा आमोंत्रोण के तहत यह इंस्टॉलेशन 14 से 20 अक्टूबर 2026 तक दमदम तरुण दल में देखा जा सकता है। घर की चौखट पर सजने वाला आम के पत्तों का तोरण अब सार्वजनिक उत्सव का हिस्सा बना है। लोग बंगाल की अपनी इस जानी-पहचानी परंपरा को यहां एक बिल्कुल नए माहौल में देख और महसूस कर सकेंगे।इस पहल में त्योहार की सजावट को लेकर भी खास सोच दिखती है। माज़ा ने अपने तोरण ऐसी सामग्री से बनाए हैं, जो बाद में खाद में बदल जाती है। इससे यह इंस्टॉलेशन बंगाल की परंपराओं का उत्सव मनाने के साथ-साथ त्योहार के बाद पर्यावरण का भी खयाल रखता 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समझौता]]></title><link>https://indianewslive.in/ibm-and-meity-startup-hub-agreement</link><dc:creator>Riddhi</dc:creator><pubDate>2026-10-15 12:25:00</pubDate><category>देश</category><guid isPermaLink="false">https://indianewslive.in/ibm-and-meity-startup-hub-agreement</guid><description><![CDATA[<p><img decoding="async" loading="lazy" class="" src="https://indianewslive.in/wp-content/uploads/default/700031882.jpeg" alt="" width="674" height="493" srcset="https://indianewslive.in/wp-content/uploads/default/700031882.jpeg 640w, https://indianewslive.in/wp-content/uploads/default/700031882.jpeg 300w, https://indianewslive.in/wp-content/uploads/default/700031882.jpeg 100w " sizes="(max-width: 640px) 100vw, 640px" /></p>]]></description><content:encoded><![CDATA[<p><img decoding="async" loading="lazy" class="" src="https://indianewslive.in/wp-content/uploads/default/700031882.jpeg" alt="" width="674" height="493" srcset="https://indianewslive.in/wp-content/uploads/default/700031882.jpeg 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मेंटरशिप, एंटरप्राइज़ के साथ जुड़ने के अवसरों, कौशल विकास कार्यक्रमों और इकोसिस्टम के विकास से जुड़ी पहलों तक ऐक्सेस प्रदान किया जाएगा।यह सहयोग MeitY स्टार्टअप हब के देशव्यापी नवाचार नेटवर्क और IBM की एंटरप्राइज़ AI, हाइब्रिड क्लाउड और क्वांटम कंप्यूटिंग संबंधी विशेषज्ञता को एक साथ लाता है, ताकि उच्च क्षमता वाले स्टार्टअप्स को भारत और वैश्विक मार्केट्स के लिए प्रौद्योगिकियों के निर्माण, सत्यापन और विस्तार में सहायता मिल सके। यह पहल भारत में IBM Ventures की जारी गतिविधियों को और मज़बूत करती है और एंटरप्राइज़ टेक्नोलॉजी स्टार्टअप्स के लिए ग्राहकों, निवेशकों और उद्योग विशेषज्ञों से जुड़ने के अवसरों का विस्तार करती है।MSH के CEO डॉ. पन्नीरसेल्वम मदनगोपाल ने कहा, “भारत का स्टार्टअप इकोसिस्टम वैश्विक स्तर पर प्रौद्योगिकी नवाचार को गति देने वाले एक प्रमुख केंद्र के रूप में उभर रहा है। IBM के साथ यह साझेदारी देश की स्वदेशी डीप-टेक क्षमताओं को मज़बूत करने, प्रौद्योगिकी-आधारित उद्यमिता को प्रोत्साहित करने और नवाचारकर्ताओं को ऐसे समाधान तैयार करने हेतु और ज़्यादा अवसर उपलब्ध कराने में मदद करेगी, जो विकसित भारत के लक्ष्य में योगदान दे सकें।”इस सहयोग के तहत, स्टार्टअप्स को व्यावसायिक ज़रूरतों से जुड़ी समस्याओं को हल करने के लिए IBM की एंटरप्राइज़ टेक्नोलॉजी और इनोवेशन प्लेटफ़ॉर्म की पूरी श्रृंखला का लाभ उठाने का अवसर मिलेगा। इसमें IBM watsonx जैसी तकनीकों के इस्तेमाल के लिए तकनीकी मार्गदर्शन और सहायता दी जाएगी। IBM watsonx उद्यमों के लिए तैयार AI और डेटा प्लेटफ़ॉर्म है। इसके अलावा, IBM Bob, उद्यमों के लिए AI कोडिंग एजेंट; IBM Sovereign Core, डिजिटल संप्रभुता के लिए तैयार सॉफ़्टवेयर स्टैक; IBM की हाइब्रिड क्लाउड और क्वांटम कंप्यूटिंग तकनीकों का परिचय; और सुरक्षा व ऑटोमेशन समाधान भी इसमें शामिल हैं।MoU के तहत IBM और MSH मिलकर ऐसे कार्यक्रमों और गतिविधियों पर काम करने की संभावनाएं तलाशेंगे, जो स्टार्टअप्स को उनके विकास के अलग-अलग चरणों में और बैंकिंग, वित्त, सरकारी और औद्योगिक क्षेत्रों समेत अलग-अलग सेक्टरों में सहयोग दें। साझेदारी का फ़ोकस एंटरप्राइज़ प्रूफ़ ऑफ़ कॉन्सेप्ट, sovereign AI नवाचार, ओपन-सोर्स इकोसिस्टम का विकास, स्टार्टअप संस्थापकों को मेंटरशिप, तकनीकी कौशल प्रशिक्षण और स्टार्टअप्स को एंटरप्राइज़ और निवेशकों के सामने अपने समाधान प्रदर्शित करने का अवसर प्रदान करने पर रहेगा। साथ ही, टियर-2 और टियर-3 शहरों से उभरते प्रतिभाशाली नवाचारकर्ताओं की पहचान कर उन्हें आगे बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जाएगा, जिससे भारत के तेज़ी से विकसित हो रहे डीप-टेक इकोसिस्टम में उनकी भागीदारी बढ़ाई जा सके।“यह साझेदारी नवाचार को प्रोत्साहित करने और देश के डीप-टेक स्टार्टअप इकोसिस्टम को मज़बूत करने के प्रति हमारी साझा प्रतिबद्धता को दर्शाती है। ये स्टार्टअप्स भारत और दुनिया में प्रौद्योगिकी-आधारित विकास के भविष्य को आकार देने में अहम भूमिका निभा रहे हैं,” IBM इंडिया और साउथ एशिया के मैनेजिंग डायरेक्टर, संदीप पटेल ने कहा। उन्होंने यह भी कहा कि “MeitY स्टार्टअप हब के साथ हमारा लक्ष्य संस्थापकों को तेज़ी से नए विचारों पर काम करने, ज़िम्मेदारी से अपने व्यवसाय को बड़े स्तर पर ले जाने और ऐसे समाधान विकसित करने में सहायता देना है, जो राष्ट्रीय और वैश्विक चुनौतियों से निपटने में मदद करें, ताकि संभावनाशील नवाचारों का वास्तविक दुनिया में सार्थक प्रभाव दिखाई दे।”यह MoU भारत में स्टार्टअप्स, उद्यमिता और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए IBM द्वारा लगातार किए जा रहे प्रयासों को और आगे बढ़ाता है। पिछले सालों में IBM ने संस्थापकों, डेवलपर्स, शैक्षणिक संस्थानों और इकोसिस्टम भागीदारों के साथ मिलकर काम करते हुए स्टार्टअप्स को अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी, तकनीकी विशेषज्ञ मार्गदर्शन और कौशल विकास के अवसर उपलब्ध कराए हैं। इसमें IBM Ventures के साथ जुड़ी गतिविधियां भी शामिल हैं, जो अपने कैपिटल-प्लस मॉडल के माध्यम से अगली पीढ़ी की एंटरप्राइज़ टेक्नोलॉजी विकसित करने वाले दूरदर्शी संस्थापकों को सहयोग प्रदान करता है तथा IBM की वैश्विक पहुंच और विशेषज्ञों के व्यापक इकोसिस्टम का उपयोग करके अपने विकास को गति देने में यह स्टार्टअप्स की मदद करता है।]]></content:encoded></item><item><title><![CDATA[IBM और MeitY स्टार्टअप हब का समझौता]]></title><link>https://indianewslive.in/ibm-and-meity-startup-hub-agreement</link><dc:creator>Riddhi</dc:creator><pubDate>2026-10-15 12:25:00</pubDate><category>व्यापार</category><guid isPermaLink="false">https://indianewslive.in/ibm-and-meity-startup-hub-agreement</guid><description><![CDATA[<p><img decoding="async" loading="lazy" class="" src="https://indianewslive.in/wp-content/uploads/default/700031882.jpeg" alt="" width="674" height="493" srcset="https://indianewslive.in/wp-content/uploads/default/700031882.jpeg 640w, https://indianewslive.in/wp-content/uploads/default/700031882.jpeg 300w, https://indianewslive.in/wp-content/uploads/default/700031882.jpeg 100w " sizes="(max-width: 640px) 100vw, 640px" /></p>]]></description><content:encoded><![CDATA[<p><img decoding="async" loading="lazy" class="" src="https://indianewslive.in/wp-content/uploads/default/700031882.jpeg" alt="" width="674" height="493" srcset="https://indianewslive.in/wp-content/uploads/default/700031882.jpeg 640w, https://indianewslive.in/wp-content/uploads/default/700031882.jpeg 300w, https://indianewslive.in/wp-content/uploads/default/700031882.jpeg 100w " sizes="(max-width: 640px) 100vw, 640px" /></p>भारत में डीप-टेक नवाचार और स्टार्टअप्स के विकास को गति देने के लिए IBM और MeitY स्टार्टअप हब ने समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किएयह सहयोग भारत में IBM Ventures की मौजूदा गतिविधियों को विस्तार देता है और एंटरप्राइज़ टेक स्टार्टअप्स को प्रौद्योगिकी, मेंटरशिप और विकास के अवसरों से जुड़ने में मदद करता है।AI, हाइब्रिड क्लाउड और क्वांटम कंप्यूटिंग से जुड़े स्टार्टअप्स को एंटरप्राइज़ टेक्नोलॉजी, विशेषज्ञ मार्गदर्शन और व्यवसायीकरण के अवसरों से जोड़कर उनके विकास में सहयोग करता है।मुंबई, भारत – 13 अक्टूबर, 2026: IBM और MeitY स्टार्टअप हब (MSH), जो भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) की एक पहल है, ने एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते का उद्देश्य भारत के डीप टेक स्टार्टअप इकोसिस्टम को गति प्रदान करना है। इसके तहत स्टार्टअप्स को IBM की तकनीकी विशेषज्ञता, मेंटरशिप, एंटरप्राइज़ के साथ जुड़ने के अवसरों, कौशल विकास कार्यक्रमों और इकोसिस्टम के विकास से जुड़ी पहलों तक ऐक्सेस प्रदान किया जाएगा।यह सहयोग MeitY स्टार्टअप हब के देशव्यापी नवाचार नेटवर्क और IBM की एंटरप्राइज़ AI, हाइब्रिड क्लाउड और क्वांटम कंप्यूटिंग संबंधी विशेषज्ञता को एक साथ लाता है, ताकि उच्च क्षमता वाले स्टार्टअप्स को भारत और वैश्विक मार्केट्स के लिए प्रौद्योगिकियों के निर्माण, सत्यापन और विस्तार में सहायता मिल सके। यह पहल भारत में IBM Ventures की जारी गतिविधियों को और मज़बूत करती है और एंटरप्राइज़ टेक्नोलॉजी स्टार्टअप्स के लिए ग्राहकों, निवेशकों और उद्योग विशेषज्ञों से जुड़ने के अवसरों का विस्तार करती है।MSH के CEO डॉ. पन्नीरसेल्वम मदनगोपाल ने कहा, “भारत का स्टार्टअप इकोसिस्टम वैश्विक स्तर पर प्रौद्योगिकी नवाचार को गति देने वाले एक प्रमुख केंद्र के रूप में उभर रहा है। IBM के साथ यह साझेदारी देश की स्वदेशी डीप-टेक क्षमताओं को मज़बूत करने, प्रौद्योगिकी-आधारित उद्यमिता को प्रोत्साहित करने और नवाचारकर्ताओं को ऐसे समाधान तैयार करने हेतु और ज़्यादा अवसर उपलब्ध कराने में मदद करेगी, जो विकसित भारत के लक्ष्य में योगदान दे सकें।”इस सहयोग के तहत, स्टार्टअप्स को व्यावसायिक ज़रूरतों से जुड़ी समस्याओं को हल करने के लिए IBM की एंटरप्राइज़ टेक्नोलॉजी और इनोवेशन प्लेटफ़ॉर्म की पूरी श्रृंखला का लाभ उठाने का अवसर मिलेगा। इसमें IBM watsonx जैसी तकनीकों के इस्तेमाल के लिए तकनीकी मार्गदर्शन और सहायता दी जाएगी। IBM watsonx उद्यमों के लिए तैयार AI और डेटा प्लेटफ़ॉर्म है। इसके अलावा, IBM Bob, उद्यमों के लिए AI कोडिंग एजेंट; IBM Sovereign Core, डिजिटल संप्रभुता के लिए तैयार सॉफ़्टवेयर स्टैक; IBM की हाइब्रिड क्लाउड और क्वांटम कंप्यूटिंग तकनीकों का परिचय; और सुरक्षा व ऑटोमेशन समाधान भी इसमें शामिल हैं।MoU के तहत IBM और MSH मिलकर ऐसे कार्यक्रमों और गतिविधियों पर काम करने की संभावनाएं तलाशेंगे, जो स्टार्टअप्स को उनके विकास के अलग-अलग चरणों में और बैंकिंग, वित्त, सरकारी और औद्योगिक क्षेत्रों समेत अलग-अलग सेक्टरों में सहयोग दें। साझेदारी का फ़ोकस एंटरप्राइज़ प्रूफ़ ऑफ़ कॉन्सेप्ट, sovereign AI नवाचार, ओपन-सोर्स इकोसिस्टम का विकास, स्टार्टअप संस्थापकों को मेंटरशिप, तकनीकी कौशल प्रशिक्षण और स्टार्टअप्स को एंटरप्राइज़ और निवेशकों के सामने अपने समाधान प्रदर्शित करने का अवसर प्रदान करने पर रहेगा। साथ ही, टियर-2 और टियर-3 शहरों से उभरते प्रतिभाशाली नवाचारकर्ताओं की पहचान कर उन्हें आगे बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जाएगा, जिससे भारत के तेज़ी से विकसित हो रहे डीप-टेक इकोसिस्टम में उनकी भागीदारी बढ़ाई जा सके।“यह साझेदारी नवाचार को प्रोत्साहित करने और देश के डीप-टेक स्टार्टअप इकोसिस्टम को मज़बूत करने के प्रति हमारी साझा प्रतिबद्धता को दर्शाती है। ये स्टार्टअप्स भारत और दुनिया में प्रौद्योगिकी-आधारित विकास के भविष्य को आकार देने में अहम भूमिका निभा रहे हैं,” IBM इंडिया और साउथ एशिया के मैनेजिंग डायरेक्टर, संदीप पटेल ने कहा। उन्होंने यह भी कहा कि “MeitY स्टार्टअप हब के साथ हमारा लक्ष्य संस्थापकों को तेज़ी से नए विचारों पर काम करने, ज़िम्मेदारी से अपने व्यवसाय को बड़े स्तर पर ले जाने और ऐसे समाधान विकसित करने में सहायता देना है, जो राष्ट्रीय और वैश्विक चुनौतियों से निपटने में मदद करें, ताकि संभावनाशील नवाचारों का वास्तविक दुनिया में सार्थक प्रभाव दिखाई दे।”यह MoU भारत में स्टार्टअप्स, उद्यमिता और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए IBM द्वारा लगातार किए जा रहे प्रयासों को और आगे बढ़ाता है। पिछले सालों में IBM ने संस्थापकों, डेवलपर्स, शैक्षणिक संस्थानों और इकोसिस्टम भागीदारों के साथ मिलकर काम करते हुए स्टार्टअप्स को अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी, तकनीकी विशेषज्ञ मार्गदर्शन और कौशल विकास के अवसर उपलब्ध कराए हैं। इसमें IBM Ventures के साथ जुड़ी गतिविधियां भी शामिल हैं, जो अपने कैपिटल-प्लस मॉडल के माध्यम से अगली पीढ़ी की एंटरप्राइज़ टेक्नोलॉजी विकसित करने वाले दूरदर्शी संस्थापकों को सहयोग प्रदान करता है तथा IBM की वैश्विक पहुंच और विशेषज्ञों के व्यापक इकोसिस्टम का उपयोग करके अपने विकास को गति देने में यह स्टार्टअप्स की मदद करता है।]]></content:encoded></item><item><title><![CDATA[IBM और MeitY स्टार्टअप हब का समझौता]]></title><link>https://indianewslive.in/ibm-and-meity-startup-hub-agreement</link><dc:creator>Riddhi</dc:creator><pubDate>2026-10-15 12:25:00</pubDate><category>टैकनोलजी</category><guid isPermaLink="false">https://indianewslive.in/ibm-and-meity-startup-hub-agreement</guid><description><![CDATA[<p><img decoding="async" loading="lazy" class="" src="https://indianewslive.in/wp-content/uploads/default/700031882.jpeg" alt="" width="674" height="493" srcset="https://indianewslive.in/wp-content/uploads/default/700031882.jpeg 640w, https://indianewslive.in/wp-content/uploads/default/700031882.jpeg 300w, https://indianewslive.in/wp-content/uploads/default/700031882.jpeg 100w " sizes="(max-width: 640px) 100vw, 640px" /></p>]]></description><content:encoded><![CDATA[<p><img decoding="async" loading="lazy" class="" src="https://indianewslive.in/wp-content/uploads/default/700031882.jpeg" alt="" width="674" height="493" srcset="https://indianewslive.in/wp-content/uploads/default/700031882.jpeg 640w, https://indianewslive.in/wp-content/uploads/default/700031882.jpeg 300w, https://indianewslive.in/wp-content/uploads/default/700031882.jpeg 100w " sizes="(max-width: 640px) 100vw, 640px" /></p>भारत में डीप-टेक नवाचार और स्टार्टअप्स के विकास को गति देने के लिए IBM और MeitY स्टार्टअप हब ने समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किएयह सहयोग भारत में IBM Ventures की मौजूदा गतिविधियों को विस्तार देता है और एंटरप्राइज़ टेक स्टार्टअप्स को प्रौद्योगिकी, मेंटरशिप और विकास के अवसरों से जुड़ने में मदद करता है।AI, हाइब्रिड क्लाउड और क्वांटम कंप्यूटिंग से जुड़े स्टार्टअप्स को एंटरप्राइज़ टेक्नोलॉजी, विशेषज्ञ मार्गदर्शन और व्यवसायीकरण के अवसरों से जोड़कर उनके विकास में सहयोग करता है।मुंबई, भारत – 13 अक्टूबर, 2026: IBM और MeitY स्टार्टअप हब (MSH), जो भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) की एक पहल है, ने एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते का उद्देश्य भारत के डीप टेक स्टार्टअप इकोसिस्टम को गति प्रदान करना है। इसके तहत स्टार्टअप्स को IBM की तकनीकी विशेषज्ञता, मेंटरशिप, एंटरप्राइज़ के साथ जुड़ने के अवसरों, कौशल विकास कार्यक्रमों और इकोसिस्टम के विकास से जुड़ी पहलों तक ऐक्सेस प्रदान किया जाएगा।यह सहयोग MeitY स्टार्टअप हब के देशव्यापी नवाचार नेटवर्क और IBM की एंटरप्राइज़ AI, हाइब्रिड क्लाउड और क्वांटम कंप्यूटिंग संबंधी विशेषज्ञता को एक साथ लाता है, ताकि उच्च क्षमता वाले स्टार्टअप्स को भारत और वैश्विक मार्केट्स के लिए प्रौद्योगिकियों के निर्माण, सत्यापन और विस्तार में सहायता मिल सके। यह पहल भारत में IBM Ventures की जारी गतिविधियों को और मज़बूत करती है और एंटरप्राइज़ टेक्नोलॉजी स्टार्टअप्स के लिए ग्राहकों, निवेशकों और उद्योग विशेषज्ञों से जुड़ने के अवसरों का विस्तार करती है।MSH के CEO डॉ. पन्नीरसेल्वम मदनगोपाल ने कहा, “भारत का स्टार्टअप इकोसिस्टम वैश्विक स्तर पर प्रौद्योगिकी नवाचार को गति देने वाले एक प्रमुख केंद्र के रूप में उभर रहा है। IBM के साथ यह साझेदारी देश की स्वदेशी डीप-टेक क्षमताओं को मज़बूत करने, प्रौद्योगिकी-आधारित उद्यमिता को प्रोत्साहित करने और नवाचारकर्ताओं को ऐसे समाधान तैयार करने हेतु और ज़्यादा अवसर उपलब्ध कराने में मदद करेगी, जो विकसित भारत के लक्ष्य में योगदान दे सकें।”इस सहयोग के तहत, स्टार्टअप्स को व्यावसायिक ज़रूरतों से जुड़ी समस्याओं को हल करने के लिए IBM की एंटरप्राइज़ टेक्नोलॉजी और इनोवेशन प्लेटफ़ॉर्म की पूरी श्रृंखला का लाभ उठाने का अवसर मिलेगा। इसमें IBM watsonx जैसी तकनीकों के इस्तेमाल के लिए तकनीकी मार्गदर्शन और सहायता दी जाएगी। IBM watsonx उद्यमों के लिए तैयार AI और डेटा प्लेटफ़ॉर्म है। इसके अलावा, IBM Bob, उद्यमों के लिए AI कोडिंग एजेंट; IBM Sovereign Core, डिजिटल संप्रभुता के लिए तैयार सॉफ़्टवेयर स्टैक; IBM की हाइब्रिड क्लाउड और क्वांटम कंप्यूटिंग तकनीकों का परिचय; और सुरक्षा व ऑटोमेशन समाधान भी इसमें शामिल हैं।MoU के तहत IBM और MSH मिलकर ऐसे कार्यक्रमों और गतिविधियों पर काम करने की संभावनाएं तलाशेंगे, जो स्टार्टअप्स को उनके विकास के अलग-अलग चरणों में और बैंकिंग, वित्त, सरकारी और औद्योगिक क्षेत्रों समेत अलग-अलग सेक्टरों में सहयोग दें। साझेदारी का फ़ोकस एंटरप्राइज़ प्रूफ़ ऑफ़ कॉन्सेप्ट, sovereign AI नवाचार, ओपन-सोर्स इकोसिस्टम का विकास, स्टार्टअप संस्थापकों को मेंटरशिप, तकनीकी कौशल प्रशिक्षण और स्टार्टअप्स को एंटरप्राइज़ और निवेशकों के सामने अपने समाधान प्रदर्शित करने का अवसर प्रदान करने पर रहेगा। साथ ही, टियर-2 और टियर-3 शहरों से उभरते प्रतिभाशाली नवाचारकर्ताओं की पहचान कर उन्हें आगे बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जाएगा, जिससे भारत के तेज़ी से विकसित हो रहे डीप-टेक इकोसिस्टम में उनकी भागीदारी बढ़ाई जा सके।“यह साझेदारी नवाचार को प्रोत्साहित करने और देश के डीप-टेक स्टार्टअप इकोसिस्टम को मज़बूत करने के प्रति हमारी साझा प्रतिबद्धता को दर्शाती है। ये स्टार्टअप्स भारत और दुनिया में प्रौद्योगिकी-आधारित विकास के भविष्य को आकार देने में अहम भूमिका निभा रहे हैं,” IBM इंडिया और साउथ एशिया के मैनेजिंग डायरेक्टर, संदीप पटेल ने कहा। उन्होंने यह भी कहा कि “MeitY स्टार्टअप हब के साथ हमारा लक्ष्य संस्थापकों को तेज़ी से नए विचारों पर काम करने, ज़िम्मेदारी से अपने व्यवसाय को बड़े स्तर पर ले जाने और ऐसे समाधान विकसित करने में सहायता देना है, जो राष्ट्रीय और वैश्विक चुनौतियों से निपटने में मदद करें, ताकि संभावनाशील नवाचारों का वास्तविक दुनिया में सार्थक प्रभाव दिखाई दे।”यह MoU भारत में स्टार्टअप्स, उद्यमिता और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए IBM द्वारा लगातार किए जा रहे प्रयासों को और आगे बढ़ाता है। पिछले सालों में IBM ने संस्थापकों, डेवलपर्स, शैक्षणिक संस्थानों और इकोसिस्टम भागीदारों के साथ मिलकर काम करते हुए स्टार्टअप्स को अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी, तकनीकी विशेषज्ञ मार्गदर्शन और कौशल विकास के अवसर उपलब्ध कराए हैं। इसमें IBM Ventures के साथ जुड़ी गतिविधियां भी शामिल हैं, जो अपने कैपिटल-प्लस मॉडल के माध्यम से अगली पीढ़ी की एंटरप्राइज़ टेक्नोलॉजी विकसित करने वाले दूरदर्शी संस्थापकों को सहयोग प्रदान करता है तथा IBM की वैश्विक पहुंच और विशेषज्ञों के व्यापक इकोसिस्टम का उपयोग करके अपने विकास को गति देने में यह स्टार्टअप्स की मदद करता है।]]></content:encoded></item><item><title><![CDATA[जीई एयरोस्पेस भारत में सप्लायर्स पर अपना खर्च लगभग दोगुना करेगा, देश के एविएशन उद्योग की बढ़ती जरूरतें पूरी करने में मिलेगी मदद]]></title><link>https://indianewslive.in/ge-aerospace-will-almost-double-its-spending-on-suppliers-in-india-which-will-help-meet-the-growing-needs-of-the-countrys-aviation-industry</link><dc:creator>Riddhi</dc:creator><pubDate>2026-10-14 17:00:00</pubDate><category>देश</category><guid isPermaLink="false">https://indianewslive.in/ge-aerospace-will-almost-double-its-spending-on-suppliers-in-india-which-will-help-meet-the-growing-needs-of-the-countrys-aviation-industry</guid><description><![CDATA[<p><img decoding="async" loading="lazy" class="" src="https://indianewslive.in/wp-content/uploads/default/700031882.jpeg" alt="" width="674" height="493" srcset="https://indianewslive.in/wp-content/uploads/default/700031882.jpeg 640w, https://indianewslive.in/wp-content/uploads/default/700031882.jpeg 300w, https://indianewslive.in/wp-content/uploads/default/700031882.jpeg 100w " sizes="(max-width: 640px) 100vw, 640px" /></p>]]></description><content:encoded><![CDATA[<p><img decoding="async" loading="lazy" class="" src="https://indianewslive.in/wp-content/uploads/default/700031882.jpeg" alt="" width="674" height="493" srcset="https://indianewslive.in/wp-content/uploads/default/700031882.jpeg 640w, https://indianewslive.in/wp-content/uploads/default/700031882.jpeg 300w, https://indianewslive.in/wp-content/uploads/default/700031882.jpeg 100w " sizes="(max-width: 640px) 100vw, 640px" /></p>जीई एयरोस्पेस भारत में सप्लायर्स पर अपना खर्च लगभग दोगुना करेगा, देश के एविएशन उद्योग की बढ़ती जरूरतें पूरी करने में मिलेगी मददइस घोषणा से जुड़ी मुख्य बातें निम्नलिखित हैं:यह घोषणा उस पहली रिपोर्ट के साथ आई है, जो भारत के एविएशन क्षेत्र की भावी ग्रोथ में जीई एयरोस्पेस के ऐतिहासिक योगदान को आंकती है।उन्नत इंजन तकनीक और भरोसेमंद संचालन भारत के बढ़ते एविएशन इकोसिस्टम में कनेक्टिविटी मजबूत करने में मदद कर रहे हैं।नई दिल्ली, 12 अक्टूबर, 2026: जीई एयरोस्पेस (NYSE:GE) ने आज घोषणा की कि वह भारत में उड़ान की बढ़ती मांग को पूरा करने और विमानन क्षेत्र में देश के नेतृत्व में मदद करने के लिए 2025 से 2030 तक घरेलू सप्लायर्स पर अपना खर्च लगभग दोगुना करने की योजना बना रहा है। यह घोषणा अर्न्स्ट एंड यंग (ईवाई) की तैयार की गई नई रिपोर्ट ‘पावरिंग प्रोग्रेस: जीई एयरोस्पेस इकोनॉमिक इंपैक्ट इन इंडिया’ के जारी होने के मौके पर की गई। यह रिपोर्ट कमर्शियल एविएशन, रक्षा, मैन्युफैक्चरिंग और इंजीनियरिंग में जीई एयरोस्पेस के भारत में चार दशकों के प्रभाव का पहला व्यापक मूल्यांकन है। इस रिपोर्ट को जीई एयरोस्पेस द्वारा आयोजित उद्योग जगत के दिग्गजों के सम्मेलन ‘इंडिया टेकिंग फ्लाइट: एविएशन, इनोवेशन एंड द रोड टू विकसित भारत 2047’ में जारी किया गया।भारत की घरेलू कमर्शियल एयरलाइंस ने वित्त वर्ष 2025-26 में लगभग 1,900 करोड़ डॉलर का राजस्व कमाया, जो देश के तेजी से बढ़ते विमानन क्षेत्र की मजबूती दिखाता है। उन्नत इंजन तकनीक, ऊंची विश्वसनीयता और बेहतर परिचालन प्रदर्शन के जरिए जीई एयरोस्पेस उस कनेक्टिविटी और कुशलता में योगदान देता है, जिस पर करीब 3.7 लाख प्रत्यक्ष नौकरियों वाला एविएशन इकोसिस्टम टिका है।रिपोर्ट के अनुसार, दिसंबर 2025 तक भारत में कमर्शियल एयरलाइंस की ज्यादातर उड़ानें जीई एयरोस्पेस और उसके भागीदारों* के बनाए 1,400 से अधिक इंजनों से चल रही थीं। इन इंजनों ने भारतीय एयरलाइंस को 88.2% के साथ दुनिया का सबसे ऊंचा पैसेंजर लोड फैक्टर और रोजाना 12 से 14 घंटे का एयरक्राफ्ट यूटिलाइजेशन हासिल करने में मदद की है, जो वैश्विक आंकड़ों से काफी ज्यादा है।जीई एयरोस्पेस, दक्षिण एशिया के सीईओ विक्रम राय ने कहा, “भारत में कमर्शियल एविएशन दुनिया में सबसे तेज रफ्तार से बढ़ रहा है, और आज की रिपोर्ट दिखाती है कि यहां हमारी प्रतिबद्धता इंजन बेचने से कहीं आगे तक जाती है। यह पुणे में तैयार होने वाले पुर्जों, बेंगलुरु के इनोवेशन और हमारे भरोसेमंद ग्राहकों में दिखती है, जो भारत के एयरोस्पेस उद्योग की अगली पीढ़ी खड़ी कर रहे हैं। जैसे-जैसे भारत अपने ‘विकसित भारत’ के लक्ष्यों की ओर बढ़ रहा है, सप्लाई चेन इकोसिस्टम के विस्तार के लिए अपना खर्च दोगुना करने से बढ़ती मांग पूरी करने में मदद मिलेगी।”विमानन क्षेत्र में एक दशक की मजबूत वृद्धि की तैयारीभारत सरकार के अनुमानों के अनुसार, सालाना घरेलू हवाई यात्रियों की संख्या वित्त वर्ष 2025-26 के 34 करोड़ से बढ़कर 2040 तक 110 करोड़ तक पहुंच जाएगी, और इसी दौरान 2047 तक हवाई अड्डों की संख्या 163 से बढ़कर 350 से अधिक हो जाएगी।इस मांग को पूरा करने के लिए, भारत और दक्षिण एशिया को 2044 तक 3,300 अतिरिक्त विमानों, यानी 6,600 अतिरिक्त इंजनों की आवश्यकता होगी। जुलाई 2026 में इंडिगो ने 510 एयरबस A320neo फैमिली विमानों के लिए 1,000 से अधिक लीप-1A इंजनों के ऑर्डर के लिए सीएफएम इंटरनेशनल के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। यह लीप इंजनों के लिए अब तक का सबसे बड़ा सिंगल ऑर्डर है और सीएफएम इंटरनेशनल के लिए एक नया रिकॉर्ड है, जिसमें इंडिगो की आगामी इंजन एमआरओ सुविधा स्थापित करने में सहायता भी शामिल थी। उम्मीद है कि भारतीय एयरलाइंस के पहले से दिए गए लगभग 1,500 नए विमानों के ऑर्डर में से ज्यादातर में जीई एयरोस्पेस और उसके भागीदारों के इंजन लगेंगे। रिपोर्ट के अनुसार यह भारत के मेंटेनेंस, रिपेयर और ओवरहाल (एमआरओ) उद्योग के लिए 550 करोड़ डॉलर से अधिक का अवसर है।लगातार निवेश से खड़ा हुआ मैन्युफैक्चरिंग बेसपुणे में जीई एयरोस्पेस का प्रमुख प्लांट 20 करोड़ डॉलर के शुरुआती निवेश से स्थापित किया गया था। 2024 से कंपनी ने ऑटोमेशन बढ़ाने, प्रिसिजन-मैन्युफैक्चरिंग क्षमता बढ़ाने और वर्कफोर्स तैयार करने के लिए लगभग 5.5 करोड़ डॉलर का निवेश किया है। इन निवेशों से भारत में जीई एयरोस्पेस की मैन्युफैक्चरिंग क्षमता मजबूत हुई है। इसे एक बड़े सप्लायर नेटवर्क का सहारा है, जिसमें छोटे और मझोले उद्यमों (एसएमई) समेत 17 प्रमुख घरेलू भागीदार और पुणे प्लांट शामिल हैं। जीई एयरोस्पेस ने 2025 में इस घरेलू सप्लाई चेन पर लगभग 20 करोड़ डॉलर खर्च किए, जिसे वह बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए 2030 तक दोगुना करने की योजना बना रहा है।2015 से अब तक लगभग 5,000 प्रोडक्शन एसोसिएट्स पुणे प्लांट के अप्रेंटिसशिप प्रोग्राम से ट्रेनिंग पूरी कर चुके हैं। इस प्रोग्राम में हर साल 400 से 500 नए अप्रेंटिस जुड़ते हैं। बेंगलुरु में इंजीनियरिंग प्रतिभा तैयार करने वाले प्रोग्राम और शिक्षण संस्थानों के साथ रिसर्च साझेदारियां भारत के एयरोस्पेस इंजीनियरिंग बेस को लगातार मजबूत कर रही हैं। इनमें आईआईटी मद्रास के साथ एक प्रमुख जॉइंट इनोवेशन प्रोग्राम भी शामिल है, जिसके तहत देश में ही डिजाइन और तैयार की गई ‘माइक्रो टर्बोमशीन’ बनाई गई।आत्मनिर्भरता के लक्ष्यों के केंद्र में एक रक्षा साझेदारीजीई एयरोस्पेस के इंजन भारत के रक्षा आत्मनिर्भरता के लक्ष्यों के लिए भी बहुत महत्वपूर्ण हैं। 1986 से कंपनी LM2500 नौसैनिक इंजनों और भारत के तेजस Mk1 लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट में लगने वाले F404-IN20 इंजनों पर हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) के साथ साझेदारी कर रही है। F404 इंजन प्लेटफॉर्म के 4,000 से अधिक इंजन 16 देशों में इस्तेमाल हो रहे हैं।2023 के एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) में तेजस Mk2 प्रोग्राम के लिए F414 इंजनों के संभावित घरेलू निर्माण की बात शामिल है, जो अंतिम समझौतों और मंजूरियों पर निर्भर है। जीई एयरोस्पेस ने भारतीय वायु सेना के साथ अपाचे हेलीकॉप्टर इंजनों के लिए पांच साल का ‘परफॉर्मेंस बेस्ड लॉजिस्टिक्स’ अनुबंध और F404-IN20 इंजनों के लिए देश में ही एक डिपो सुविधा स्थापित करने का एक अलग समझौता भी किया है।बेंगलुरु में केंद्रित इंजीनियरिंग और इनोवेशन2000 में 20 करोड़ डॉलर के निवेश के साथ स्थापित जीई एयरोस्पेस का बेंगलुरु टेक्नोलॉजी सेंटर, संयुक्त राज्य अमेरिका के बाहर अपनी तरह के पहले अनुसंधान और इंजीनियरिंग केंद्रों में से एक था। तब से इसने 1,000 से अधिक विमानन पेटेंट हासिल किए हैं और दुनिया के सबसे शक्तिशाली जेट इंजन GE9X के डिजाइन, विकास और सर्टिफिकेशन में योगदान दिया है। इसके इंजीनियरों के पास GE90, GP7200, GEnx और GE9X इंजनों की मुख्य डिजाइन जिम्मेदारियां हैं, साथ ही वे सीएफएम राइज** प्रोग्राम में भी अहम भूमिका निभा रहे हैं, जिसका मकसद ड्यूरेबिलिटी को लेकर ग्राहकों की उम्मीदों पर खरा उतरते हुए ईंधन की खपत में 20% तक की कुशलता लाना है। सेंटर की डिजिटल टेक्नोलॉजी टीम एआई के जरिए जीई एयरोस्पेस की वैश्विक सप्लाई चेन, एमआरओ और बिक्री के कामकाज में मदद करती है।कुल मिलाकर, ये निवेश भारत की एयरोस्पेस क्षमता, मैन्युफैक्चरिंग, इंजीनियरिंग और रक्षा आत्मनिर्भरता को मजबूत करने के लिए जीई एयरोस्पेस की चार दशकों की प्रतिबद्धता को दिखाते हैं, जो देश की अपनी विमानन महत्वाकांक्षाओं के साथ कदम मिलाकर चल रही है।]]></content:encoded></item><item><title><![CDATA[जीई एयरोस्पेस भारत में सप्लायर्स पर अपना खर्च लगभग दोगुना करेगा, देश के एविएशन उद्योग की बढ़ती जरूरतें पूरी करने में मिलेगी मदद]]></title><link>https://indianewslive.in/ge-aerospace-will-almost-double-its-spending-on-suppliers-in-india-which-will-help-meet-the-growing-needs-of-the-countrys-aviation-industry</link><dc:creator>Riddhi</dc:creator><pubDate>2026-10-14 17:00:00</pubDate><category>टैकनोलजी</category><guid isPermaLink="false">https://indianewslive.in/ge-aerospace-will-almost-double-its-spending-on-suppliers-in-india-which-will-help-meet-the-growing-needs-of-the-countrys-aviation-industry</guid><description><![CDATA[<p><img decoding="async" loading="lazy" class="" src="https://indianewslive.in/wp-content/uploads/default/700031882.jpeg" alt="" width="674" height="493" srcset="https://indianewslive.in/wp-content/uploads/default/700031882.jpeg 640w, https://indianewslive.in/wp-content/uploads/default/700031882.jpeg 300w, https://indianewslive.in/wp-content/uploads/default/700031882.jpeg 100w " sizes="(max-width: 640px) 100vw, 640px" /></p>]]></description><content:encoded><![CDATA[<p><img decoding="async" loading="lazy" class="" src="https://indianewslive.in/wp-content/uploads/default/700031882.jpeg" alt="" width="674" height="493" srcset="https://indianewslive.in/wp-content/uploads/default/700031882.jpeg 640w, https://indianewslive.in/wp-content/uploads/default/700031882.jpeg 300w, https://indianewslive.in/wp-content/uploads/default/700031882.jpeg 100w " sizes="(max-width: 640px) 100vw, 640px" /></p>जीई एयरोस्पेस भारत में सप्लायर्स पर अपना खर्च लगभग दोगुना करेगा, देश के एविएशन उद्योग की बढ़ती जरूरतें पूरी करने में मिलेगी मददइस घोषणा से जुड़ी मुख्य बातें निम्नलिखित हैं:यह घोषणा उस पहली रिपोर्ट के साथ आई है, जो भारत के एविएशन क्षेत्र की भावी ग्रोथ में जीई एयरोस्पेस के ऐतिहासिक योगदान को आंकती है।उन्नत इंजन तकनीक और भरोसेमंद संचालन भारत के बढ़ते एविएशन इकोसिस्टम में कनेक्टिविटी मजबूत करने में मदद कर रहे हैं।नई दिल्ली, 12 अक्टूबर, 2026: जीई एयरोस्पेस (NYSE:GE) ने आज घोषणा की कि वह भारत में उड़ान की बढ़ती मांग को पूरा करने और विमानन क्षेत्र में देश के नेतृत्व में मदद करने के लिए 2025 से 2030 तक घरेलू सप्लायर्स पर अपना खर्च लगभग दोगुना करने की योजना बना रहा है। यह घोषणा अर्न्स्ट एंड यंग (ईवाई) की तैयार की गई नई रिपोर्ट ‘पावरिंग प्रोग्रेस: जीई एयरोस्पेस इकोनॉमिक इंपैक्ट इन इंडिया’ के जारी होने के मौके पर की गई। यह रिपोर्ट कमर्शियल एविएशन, रक्षा, मैन्युफैक्चरिंग और इंजीनियरिंग में जीई एयरोस्पेस के भारत में चार दशकों के प्रभाव का पहला व्यापक मूल्यांकन है। इस रिपोर्ट को जीई एयरोस्पेस द्वारा आयोजित उद्योग जगत के दिग्गजों के सम्मेलन ‘इंडिया टेकिंग फ्लाइट: एविएशन, इनोवेशन एंड द रोड टू विकसित भारत 2047’ में जारी किया गया।भारत की घरेलू कमर्शियल एयरलाइंस ने वित्त वर्ष 2025-26 में लगभग 1,900 करोड़ डॉलर का राजस्व कमाया, जो देश के तेजी से बढ़ते विमानन क्षेत्र की मजबूती दिखाता है। उन्नत इंजन तकनीक, ऊंची विश्वसनीयता और बेहतर परिचालन प्रदर्शन के जरिए जीई एयरोस्पेस उस कनेक्टिविटी और कुशलता में योगदान देता है, जिस पर करीब 3.7 लाख प्रत्यक्ष नौकरियों वाला एविएशन इकोसिस्टम टिका है।रिपोर्ट के अनुसार, दिसंबर 2025 तक भारत में कमर्शियल एयरलाइंस की ज्यादातर उड़ानें जीई एयरोस्पेस और उसके भागीदारों* के बनाए 1,400 से अधिक इंजनों से चल रही थीं। इन इंजनों ने भारतीय एयरलाइंस को 88.2% के साथ दुनिया का सबसे ऊंचा पैसेंजर लोड फैक्टर और रोजाना 12 से 14 घंटे का एयरक्राफ्ट यूटिलाइजेशन हासिल करने में मदद की है, जो वैश्विक आंकड़ों से काफी ज्यादा है।जीई एयरोस्पेस, दक्षिण एशिया के सीईओ विक्रम राय ने कहा, “भारत में कमर्शियल एविएशन दुनिया में सबसे तेज रफ्तार से बढ़ रहा है, और आज की रिपोर्ट दिखाती है कि यहां हमारी प्रतिबद्धता इंजन बेचने से कहीं आगे तक जाती है। यह पुणे में तैयार होने वाले पुर्जों, बेंगलुरु के इनोवेशन और हमारे भरोसेमंद ग्राहकों में दिखती है, जो भारत के एयरोस्पेस उद्योग की अगली पीढ़ी खड़ी कर रहे हैं। जैसे-जैसे भारत अपने ‘विकसित भारत’ के लक्ष्यों की ओर बढ़ रहा है, सप्लाई चेन इकोसिस्टम के विस्तार के लिए अपना खर्च दोगुना करने से बढ़ती मांग पूरी करने में मदद मिलेगी।”विमानन क्षेत्र में एक दशक की मजबूत वृद्धि की तैयारीभारत सरकार के अनुमानों के अनुसार, सालाना घरेलू हवाई यात्रियों की संख्या वित्त वर्ष 2025-26 के 34 करोड़ से बढ़कर 2040 तक 110 करोड़ तक पहुंच जाएगी, और इसी दौरान 2047 तक हवाई अड्डों की संख्या 163 से बढ़कर 350 से अधिक हो जाएगी।इस मांग को पूरा करने के लिए, भारत और दक्षिण एशिया को 2044 तक 3,300 अतिरिक्त विमानों, यानी 6,600 अतिरिक्त इंजनों की आवश्यकता होगी। जुलाई 2026 में इंडिगो ने 510 एयरबस A320neo फैमिली विमानों के लिए 1,000 से अधिक लीप-1A इंजनों के ऑर्डर के लिए सीएफएम इंटरनेशनल के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। यह लीप इंजनों के लिए अब तक का सबसे बड़ा सिंगल ऑर्डर है और सीएफएम इंटरनेशनल के लिए एक नया रिकॉर्ड है, जिसमें इंडिगो की आगामी इंजन एमआरओ सुविधा स्थापित करने में सहायता भी शामिल थी। उम्मीद है कि भारतीय एयरलाइंस के पहले से दिए गए लगभग 1,500 नए विमानों के ऑर्डर में से ज्यादातर में जीई एयरोस्पेस और उसके भागीदारों के इंजन लगेंगे। रिपोर्ट के अनुसार यह भारत के मेंटेनेंस, रिपेयर और ओवरहाल (एमआरओ) उद्योग के लिए 550 करोड़ डॉलर से अधिक का अवसर है।लगातार निवेश से खड़ा हुआ मैन्युफैक्चरिंग बेसपुणे में जीई एयरोस्पेस का प्रमुख प्लांट 20 करोड़ डॉलर के शुरुआती निवेश से स्थापित किया गया था। 2024 से कंपनी ने ऑटोमेशन बढ़ाने, प्रिसिजन-मैन्युफैक्चरिंग क्षमता बढ़ाने और वर्कफोर्स तैयार करने के लिए लगभग 5.5 करोड़ डॉलर का निवेश किया है। इन निवेशों से भारत में जीई एयरोस्पेस की मैन्युफैक्चरिंग क्षमता मजबूत हुई है। इसे एक बड़े सप्लायर नेटवर्क का सहारा है, जिसमें छोटे और मझोले उद्यमों (एसएमई) समेत 17 प्रमुख घरेलू भागीदार और पुणे प्लांट शामिल हैं। जीई एयरोस्पेस ने 2025 में इस घरेलू सप्लाई चेन पर लगभग 20 करोड़ डॉलर खर्च किए, जिसे वह बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए 2030 तक दोगुना करने की योजना बना रहा है।2015 से अब तक लगभग 5,000 प्रोडक्शन एसोसिएट्स पुणे प्लांट के अप्रेंटिसशिप प्रोग्राम से ट्रेनिंग पूरी कर चुके हैं। इस प्रोग्राम में हर साल 400 से 500 नए अप्रेंटिस जुड़ते हैं। बेंगलुरु में इंजीनियरिंग प्रतिभा तैयार करने वाले प्रोग्राम और शिक्षण संस्थानों के साथ रिसर्च साझेदारियां भारत के एयरोस्पेस इंजीनियरिंग बेस को लगातार मजबूत कर रही हैं। इनमें आईआईटी मद्रास के साथ एक प्रमुख जॉइंट इनोवेशन प्रोग्राम भी शामिल है, जिसके तहत देश में ही डिजाइन और तैयार की गई ‘माइक्रो टर्बोमशीन’ बनाई गई।आत्मनिर्भरता के लक्ष्यों के केंद्र में एक रक्षा साझेदारीजीई एयरोस्पेस के इंजन भारत के रक्षा आत्मनिर्भरता के लक्ष्यों के लिए भी बहुत महत्वपूर्ण हैं। 1986 से कंपनी LM2500 नौसैनिक इंजनों और भारत के तेजस Mk1 लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट में लगने वाले F404-IN20 इंजनों पर हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) के साथ साझेदारी कर रही है। F404 इंजन प्लेटफॉर्म के 4,000 से अधिक इंजन 16 देशों में इस्तेमाल हो रहे हैं।2023 के एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) में तेजस Mk2 प्रोग्राम के लिए F414 इंजनों के संभावित घरेलू निर्माण की बात शामिल है, जो अंतिम समझौतों और मंजूरियों पर निर्भर है। जीई एयरोस्पेस ने भारतीय वायु सेना के साथ अपाचे हेलीकॉप्टर इंजनों के लिए पांच साल का ‘परफॉर्मेंस बेस्ड लॉजिस्टिक्स’ अनुबंध और F404-IN20 इंजनों के लिए देश में ही एक डिपो सुविधा स्थापित करने का एक अलग समझौता भी किया है।बेंगलुरु में केंद्रित इंजीनियरिंग और इनोवेशन2000 में 20 करोड़ डॉलर के निवेश के साथ स्थापित जीई एयरोस्पेस का बेंगलुरु टेक्नोलॉजी सेंटर, संयुक्त राज्य अमेरिका के बाहर अपनी तरह के पहले अनुसंधान और इंजीनियरिंग केंद्रों में से एक था। तब से इसने 1,000 से अधिक विमानन पेटेंट हासिल किए हैं और दुनिया के सबसे शक्तिशाली जेट इंजन GE9X के डिजाइन, विकास और सर्टिफिकेशन में योगदान दिया है। इसके इंजीनियरों के पास GE90, GP7200, GEnx और GE9X इंजनों की मुख्य डिजाइन जिम्मेदारियां हैं, साथ ही वे सीएफएम राइज** प्रोग्राम में भी अहम भूमिका निभा रहे हैं, जिसका मकसद ड्यूरेबिलिटी को लेकर ग्राहकों की उम्मीदों पर खरा उतरते हुए ईंधन की खपत में 20% तक की कुशलता लाना है। सेंटर की डिजिटल टेक्नोलॉजी टीम एआई के जरिए जीई एयरोस्पेस की वैश्विक सप्लाई चेन, एमआरओ और बिक्री के कामकाज में मदद करती है।कुल मिलाकर, ये निवेश भारत की एयरोस्पेस क्षमता, मैन्युफैक्चरिंग, इंजीनियरिंग और रक्षा आत्मनिर्भरता को मजबूत करने के लिए जीई एयरोस्पेस की चार दशकों की प्रतिबद्धता को दिखाते हैं, जो देश की अपनी विमानन महत्वाकांक्षाओं के साथ कदम मिलाकर चल रही है।]]></content:encoded></item><item><title><![CDATA[जीई एयरोस्पेस भारत में सप्लायर्स पर अपना खर्च लगभग दोगुना करेगा, देश के एविएशन उद्योग की बढ़ती जरूरतें पूरी करने में मिलेगी मदद]]></title><link>https://indianewslive.in/ge-aerospace-will-almost-double-its-spending-on-suppliers-in-india-which-will-help-meet-the-growing-needs-of-the-countrys-aviation-industry</link><dc:creator>Riddhi</dc:creator><pubDate>2026-10-14 17:00:00</pubDate><category>व्यापार</category><guid isPermaLink="false">https://indianewslive.in/ge-aerospace-will-almost-double-its-spending-on-suppliers-in-india-which-will-help-meet-the-growing-needs-of-the-countrys-aviation-industry</guid><description><![CDATA[<p><img decoding="async" loading="lazy" class="" src="https://indianewslive.in/wp-content/uploads/default/700031882.jpeg" alt="" width="674" height="493" srcset="https://indianewslive.in/wp-content/uploads/default/700031882.jpeg 640w, https://indianewslive.in/wp-content/uploads/default/700031882.jpeg 300w, https://indianewslive.in/wp-content/uploads/default/700031882.jpeg 100w " sizes="(max-width: 640px) 100vw, 640px" /></p>]]></description><content:encoded><![CDATA[<p><img decoding="async" loading="lazy" class="" src="https://indianewslive.in/wp-content/uploads/default/700031882.jpeg" alt="" width="674" height="493" srcset="https://indianewslive.in/wp-content/uploads/default/700031882.jpeg 640w, https://indianewslive.in/wp-content/uploads/default/700031882.jpeg 300w, https://indianewslive.in/wp-content/uploads/default/700031882.jpeg 100w " sizes="(max-width: 640px) 100vw, 640px" /></p>जीई एयरोस्पेस भारत में सप्लायर्स पर अपना खर्च लगभग दोगुना करेगा, देश के एविएशन उद्योग की बढ़ती जरूरतें पूरी करने में मिलेगी मददइस घोषणा से जुड़ी मुख्य बातें निम्नलिखित हैं:यह घोषणा उस पहली रिपोर्ट के साथ आई है, जो भारत के एविएशन क्षेत्र की भावी ग्रोथ में जीई एयरोस्पेस के ऐतिहासिक योगदान को आंकती है।उन्नत इंजन तकनीक और भरोसेमंद संचालन भारत के बढ़ते एविएशन इकोसिस्टम में कनेक्टिविटी मजबूत करने में मदद कर रहे हैं।नई दिल्ली, 12 अक्टूबर, 2026: जीई एयरोस्पेस (NYSE:GE) ने आज घोषणा की कि वह भारत में उड़ान की बढ़ती मांग को पूरा करने और विमानन क्षेत्र में देश के नेतृत्व में मदद करने के लिए 2025 से 2030 तक घरेलू सप्लायर्स पर अपना खर्च लगभग दोगुना करने की योजना बना रहा है। यह घोषणा अर्न्स्ट एंड यंग (ईवाई) की तैयार की गई नई रिपोर्ट ‘पावरिंग प्रोग्रेस: जीई एयरोस्पेस इकोनॉमिक इंपैक्ट इन इंडिया’ के जारी होने के मौके पर की गई। यह रिपोर्ट कमर्शियल एविएशन, रक्षा, मैन्युफैक्चरिंग और इंजीनियरिंग में जीई एयरोस्पेस के भारत में चार दशकों के प्रभाव का पहला व्यापक मूल्यांकन है। इस रिपोर्ट को जीई एयरोस्पेस द्वारा आयोजित उद्योग जगत के दिग्गजों के सम्मेलन ‘इंडिया टेकिंग फ्लाइट: एविएशन, इनोवेशन एंड द रोड टू विकसित भारत 2047’ में जारी किया गया।भारत की घरेलू कमर्शियल एयरलाइंस ने वित्त वर्ष 2025-26 में लगभग 1,900 करोड़ डॉलर का राजस्व कमाया, जो देश के तेजी से बढ़ते विमानन क्षेत्र की मजबूती दिखाता है। उन्नत इंजन तकनीक, ऊंची विश्वसनीयता और बेहतर परिचालन प्रदर्शन के जरिए जीई एयरोस्पेस उस कनेक्टिविटी और कुशलता में योगदान देता है, जिस पर करीब 3.7 लाख प्रत्यक्ष नौकरियों वाला एविएशन इकोसिस्टम टिका है।रिपोर्ट के अनुसार, दिसंबर 2025 तक भारत में कमर्शियल एयरलाइंस की ज्यादातर उड़ानें जीई एयरोस्पेस और उसके भागीदारों* के बनाए 1,400 से अधिक इंजनों से चल रही थीं। इन इंजनों ने भारतीय एयरलाइंस को 88.2% के साथ दुनिया का सबसे ऊंचा पैसेंजर लोड फैक्टर और रोजाना 12 से 14 घंटे का एयरक्राफ्ट यूटिलाइजेशन हासिल करने में मदद की है, जो वैश्विक आंकड़ों से काफी ज्यादा है।जीई एयरोस्पेस, दक्षिण एशिया के सीईओ विक्रम राय ने कहा, “भारत में कमर्शियल एविएशन दुनिया में सबसे तेज रफ्तार से बढ़ रहा है, और आज की रिपोर्ट दिखाती है कि यहां हमारी प्रतिबद्धता इंजन बेचने से कहीं आगे तक जाती है। यह पुणे में तैयार होने वाले पुर्जों, बेंगलुरु के इनोवेशन और हमारे भरोसेमंद ग्राहकों में दिखती है, जो भारत के एयरोस्पेस उद्योग की अगली पीढ़ी खड़ी कर रहे हैं। जैसे-जैसे भारत अपने ‘विकसित भारत’ के लक्ष्यों की ओर बढ़ रहा है, सप्लाई चेन इकोसिस्टम के विस्तार के लिए अपना खर्च दोगुना करने से बढ़ती मांग पूरी करने में मदद मिलेगी।”विमानन क्षेत्र में एक दशक की मजबूत वृद्धि की तैयारीभारत सरकार के अनुमानों के अनुसार, सालाना घरेलू हवाई यात्रियों की संख्या वित्त वर्ष 2025-26 के 34 करोड़ से बढ़कर 2040 तक 110 करोड़ तक पहुंच जाएगी, और इसी दौरान 2047 तक हवाई अड्डों की संख्या 163 से बढ़कर 350 से अधिक हो जाएगी।इस मांग को पूरा करने के लिए, भारत और दक्षिण एशिया को 2044 तक 3,300 अतिरिक्त विमानों, यानी 6,600 अतिरिक्त इंजनों की आवश्यकता होगी। जुलाई 2026 में इंडिगो ने 510 एयरबस A320neo फैमिली विमानों के लिए 1,000 से अधिक लीप-1A इंजनों के ऑर्डर के लिए सीएफएम इंटरनेशनल के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। यह लीप इंजनों के लिए अब तक का सबसे बड़ा सिंगल ऑर्डर है और सीएफएम इंटरनेशनल के लिए एक नया रिकॉर्ड है, जिसमें इंडिगो की आगामी इंजन एमआरओ सुविधा स्थापित करने में सहायता भी शामिल थी। उम्मीद है कि भारतीय एयरलाइंस के पहले से दिए गए लगभग 1,500 नए विमानों के ऑर्डर में से ज्यादातर में जीई एयरोस्पेस और उसके भागीदारों के इंजन लगेंगे। रिपोर्ट के अनुसार यह भारत के मेंटेनेंस, रिपेयर और ओवरहाल (एमआरओ) उद्योग के लिए 550 करोड़ डॉलर से अधिक का अवसर है।लगातार निवेश से खड़ा हुआ मैन्युफैक्चरिंग बेसपुणे में जीई एयरोस्पेस का प्रमुख प्लांट 20 करोड़ डॉलर के शुरुआती निवेश से स्थापित किया गया था। 2024 से कंपनी ने ऑटोमेशन बढ़ाने, प्रिसिजन-मैन्युफैक्चरिंग क्षमता बढ़ाने और वर्कफोर्स तैयार करने के लिए लगभग 5.5 करोड़ डॉलर का निवेश किया है। इन निवेशों से भारत में जीई एयरोस्पेस की मैन्युफैक्चरिंग क्षमता मजबूत हुई है। इसे एक बड़े सप्लायर नेटवर्क का सहारा है, जिसमें छोटे और मझोले उद्यमों (एसएमई) समेत 17 प्रमुख घरेलू भागीदार और पुणे प्लांट शामिल हैं। जीई एयरोस्पेस ने 2025 में इस घरेलू सप्लाई चेन पर लगभग 20 करोड़ डॉलर खर्च किए, जिसे वह बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए 2030 तक दोगुना करने की योजना बना रहा है।2015 से अब तक लगभग 5,000 प्रोडक्शन एसोसिएट्स पुणे प्लांट के अप्रेंटिसशिप प्रोग्राम से ट्रेनिंग पूरी कर चुके हैं। इस प्रोग्राम में हर साल 400 से 500 नए अप्रेंटिस जुड़ते हैं। बेंगलुरु में इंजीनियरिंग प्रतिभा तैयार करने वाले प्रोग्राम और शिक्षण संस्थानों के साथ रिसर्च साझेदारियां भारत के एयरोस्पेस इंजीनियरिंग बेस को लगातार मजबूत कर रही हैं। इनमें आईआईटी मद्रास के साथ एक प्रमुख जॉइंट इनोवेशन प्रोग्राम भी शामिल है, जिसके तहत देश में ही डिजाइन और तैयार की गई ‘माइक्रो टर्बोमशीन’ बनाई गई।आत्मनिर्भरता के लक्ष्यों के केंद्र में एक रक्षा साझेदारीजीई एयरोस्पेस के इंजन भारत के रक्षा आत्मनिर्भरता के लक्ष्यों के लिए भी बहुत महत्वपूर्ण हैं। 1986 से कंपनी LM2500 नौसैनिक इंजनों और भारत के तेजस Mk1 लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट में लगने वाले F404-IN20 इंजनों पर हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) के साथ साझेदारी कर रही है। F404 इंजन प्लेटफॉर्म के 4,000 से अधिक इंजन 16 देशों में इस्तेमाल हो रहे हैं।2023 के एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) में तेजस Mk2 प्रोग्राम के लिए F414 इंजनों के संभावित घरेलू निर्माण की बात शामिल है, जो अंतिम समझौतों और मंजूरियों पर निर्भर है। जीई एयरोस्पेस ने भारतीय वायु सेना के साथ अपाचे हेलीकॉप्टर इंजनों के लिए पांच साल का ‘परफॉर्मेंस बेस्ड लॉजिस्टिक्स’ अनुबंध और F404-IN20 इंजनों के लिए देश में ही एक डिपो सुविधा स्थापित करने का एक अलग समझौता भी किया है।बेंगलुरु में केंद्रित इंजीनियरिंग और इनोवेशन2000 में 20 करोड़ डॉलर के निवेश के साथ स्थापित जीई एयरोस्पेस का बेंगलुरु टेक्नोलॉजी सेंटर, संयुक्त राज्य अमेरिका के बाहर अपनी तरह के पहले अनुसंधान और इंजीनियरिंग केंद्रों में से एक था। तब से इसने 1,000 से अधिक विमानन पेटेंट हासिल किए हैं और दुनिया के सबसे शक्तिशाली जेट इंजन GE9X के डिजाइन, विकास और सर्टिफिकेशन में योगदान दिया है। इसके इंजीनियरों के पास GE90, GP7200, GEnx और GE9X इंजनों की मुख्य डिजाइन जिम्मेदारियां हैं, साथ ही वे सीएफएम राइज** प्रोग्राम में भी अहम भूमिका निभा रहे हैं, जिसका मकसद ड्यूरेबिलिटी को लेकर ग्राहकों की उम्मीदों पर खरा उतरते हुए ईंधन की खपत में 20% तक की कुशलता लाना है। सेंटर की डिजिटल टेक्नोलॉजी टीम एआई के जरिए जीई एयरोस्पेस की वैश्विक सप्लाई चेन, एमआरओ और बिक्री के कामकाज में मदद करती है।कुल मिलाकर, ये निवेश भारत की एयरोस्पेस क्षमता, मैन्युफैक्चरिंग, इंजीनियरिंग और रक्षा आत्मनिर्भरता को मजबूत करने के लिए जीई एयरोस्पेस की चार दशकों की प्रतिबद्धता को दिखाते हैं, जो देश की अपनी विमानन महत्वाकांक्षाओं के साथ कदम मिलाकर चल रही है।]]></content:encoded></item><item><title><![CDATA[छोटे कारोबारों के लिए त्योहारों की चैट को बिक्री में बदलने के 6 तरीके]]></title><link>https://indianewslive.in/6-ways-to-turn-holiday-chat-into-sales-for-small-businesses</link><dc:creator>Riddhi</dc:creator><pubDate>2026-10-14 16:40:00</pubDate><category>व्यापार</category><guid isPermaLink="false">https://indianewslive.in/6-ways-to-turn-holiday-chat-into-sales-for-small-businesses</guid><description><![CDATA[<p><img decoding="async" loading="lazy" class="" src="https://indianewslive.in/wp-content/uploads/default/700031882.jpeg" alt="" width="674" height="493" srcset="https://indianewslive.in/wp-content/uploads/default/700031882.jpeg 640w, https://indianewslive.in/wp-content/uploads/default/700031882.jpeg 300w, https://indianewslive.in/wp-content/uploads/default/700031882.jpeg 100w " sizes="(max-width: 640px) 100vw, 640px" /></p>]]></description><content:encoded><![CDATA[<p><img decoding="async" loading="lazy" class="" src="https://indianewslive.in/wp-content/uploads/default/700031882.jpeg" alt="" width="674" height="493" srcset="https://indianewslive.in/wp-content/uploads/default/700031882.jpeg 640w, https://indianewslive.in/wp-content/uploads/default/700031882.jpeg 300w, https://indianewslive.in/wp-content/uploads/default/700031882.jpeg 100w " sizes="(max-width: 640px) 100vw, 640px" /></p>छोटे कारोबारों के लिए त्योहारों की चैट को बिक्री में बदलने के 6 तरीकेरात के 11 बजे हैं। एक ग्राहक पूछ रहा है कि क्या नीला कुर्ता बड़े साइज में मिलेगा, क्या दिवाली से पहले पहुंच जाएगा और क्या कोई छूट भी है। अब सोचिए, ऐसे सैकड़ों मैसेज एक साथ आ जाएं तो? भारत के छोटे कारोबारों के लिए यह त्योहारों का सीजन है। ग्राहक भरपूर हैं, पर इतनी सारी पूछताछ और ऑर्डर को समय पर संभालना बड़ी चुनौती बन जाता है।यहां जानिए कि त्योहारों में ग्राहक के पहली बार प्रोडक्ट देखने से लेकर दोबारा खरीदारी करने तक, हर कदम पर छोटे और मध्यम कारोबार व्हाट्सएप का इस्तेमाल कैसे कर सकते हैं।ग्राहकों की दिलचस्पी को बातचीत में बदलेंग्राहक किसी कारोबार से संपर्क करने से पहले अक्सर सोशल मीडिया पर ही उसके प्रोडक्ट्स देख लेते हैं। फेसबुक और इंस्टाग्राम पर ऐसे विज्ञापन दिए जा सकते हैं, जिन पर क्लिक करते ही ग्राहक से व्हाट्सएप पर सीधी बातचीत शुरू हो जाए। मसलन, अपने फेस्टिव कलेक्शन का प्रचार कर रहा ज्वेलरी कारोबारी डिजाइन, कीमत और स्टॉक को लेकर ग्राहकों के सवालों का उसी समय जवाब दे सकता है। इससे ग्राहक वेबसाइट पर भटककर हाथ से नहीं निकलते।रात में जागे बिना भी ग्राहकों को जवाब देंयह पहला त्योहारी सीजन है, जब छोटे कारोबारों को हर मैसेज का जवाब खुद नहीं देना पड़ेगा। त्योहारों में ग्राहक किसी भी समय पूछताछ करते हैं और साथ-साथ विकल्पों की तुलना भी करते रहते हैं। जिन विज्ञापनों पर क्लिक करते ही व्हाट्सएप चैट खुलती है, उन पर एक साथ ढेरों मैसेज आ सकते हैं। ऐसे में अगली सुबह तक जवाब देने में अक्सर बहुत देर हो चुकी होती है। अब पात्र छोटे और मध्यम कारोबार मेटा बिजनेस एजेंट की मदद से चौबीसों घंटे ग्राहकों से बातचीत जारी रख सकते हैं। इसे कारोबार के अपने प्रोडक्ट्स, कीमतों और डिलीवरी की जानकारी के हिसाब से तैयार किया जा सकता है और यह भारतीय भाषाओं में सहजता से जवाब देता है। जैसे ही किसी बातचीत में मालिक के निजी जुड़ाव की जरूरत होती है, यह उसे तुरंत मालिक को सौंप देता है।खरीदारी से पहले ग्राहकों को प्रोडक्ट्स देखने देंत्योहारों पर ग्राहक खरीदारी से पहले रंग, साइज और कीमतों की तुलना करना चाहते हैं। व्हाट्सएप कैटलॉग में ग्राहक चैट के पुराने मैसेज खंगाले बिना एक ही जगह सारे प्रोडक्ट्स देख सकते हैं। गिफ्टिंग कारोबारी किफायती से लेकर खास मौकों के लिए महंगे, हर बजट के गिफ्ट हैम्पर्स दिखा सकता है और कपड़ों का विक्रेता अपना पूरा फेस्टिव कलेक्शन एक साथ सजाकर दिखा सकता है। प्रोडक्ट्स देखना जितना आसान होगा, ग्राहक “आपके पास क्या-क्या है?” से “मुझे यह ऑर्डर करना है” तक उतनी ही जल्दी पहुंचेगा।खरीदारी के फैसले से भुगतान तक का रास्ता छोटा करेंजो ग्राहक खरीदने का मन बना चुका है, उसे संभालना सबसे आसान होता है। मुश्किल तब शुरू होती है, जब उसे भुगतान के लिए किसी दूसरी जगह भेजा जाता है। व्हाट्सएप बिजनेस पर भुगतान की सुविधा से ग्राहक चैट में ही पैसे दे सकते हैं। एक टैप में क्यूआर कोड शेयर करके होम बेकरी चलाने वाला कारोबारी त्योहारों के गिफ्ट हैम्पर का ऑर्डर कन्फर्म कर उसी चैट में भुगतान भी ले सकता है। मेटा बिजनेस एजेंट अब बातचीत के भीतर ही यूपीआई पेमेंट भी ले सकता है।पुराने ग्राहकों को दोबारा खरीदारी के लिए प्रेरित करेंत्योहारों पर आपके सबसे अच्छे ग्राहक वही हैं, जो आपको पहले से जानते हैं। बिजनेस ब्रॉडकास्ट मैसेज के जरिए उन्हें उनकी जरूरत के हिसाब से तैयार, सचमुच काम की जानकारी भेजी जा सकती है। सैलून ग्राहकों को भीड़ बढ़ने से पहले बुकिंग करा लेने की याद दिला सकता है, बेकरी ऑर्डर बंद होने की तारीख बता सकती है और कपड़ों का कारोबारी नए कलेक्शन या फेस्टिव सेल की जानकारी दे सकता है। सही समय पर भेजा गया काम का मैसेज आम प्रचार से कहीं ज्यादा असर करता है।साथ-साथ सीखें और सुधार करते चलेंग्राहकों के साथ होने वाली हर बातचीत उनकी पसंद और जरूरतों को समझने का मौका देती है। अगर ग्राहक बार-बार डिलीवरी के बारे में पूछते हैं, तो शिपिंग की जानकारी स्पष्ट करने की जरूरत हो सकती है। इसी तरह, किसी खास प्रोडक्ट या कीमत की बार-बार मांग से अगले सीजन के कलेक्शन को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है। भारत में ऑनलाइन रहने वाले 91% वयस्क हर हफ्ते किसी न किसी कारोबार को मैसेज करते हैं। ऐसे में त्योहारों के दौरान आने वाले मैसेज बिक्री का जरिया होने के साथ-साथ ग्राहकों की पसंद समझने का माध्यम भी हैं। मेटा बिजनेस एजेंट ग्राहकों से मिले इन संकेतों को सीधे आप तक पहुंचाने में मदद कर सकता है।बड़ी तस्वीरग्राहक बढ़ने के साथ कारोबार संभालना भी जटिल होता जाता है। छोटे और मध्यम कारोबारों के पास मौका है कि वे व्हाट्सएप का इस्तेमाल प्रचार से आगे बढ़ाकर उसे ग्राहक की पूरी खरीदारी का ठिकाना बनाएं, जहां प्रोडक्ट की जानकारी मिलने से लेकर भुगतान और अगले ऑर्डर तक सब कुछ एक ही जगह हो।]]></content:encoded></item><item><title><![CDATA[छोटे कारोबारों के लिए त्योहारों की चैट को बिक्री में बदलने के 6 तरीके]]></title><link>https://indianewslive.in/6-ways-to-turn-holiday-chat-into-sales-for-small-businesses</link><dc:creator>Riddhi</dc:creator><pubDate>2026-10-14 16:40:00</pubDate><category>टैकनोलजी</category><guid isPermaLink="false">https://indianewslive.in/6-ways-to-turn-holiday-chat-into-sales-for-small-businesses</guid><description><![CDATA[<p><img decoding="async" loading="lazy" class="" src="https://indianewslive.in/wp-content/uploads/default/700031882.jpeg" alt="" width="674" height="493" srcset="https://indianewslive.in/wp-content/uploads/default/700031882.jpeg 640w, https://indianewslive.in/wp-content/uploads/default/700031882.jpeg 300w, https://indianewslive.in/wp-content/uploads/default/700031882.jpeg 100w " sizes="(max-width: 640px) 100vw, 640px" /></p>]]></description><content:encoded><![CDATA[<p><img decoding="async" loading="lazy" class="" src="https://indianewslive.in/wp-content/uploads/default/700031882.jpeg" alt="" width="674" height="493" srcset="https://indianewslive.in/wp-content/uploads/default/700031882.jpeg 640w, https://indianewslive.in/wp-content/uploads/default/700031882.jpeg 300w, https://indianewslive.in/wp-content/uploads/default/700031882.jpeg 100w " sizes="(max-width: 640px) 100vw, 640px" /></p>छोटे कारोबारों के लिए त्योहारों की चैट को बिक्री में बदलने के 6 तरीकेरात के 11 बजे हैं। एक ग्राहक पूछ रहा है कि क्या नीला कुर्ता बड़े साइज में मिलेगा, क्या दिवाली से पहले पहुंच जाएगा और क्या कोई छूट भी है। अब सोचिए, ऐसे सैकड़ों मैसेज एक साथ आ जाएं तो? भारत के छोटे कारोबारों के लिए यह त्योहारों का सीजन है। ग्राहक भरपूर हैं, पर इतनी सारी पूछताछ और ऑर्डर को समय पर संभालना बड़ी चुनौती बन जाता है।यहां जानिए कि त्योहारों में ग्राहक के पहली बार प्रोडक्ट देखने से लेकर दोबारा खरीदारी करने तक, हर कदम पर छोटे और मध्यम कारोबार व्हाट्सएप का इस्तेमाल कैसे कर सकते हैं।ग्राहकों की दिलचस्पी को बातचीत में बदलेंग्राहक किसी कारोबार से संपर्क करने से पहले अक्सर सोशल मीडिया पर ही उसके प्रोडक्ट्स देख लेते हैं। फेसबुक और इंस्टाग्राम पर ऐसे विज्ञापन दिए जा सकते हैं, जिन पर क्लिक करते ही ग्राहक से व्हाट्सएप पर सीधी बातचीत शुरू हो जाए। मसलन, अपने फेस्टिव कलेक्शन का प्रचार कर रहा ज्वेलरी कारोबारी डिजाइन, कीमत और स्टॉक को लेकर ग्राहकों के सवालों का उसी समय जवाब दे सकता है। इससे ग्राहक वेबसाइट पर भटककर हाथ से नहीं निकलते।रात में जागे बिना भी ग्राहकों को जवाब देंयह पहला त्योहारी सीजन है, जब छोटे कारोबारों को हर मैसेज का जवाब खुद नहीं देना पड़ेगा। त्योहारों में ग्राहक किसी भी समय पूछताछ करते हैं और साथ-साथ विकल्पों की तुलना भी करते रहते हैं। जिन विज्ञापनों पर क्लिक करते ही व्हाट्सएप चैट खुलती है, उन पर एक साथ ढेरों मैसेज आ सकते हैं। ऐसे में अगली सुबह तक जवाब देने में अक्सर बहुत देर हो चुकी होती है। अब पात्र छोटे और मध्यम कारोबार मेटा बिजनेस एजेंट की मदद से चौबीसों घंटे ग्राहकों से बातचीत जारी रख सकते हैं। इसे कारोबार के अपने प्रोडक्ट्स, कीमतों और डिलीवरी की जानकारी के हिसाब से तैयार किया जा सकता है और यह भारतीय भाषाओं में सहजता से जवाब देता है। जैसे ही किसी बातचीत में मालिक के निजी जुड़ाव की जरूरत होती है, यह उसे तुरंत मालिक को सौंप देता है।खरीदारी से पहले ग्राहकों को प्रोडक्ट्स देखने देंत्योहारों पर ग्राहक खरीदारी से पहले रंग, साइज और कीमतों की तुलना करना चाहते हैं। व्हाट्सएप कैटलॉग में ग्राहक चैट के पुराने मैसेज खंगाले बिना एक ही जगह सारे प्रोडक्ट्स देख सकते हैं। गिफ्टिंग कारोबारी किफायती से लेकर खास मौकों के लिए महंगे, हर बजट के गिफ्ट हैम्पर्स दिखा सकता है और कपड़ों का विक्रेता अपना पूरा फेस्टिव कलेक्शन एक साथ सजाकर दिखा सकता है। प्रोडक्ट्स देखना जितना आसान होगा, ग्राहक “आपके पास क्या-क्या है?” से “मुझे यह ऑर्डर करना है” तक उतनी ही जल्दी पहुंचेगा।खरीदारी के फैसले से भुगतान तक का रास्ता छोटा करेंजो ग्राहक खरीदने का मन बना चुका है, उसे संभालना सबसे आसान होता है। मुश्किल तब शुरू होती है, जब उसे भुगतान के लिए किसी दूसरी जगह भेजा जाता है। व्हाट्सएप बिजनेस पर भुगतान की सुविधा से ग्राहक चैट में ही पैसे दे सकते हैं। एक टैप में क्यूआर कोड शेयर करके होम बेकरी चलाने वाला कारोबारी त्योहारों के गिफ्ट हैम्पर का ऑर्डर कन्फर्म कर उसी चैट में भुगतान भी ले सकता है। मेटा बिजनेस एजेंट अब बातचीत के भीतर ही यूपीआई पेमेंट भी ले सकता है।पुराने ग्राहकों को दोबारा खरीदारी के लिए प्रेरित करेंत्योहारों पर आपके सबसे अच्छे ग्राहक वही हैं, जो आपको पहले से जानते हैं। बिजनेस ब्रॉडकास्ट मैसेज के जरिए उन्हें उनकी जरूरत के हिसाब से तैयार, सचमुच काम की जानकारी भेजी जा सकती है। सैलून ग्राहकों को भीड़ बढ़ने से पहले बुकिंग करा लेने की याद दिला सकता है, बेकरी ऑर्डर बंद होने की तारीख बता सकती है और कपड़ों का कारोबारी नए कलेक्शन या फेस्टिव सेल की जानकारी दे सकता है। सही समय पर भेजा गया काम का मैसेज आम प्रचार से कहीं ज्यादा असर करता है।साथ-साथ सीखें और सुधार करते चलेंग्राहकों के साथ होने वाली हर बातचीत उनकी पसंद और जरूरतों को समझने का मौका देती है। अगर ग्राहक बार-बार डिलीवरी के बारे में पूछते हैं, तो शिपिंग की जानकारी स्पष्ट करने की जरूरत हो सकती है। इसी तरह, किसी खास प्रोडक्ट या कीमत की बार-बार मांग से अगले सीजन के कलेक्शन को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है। भारत में ऑनलाइन रहने वाले 91% वयस्क हर हफ्ते किसी न किसी कारोबार को मैसेज करते हैं। ऐसे में त्योहारों के दौरान आने वाले मैसेज बिक्री का जरिया होने के साथ-साथ ग्राहकों की पसंद समझने का माध्यम भी हैं। मेटा बिजनेस एजेंट ग्राहकों से मिले इन संकेतों को सीधे आप तक पहुंचाने में मदद कर सकता है।बड़ी तस्वीरग्राहक बढ़ने के साथ कारोबार संभालना भी जटिल होता जाता है। छोटे और मध्यम कारोबारों के पास मौका है कि वे व्हाट्सएप का इस्तेमाल प्रचार से आगे बढ़ाकर उसे ग्राहक की पूरी खरीदारी का ठिकाना बनाएं, जहां प्रोडक्ट की जानकारी मिलने से लेकर भुगतान और अगले ऑर्डर तक सब कुछ एक ही जगह हो।]]></content:encoded></item><item><title><![CDATA[छोटे कारोबारों के लिए त्योहारों की चैट को बिक्री में बदलने के 6 तरीके]]></title><link>https://indianewslive.in/6-ways-to-turn-holiday-chat-into-sales-for-small-businesses</link><dc:creator>Riddhi</dc:creator><pubDate>2026-10-14 16:40:00</pubDate><category>देश</category><guid isPermaLink="false">https://indianewslive.in/6-ways-to-turn-holiday-chat-into-sales-for-small-businesses</guid><description><![CDATA[<p><img decoding="async" loading="lazy" class="" src="https://indianewslive.in/wp-content/uploads/default/700031882.jpeg" alt="" width="674" height="493" srcset="https://indianewslive.in/wp-content/uploads/default/700031882.jpeg 640w, https://indianewslive.in/wp-content/uploads/default/700031882.jpeg 300w, https://indianewslive.in/wp-content/uploads/default/700031882.jpeg 100w " sizes="(max-width: 640px) 100vw, 640px" /></p>]]></description><content:encoded><![CDATA[<p><img decoding="async" loading="lazy" class="" 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से संपर्क करने से पहले अक्सर सोशल मीडिया पर ही उसके प्रोडक्ट्स देख लेते हैं। फेसबुक और इंस्टाग्राम पर ऐसे विज्ञापन दिए जा सकते हैं, जिन पर क्लिक करते ही ग्राहक से व्हाट्सएप पर सीधी बातचीत शुरू हो जाए। मसलन, अपने फेस्टिव कलेक्शन का प्रचार कर रहा ज्वेलरी कारोबारी डिजाइन, कीमत और स्टॉक को लेकर ग्राहकों के सवालों का उसी समय जवाब दे सकता है। इससे ग्राहक वेबसाइट पर भटककर हाथ से नहीं निकलते।रात में जागे बिना भी ग्राहकों को जवाब देंयह पहला त्योहारी सीजन है, जब छोटे कारोबारों को हर मैसेज का जवाब खुद नहीं देना पड़ेगा। त्योहारों में ग्राहक किसी भी समय पूछताछ करते हैं और साथ-साथ विकल्पों की तुलना भी करते रहते हैं। जिन विज्ञापनों पर क्लिक करते ही व्हाट्सएप चैट खुलती है, उन पर एक साथ ढेरों मैसेज आ सकते हैं। ऐसे में अगली सुबह तक जवाब देने में अक्सर बहुत देर हो चुकी होती है। अब पात्र छोटे और मध्यम कारोबार मेटा बिजनेस एजेंट की मदद से चौबीसों घंटे ग्राहकों से बातचीत जारी रख सकते हैं। इसे कारोबार के अपने प्रोडक्ट्स, कीमतों और डिलीवरी की जानकारी के हिसाब से तैयार किया जा सकता है और यह भारतीय भाषाओं में सहजता से जवाब देता है। जैसे ही किसी बातचीत में मालिक के निजी जुड़ाव की जरूरत होती है, यह उसे तुरंत मालिक को सौंप देता है।खरीदारी से पहले ग्राहकों को प्रोडक्ट्स देखने देंत्योहारों पर ग्राहक खरीदारी से पहले रंग, साइज और कीमतों की तुलना करना चाहते हैं। व्हाट्सएप कैटलॉग में ग्राहक चैट के पुराने मैसेज खंगाले बिना एक ही जगह सारे प्रोडक्ट्स देख सकते हैं। गिफ्टिंग कारोबारी किफायती से लेकर खास मौकों के लिए महंगे, हर बजट के गिफ्ट हैम्पर्स दिखा सकता है और कपड़ों का विक्रेता अपना पूरा फेस्टिव कलेक्शन एक साथ सजाकर दिखा सकता है। प्रोडक्ट्स देखना जितना आसान होगा, ग्राहक “आपके पास क्या-क्या है?” से “मुझे यह ऑर्डर करना है” तक उतनी ही जल्दी पहुंचेगा।खरीदारी के फैसले से भुगतान तक का रास्ता छोटा करेंजो ग्राहक खरीदने का मन बना चुका है, उसे संभालना सबसे आसान होता है। मुश्किल तब शुरू होती है, जब उसे भुगतान के लिए किसी दूसरी जगह भेजा जाता है। व्हाट्सएप बिजनेस पर भुगतान की सुविधा से ग्राहक चैट में ही पैसे दे सकते हैं। एक टैप में क्यूआर कोड शेयर करके होम बेकरी चलाने वाला कारोबारी त्योहारों के गिफ्ट हैम्पर का ऑर्डर कन्फर्म कर उसी चैट में भुगतान भी ले सकता है। मेटा बिजनेस एजेंट अब बातचीत के भीतर ही यूपीआई पेमेंट भी ले सकता है।पुराने ग्राहकों को दोबारा खरीदारी के लिए प्रेरित करेंत्योहारों पर आपके सबसे अच्छे ग्राहक वही हैं, जो आपको पहले से जानते हैं। बिजनेस ब्रॉडकास्ट मैसेज के जरिए उन्हें उनकी जरूरत के हिसाब से तैयार, सचमुच काम की जानकारी भेजी जा सकती है। सैलून ग्राहकों को भीड़ बढ़ने से पहले बुकिंग करा लेने की याद दिला सकता है, बेकरी ऑर्डर बंद होने की तारीख बता सकती है और कपड़ों का कारोबारी नए कलेक्शन या फेस्टिव सेल की जानकारी दे सकता है। सही समय पर भेजा गया काम का मैसेज आम प्रचार से कहीं ज्यादा असर करता है।साथ-साथ सीखें और सुधार करते चलेंग्राहकों के साथ होने वाली हर बातचीत उनकी पसंद और जरूरतों को समझने का मौका देती है। अगर ग्राहक बार-बार डिलीवरी के बारे में पूछते हैं, तो शिपिंग की जानकारी स्पष्ट करने की जरूरत हो सकती है। इसी तरह, किसी खास प्रोडक्ट या कीमत की बार-बार मांग से अगले सीजन के कलेक्शन को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है। भारत में ऑनलाइन रहने वाले 91% वयस्क हर हफ्ते किसी न किसी कारोबार को मैसेज करते हैं। ऐसे में त्योहारों के दौरान आने वाले मैसेज बिक्री का जरिया होने के साथ-साथ ग्राहकों की पसंद समझने का माध्यम भी हैं। मेटा बिजनेस एजेंट ग्राहकों से मिले इन संकेतों को सीधे आप तक पहुंचाने में मदद कर सकता है।बड़ी तस्वीरग्राहक बढ़ने के साथ कारोबार संभालना भी जटिल होता जाता है। छोटे और मध्यम कारोबारों के पास मौका है कि वे व्हाट्सएप का इस्तेमाल प्रचार से आगे बढ़ाकर उसे ग्राहक की पूरी खरीदारी का ठिकाना बनाएं, जहां प्रोडक्ट की जानकारी मिलने से लेकर भुगतान और अगले ऑर्डर तक सब कुछ एक ही जगह हो।]]></content:encoded></item></channel></rss>