'नोएडा मत जाइएगा...': जब PMO से आया था सीक्रेट संदेश, CM योगी ने अंधविश्वास तोड़कर खुद सुनाया दिलचस्प किस्सा
नोएडा/गौतमबुद्धनगर: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने शनिवार, 27 जून 2026 को नोएडा में आयोजित 'यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो' (UP International Trade Show) के एक भव्य कार्यक्रम को संबोधित किया. इस दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य की प्रगति और कानून व्यवस्था पर बात करते हुए नोएडा (गौतमबुद्धनगर) से जुड़ा एक ऐसा दिलचस्प और ऐतिहासिक वाकया सुनाया, जिसे सुनकर वहां मौजूद तमाम हस्तियां और आम जनता दंग रह गई. सीएम योगी ने खुलासा किया कि कैसे साल 2017 में मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्हें प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) से नोएडा न जाने की सलाह दी गई थी, लेकिन उन्होंने उस 'अंधविश्वास' को एक झटके में खारिज कर दिया.
2017 से पहले मुख्यमंत्रियों के लिए 'शापित' और 'मनहूस' था नोएडा
यूपी की राजनीति में दशकों से यह अंधविश्वास (Noida Jinx) बेहद मशहूर था कि जो भी मुख्यमंत्री नोएडा का दौरा करता है, उसकी कुर्सी चली जाती है या वह अगला चुनाव हार जाता है. इसी खौफ के कारण पूर्व के कई मुख्यमंत्री अपने पूरे कार्यकाल में कभी नोएडा कदम रखने की हिम्मत नहीं जुटा पाए.
सीएम योगी ने इसी का जिक्र करते हुए कहा, "साल 2017 से पहले के मुख्यमंत्रियों के लिए गौतमबुद्धनगर जिला पूरी तरह शापित था. लोग डर के मारे यहां आने से बचते थे. लेकिन आप आज का यूपी और 9 साल पहले का यूपी देख लें, छवि पूरी तरह बदल चुकी है."
जब PMO से आया संदेश और योगी ने दिया चौंकाने वाला जवाब
मुख्यमंत्री ने साल 2017 का एक रोचक किस्सा साझा करते हुए बताया:
"मुझे अच्छी तरह याद है, 2017 में जब मैं नया-नया मुख्यमंत्री बना था, तब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी को नोएडा में एक मेट्रो लाइन का उद्घाटन करने आना था. उस समय प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) से मेरे पास एक संदेश आया कि— 'आप इस कार्यक्रम के लिए अपनी जगह उत्तर प्रदेश के किसी अन्य मंत्री को नियुक्त कर सकते हैं, आपका आना जरूरी नहीं है.'"
सीएम योगी ने आगे बताया कि जब उन्होंने पीएमओ के अधिकारियों से पूछा कि क्या कोई विशेष बात है? तब अधिकारियों ने संकोच करते हुए कहा कि नोएडा के बारे में एक पुरानी राजनीतिक मान्यता (अंधविश्वास) है कि वहां जो मुख्यमंत्री जाता है, उसकी सत्ता चली जाती है.
इस पर योगी आदित्यनाथ ने हंसते हुए जवाब दिया— "आप चिंता न करें, मैं तो इस समय भी नोएडा में ही मौजूद हूं और प्रधानमंत्री जी के कार्यक्रम की तैयारियों की समीक्षा कर रहा हूं." यह सुनकर पीएमओ के अधिकारी भी पूरी तरह हैरान रह गए थे.
'मैं आध्यात्मिक व्यक्ति हूं, अपशकुन की बातों को नहीं मानता'
मुख्यमंत्री ने मंच से अपनी बेबाक कार्यशैली को स्पष्ट करते हुए कहा कि अधिकारियों ने उनसे दोबारा कहा था कि प्रोटोकॉल के लिहाज से भी सीएम का आना बहुत अनिवार्य नहीं है, आप रहने दीजिए. लेकिन मैंने साफ शब्दों में कह दिया:
"मैं इन सब रूढ़िवादी और अपशकुन की बातों को बिल्कुल नहीं मानता. मैं एक आध्यात्मिक व्यक्ति हूं. जब उत्तर प्रदेश की जनता ने पूर्ण बहुमत के साथ भारतीय जनता पार्टी (BJP) को जनादेश दिया है और अपनी समस्याओं के समाधान की जिम्मेदारी सौंपी है, तो हम डरकर घर नहीं बैठ सकते. हम जनता के बीच जाएंगे और समस्याओं का डटकर समाधान निकालेंगे."
बिल्डर-बायर विवाद का निकाला हल, 3 लाख लोगों को दिलाए घर
अंधविश्वास को तोड़ने के बाद नोएडा में किए गए विकास कार्यों का रिपोर्ट कार्ड पेश करते हुए सीएम योगी ने बिल्डर-बायर संकट (Builder-Buyer Crisis) पर बात की. उन्होंने कहा:
सवा लाख आवास: सरकार में आते ही हमारे सामने सबसे बड़ी चुनौती लाखों फ्लैट खरीदारों की थी, जिनके पैसे फंसे हुए थे. हमने सभी पक्षों को एक मेज पर बैठाया और पहले ही साल में करीब 1.25 लाख (सवा लाख) खरीदारों को उनके घरों का पजेशन दिलाया.
नीति आयोग की मदद: जब कुछ पेचीदा मामले सुप्रीम कोर्ट पहुंचे और समाधान अटक गया, तो हमारी सरकार ने हार नहीं मानी. हमने नीति आयोग (Niti Aayog) की मदद से एक विशेष विशेषज्ञ कमेटी का गठन कराया और उसके जरिए अब तक 3 लाख से ज्यादा पीड़ित खरीदारों को उनके सपनों का मकान दिलाने का ऐतिहासिक काम पूरा किया है.