Demand for improvements in ATC systems grows : बढ़ते हवाई ट्रैफिक के बीच सुरक्षा पर जोर
India News Live,Digital Desk : भारत में हवाई यातायात नियंत्रकों की प्रतिनिधि संस्था एटीसी गिल्ड ने देश के विभिन्न एयरपोर्ट्स पर पुराने होते एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) स्वचालन प्रणालियों को लेकर गंभीर चिंता जताई है। गिल्ड का कहना है कि मौजूदा सिस्टम की सीमाएं न केवल परिचालन दक्षता को प्रभावित कर रही हैं, बल्कि सुरक्षा को भी खतरे में डाल रही हैं।
पुरानी तकनीक बनी चिंता का कारण
गिल्ड के अनुसार, कई प्रमुख हवाई अड्डों—खासकर दिल्ली और मुंबई जैसे उच्च घनत्व वाले एयरपोर्ट्स—पर डेटा प्रोसेसिंग में देरी, सिस्टम के धीमेपन, और आधुनिक निर्णय-सहायता सुविधाओं की कमी जैसी समस्याएं लगातार बढ़ रही हैं। इन कारणों से एयर ट्रैफिक कंट्रोलर्स पर दबाव बढ़ रहा है और सुरक्षा मार्जिन कमजोर पड़ रहा है।
संसदीय समिति ने लिया संज्ञान
इन चिंताओं को संसद की स्थायी समिति के समक्ष भी रखा गया, जिसने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कई महत्वपूर्ण सिफारिशें दीं। समिति ने एटीसी स्वचालन प्रणालियों के लिए समयबद्ध आधुनिकीकरण योजना तैयार करने, तथा उनमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित टूल्स को शामिल करने की सलाह दी है।
क्या होंगे नए बदलाव
नए सिस्टम में शामिल की जाने वाली संभावित विशेषताओं में शामिल हैं:
- AI-संचालित संघर्ष समाधान उपकरण (Conflict Resolution Tools)
- प्रिडिक्टिव एनालिटिक्स द्वारा ट्रैफिक फ्लो प्रबंधन
- उन्नत सतह मार्गदर्शन और निगरानी प्रणाली
- हवा और जमीन प्रणालियों के बीच रीयल-टाइम इंटरोऑपरेबिलिटी
समिति ने यह भी कहा कि सभी मौजूदा प्लेटफॉर्म का तकनीकी ऑडिट तत्काल कराया जाए ताकि प्राथमिक जोखिमों की पहचान की जा सके और उन्हें समय रहते दूर किया जा सके।
विशेषज्ञों की राय
एक सेवानिवृत्त एएआई अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि इन सिफारिशों पर शीघ्र अमल करना समय की मांग है। उन्होंने कहा कि भारत को अब वैश्विक मानकों के अनुरूप एटीसी सिस्टम अपनाने चाहिए।
उन्होंने यह भी माना कि तकनीकी गड़बड़ियां दुनिया के अन्य देशों में भी होती हैं, लेकिन वहाँ तकनीकी उन्नयन लगातार होता रहता है, जबकि भारत में यह प्रक्रिया धीमी है।