UPA के 'आर्थिक कुप्रबंधन' से टूटती थीं डील, अब 'रिफॉर्म एक्सप्रेस' से दुनिया पर छा रहा भारत: पीएम मोदी

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India News Live,Digital Desk : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक विशेष साक्षात्कार में देश की बदलती आर्थिक तस्वीर और वैश्विक व्यापारिक साख पर बेबाकी से अपनी राय रखी है। पीएम मोदी ने कहा कि एक दशक पहले भारत जहां 'आर्थिक कुप्रबंधन' और 'अस्थिरता' के दौर से गुजर रहा था, वहीं आज भारत का आत्मविश्वास दुनिया को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है। उन्होंने पूर्ववर्ती यूपीए (UPA) सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि उनके समय में ट्रेड डील की वार्ताएं कभी किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच पाती थीं, लेकिन आज भारत का घरेलू उद्योग प्रतिस्पर्धी और खुले विचारों वाला बन चुका है।

UPA काल में क्यों फेल होती थीं ट्रेड डील?

प्रधानमंत्री ने पिछली सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि संप्रग (UPA) शासन के दौरान व्यापारिक वार्ताएं अनिश्चितता और अस्थिरता का शिकार थीं। उनके अनुसार, "उस समय आर्थिक ढांचा इतना कमजोर था कि भारत मजबूती से अपना पक्ष नहीं रख पाता था। बातचीत शुरू तो होती थी, लेकिन बीच में ही ठप पड़ जाती थी।" पीएम मोदी ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार ने सत्ता में आने के बाद 'नीति-आधारित शासन' को प्राथमिकता दी, जिससे वैश्विक निवेशकों में भारत के प्रति भरोसा पैदा हुआ।

38 देशों के साथ 'ऐतिहासिक' व्यापारिक गठबंधन

प्रधानमंत्री ने देश की उपलब्धि गिनाते हुए बताया कि आज भारत के पास 38 साझीदार देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौता (FTA) है। उन्होंने कहा, "यह भारत के व्यापारिक इतिहास का एक बड़ा मील का पत्थर है। ऑस्ट्रेलिया, यूएई और ब्रिटेन जैसे देशों के साथ हुए समझौतों से हमारे एमएसएमई (MSME) सेक्टर को संजीवनी मिली है। अब श्रम-प्रधान क्षेत्रों में भारतीय सामान लगभग शून्य या बहुत कम शुल्क पर विदेशी बाजारों में पहुंच रहा है।"

'रिफॉर्म एक्सप्रेस' और अगले 3 दशकों का विजन

पीएम मोदी ने आगामी 30 वर्षों के लिए अपनी शीर्ष प्राथमिकताओं का भी खुलासा किया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार 'रिफॉर्म एक्सप्रेस' के जरिए आम आदमी के जीवन को सुगम बना रही है। उनकी तीन बड़ी प्राथमिकताएं हैं:

लगातार ढांचागत सुधार (Structural Reforms)

नवाचार (Innovation) को बढ़ावा देना

सुगम शासन (Ease of Governance)

प्रधानमंत्री ने अपनी 'रचनात्मक बेचैनी' का जिक्र करते हुए कहा कि वे सार्वजनिक जीवन में कभी संतुष्ट नहीं होते क्योंकि हमेशा और बेहतर करने की गुंजाइश रहती है।

बजट 2026: 'लोक लुभावन' नहीं, 'विकसित भारत' की नींव

हालिया बजट पर चर्चा करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि यह कोई साधारण बही-खाता नहीं है। उन्होंने कहा, "हमने अल्पकालिक चुनावी लाभ के लिए लोकलुभावन घोषणाएं करने के बजाय बुनियादी ढांचे पर रिकॉर्ड निवेश किया है। यह बजट 'मजबूरी' का नहीं, बल्कि 'हम तैयार हैं' (We are ready) का संदेश है।" उन्होंने यह भी कहा कि भारत अब डेटा और एआई (AI) का वैश्विक हब बनने जा रहा है और दुनिया के डेटा को भारत में होस्ट करने के लिए आमंत्रित किया गया है।

नारी शक्ति और रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता

विकसित भारत के संकल्प में महिलाओं की भूमिका को रेखांकित करते हुए पीएम ने कहा कि अंतरिक्ष से लेकर स्टार्टअप तक बेटियां कमाल कर रही हैं। उन्होंने रक्षा क्षेत्र में हुए बड़े सुधारों का उदाहरण देते हुए 'ऑपरेशन सिंदूर' का जिक्र किया और बताया कि कैसे भारत की सैन्य ताकत और आधुनिकीकरण अब वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए हर समय तैयार है। उन्होंने निजी क्षेत्र से भी आह्वान किया कि वे सुरक्षित लाभ के पीछे भागने के बजाय रिसर्च और डेवलपमेंट (R&D) में निवेश करें।