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October 05 2026 06:39 pm

कोच-कप्तान ने तय की नीति, केएल राहुल बोले- ऐसे खिलाड़ियों को दिया जाएगा पूरा समय जो...

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2027 में दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया की संयुक्त मेजबानी में होने वाले आईसीसी वनडे वर्ल्ड कप को लेकर भारतीय टीम मैनेजमेंट ने अपनी रणनीति की दिशा तय कर दी है। टीम के सीनियर विकेटकीपर-बल्लेबाज केएल राहुल ने हेड कोच और कप्तान के विजन को साझा करते हुए बड़ा बयान दिया है। राहुल ने साफ किया कि टीम अब किसी तात्कालिक प्रयोग के मूड में नहीं है, बल्कि मैनेजमेंट ने उन खिलाड़ियों की पहचान शुरू कर दी है जो 2027 के मेगा इवेंट तक टीम का मुख्य स्तंभ बनेंगे।

राहुल के अनुसार, टीम लीडरशिप ने यह सुनिश्चित किया है कि खिलाड़ियों को पर्याप्त मौके और मानसिक सुरक्षा (Role Clarity & Security) दी जाएगी ताकि वे बिना किसी दबाव के अपनी भूमिका में खुद को ढाल सकें।

कोच-कप्तान का विजन: रोल-क्लैरिटी और कोर ग्रुप का निर्माण

केएल राहुल ने बातचीत के दौरान बताया कि ड्रेसिंग रूम के भीतर बातचीत बेहद स्पष्ट और पारदर्शी है:

तैयारी का लंबा खाका: 2027 विश्व कप अभी दूर जरूर दिखता है, लेकिन वनडे प्रारूप के सीमित मुकाबलों को देखते हुए मैनेजमेंट हर सीरीज को उसी बड़े टूर्नामेंट की तैयारी की कड़ी के रूप में देख रहा है।

अनावश्यक फेरबदल पर रोक: कोच और कप्तान का मानना है कि हर मैच के बाद प्लेइंग-11 बदलने से खिलाड़ियों में असुरक्षा की भावना पैदा होती है। इसलिए चुनिंदा कोर ग्रुप पर ही लगातार दांव लगाया जाएगा।

'जो प्लान में फिट हैं, उन्हें मिलेगा भरपूर समय': राहुल का खुलासा

केएल राहुल ने विस्तार से समझाया कि टीम मैनेजमेंट किस प्रकार के खिलाड़ियों का समर्थन करने जा रहा है:

"कोच और कप्तान ने 2027 के दृष्टिकोण से सब कुछ पूरी तरह साफ कर दिया है। संदेश बिल्कुल सीधा है—ऐसे खिलाड़ियों को पूरा समय और मौके दिए जाएंगे जो टीम के लंबे समय के प्लान और खास भूमिकाओं में फिट बैठते हैं। अगर किसी खिलाड़ी में उस खास रोल को निभाने की काबिलियत है, तो एकाध विफलता से उसकी जगह खतरे में नहीं पड़ेगी। मैनेजमेंट यह सुनिश्चित करना चाहता है कि खिलाड़ी यह सोचकर मैदान में न उतरे कि अगला मैच नहीं मिलेगा, बल्कि वह अपनी जिम्मेदारी को समझकर खुद को उस रोल में स्थापित करे।"

मिडिल ऑर्डर और फिनिशिंग रोल पर खास फोकस

वनडे क्रिकेट में 50 ओवरों का खेल टी20 से काफी अलग स्वभाव मांगता है। राहुल ने बताया कि टीम की सबसे बड़ी प्राथमिकता मध्यक्रम और मैच को फिनिश करने की क्षमता को मजबूत करना है:

दबाव सोखने की क्षमता: नंबर 4, 5 और 6 के बल्लेबाजों को ऐसी परिस्थितियों के लिए तैयार किया जा रहा है जहां शुरुआती विकेट जल्दी गिरने पर पारी संभालनी हो और जरूरत पड़ने पर अंतिम 10 ओवरों में तेजी से रन बटोरने हों।

फ्लेक्सिबिलिटी और फिटनेस: राहुल ने खुद की भूमिका पर कहा कि वह विकेटकीपिंग के साथ-साथ किसी भी बल्लेबाजी क्रम पर उतरने के लिए मानसिक रूप से तैयार रहते हैं, क्योंकि आधुनिक वनडे क्रिकेट में 'मल्टी-टास्किंग' सबसे बड़ा हथियार है।

नए खिलाड़ियों के लिए क्या है सीधा संदेश?

केएल राहुल के इस बयान से यह भी संकेत मिलता है कि बेंच पर बैठे या चयन की कतार में खड़े युवा खिलाड़ियों को भी यह समझना होगा कि टीम में जगह रातों-रात नहीं बनती। जो खिलाड़ी वर्तमान में उस पोजीशन के लिए सबसे उपयुक्त माने गए हैं, उन्हें अपनी लय साबित करने के लिए पूरी सीरीज और लंबा रन दिया जाएगा।

कोच और कप्तान का यह स्पष्ट दृष्टिकोण भारतीय वनडे टीम को 2027 के महाकुंभ से पहले एक मजबूत, स्थिर और सुलझा हुआ संतुलन प्रदान करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।