17 साल बाद बांग्लादेश लौटे 'डार्क प्रिंस' तारिक रहमान, फरवरी चुनाव की तैयारी में जुटे

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India News Live,Digital Desk : बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के बेटे और बीएनपी (बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी) के नेता तारिक रहमान ने लगभग 17 साल के वनवास के बाद क्रिसमस के दिन देश में शानदार वापसी की।

रहमान की यह वापसी बांग्लादेश की राजनीतिक स्थिति के लिहाज से बेहद अहम मानी जा रही है। जुलाई में हुए हिंसक नागरिक विद्रोह में शेख हसीना को सत्ता से हटाया गया था और उनकी अवामी लीग सरकार गिर गई। फिलहाल शेख हसीना भारत में हैं और मौत की सजा का सामना कर रही हैं।

जनता ने किया जोरदार स्वागत

रहमान का स्वागत लाखों लोगों ने किया। ढाका की सड़कों पर भारी भीड़ जुटी, लोग झंडे लहरा रहे थे और 'राजकुमार' के समर्थन में नारे लगा रहे थे। उन्होंने 12 फरवरी को होने वाले आम चुनाव के लिए बीएनपी का प्रचार अभियान शुरू किया।

रहमान ने कहा, "मेरे पास बांग्लादेश के लिए एक प्लान है।" बीएनपी ने पहले ही जिया की तरफ से गाबतली-शाहजहांपुर के लिए चुनावी कागजात जमा कर दिए हैं और रहमान अपनी मां की सदर सीट से चुनाव लड़ेंगे।

रहमान का सत्ता से पुराना नाता

उनके आलोचकों का कहना है कि जब बीएनपी-जमात गठबंधन की सरकार सत्ता में थी (2001-2006), तब 'डार्क प्रिंस' रहमान असली सत्ता का केंद्र थे। उस समय उनका ऑफिस हवा भवन में था, जिसे बाद में 'शैडो पीएमओ' कहा गया।

बीएनपी-जमात सरकार गिरने और रहमान के विदेश चले जाने के बाद, इंटेलिजेंस और मीडिया रिपोर्ट्स में आरोप उठे कि हवा भवन में हथियार तस्करी और 2004 के ग्रेनेड हमले की योजनाएँ बनती थीं।

गिरफ्तारी और निर्वासन

2007 में केयरटेकर सरकार ने रहमान को भ्रष्टाचार और मनी-लॉन्ड्रिंग जैसे आरोपों में गिरफ्तार किया और 17 महीने तक हिरासत में रखा। बीएनपी का कहना है कि ये आरोप राजनीतिक रूप से लगाए गए थे। 2008 में उनका रिहाई हुई और वह लंदन में मेडिकल ट्रीटमेंट के लिए गए।

अब, 17 साल बाद, रहमान बीएनपी और लोकतंत्र के चैंपियन के रूप में देश लौट आए हैं। फरवरी 2026 के चुनाव में उन्हें सबसे आगे माना जा रहा है।