Cow Prestige Dharma War: स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने फूंका चुनावी बिगुल; 7 मार्च से यात्रा, 12 को लखनऊ में सरकार के खिलाफ शंखनाद

Post

India News Live,Digital Desk : ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने उत्तर प्रदेश सरकार के खिलाफ आर-पार की जंग का ऐलान कर दिया है। गो माता को 'राज्य माता' घोषित करने और प्रदेश से बीफ (गोमांस) निर्यात पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग को लेकर उन्होंने 12 मार्च को लखनऊ में 'गो प्रतिष्ठा धर्म युद्ध' शुरू करने की घोषणा की है।

शंकराचार्य ने रविवार को वाराणसी के केदारघाट स्थित श्रीविद्या मठ में मीडिया से बात करते हुए कहा कि सरकार को दी गई 40 दिनों की समयसीमा 12 मार्च को समाप्त हो रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि अल्टीमेटम के 30 दिन बीत चुके हैं और अब सरकार के पास केवल 10 दिन शेष हैं।

आंदोलन की रूपरेखा: गंगा पूजन से लखनऊ कूच तक

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने बताया कि इस बड़े आंदोलन की शुरुआत आध्यात्मिक शक्ति के साथ होगी:

6 मार्च: शंकराचार्य घाट पर छत्रपति शिवाजी महाराज जयंती के अवसर पर मां गंगा का पूजन कर धर्म युद्ध का संकल्प लिया जाएगा।

7 मार्च (यात्रा का श्रीगणेश): श्रीविद्या मठ से प्रस्थान कर संकटमोचन मंदिर में हनुमान जी की प्रार्थना के बाद यात्रा विधिवत शुरू होगी। पहले दिन जौनपुर, सुल्तानपुर और रायबरेली में जनसभाएं होंगी।

8 से 10 मार्च: यह यात्रा मोहनलालगंज, लालगंज, उन्नाव, बांगरमऊ और नैमिषारण्य जैसे धार्मिक स्थलों से होते हुए 10 मार्च को इटौंजा के रास्ते लखनऊ में प्रवेश करेगी।

11 मार्च: लखनऊ के आशियाना स्थित कांशीराम स्मृति सांस्कृतिक स्थल पर एक विशाल 'विद्वत सभा' का आयोजन होगा।

12 मार्च: अल्टीमेटम खत्म होने के दिन लखनऊ की धरती से निर्णायक 'शंखनाद' किया जाएगा।

मुख्य मांगें और सरकार को चेतावनी

शंकराचार्य की दो प्रमुख मांगें हैं:

उत्तर प्रदेश में गो माता को आधिकारिक रूप से 'राज्य माता' का दर्जा दिया जाए।

प्रदेश की सीमाओं के भीतर से बीफ निर्यात (Export) पर पूरी तरह से कानूनी प्रतिबंध लगाया जाए।

उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि शेष 10 दिनों के भीतर सरकार इन मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लेती है, तो इसके बाद उत्पन्न होने वाली किसी भी स्थिति की पूरी जिम्मेदारी शासन की होगी। इस यात्रा और आंदोलन को लेकर संतों और भक्तों के बीच भारी उत्साह देखा जा रहा है।