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May 03 2026 04:31 am

भाजपा ने खर्च किए 1,494 करोड़, कांग्रेस दूसरे नंबर पर: ADR रिपोर्ट ने खोले चुनावी खर्च के चौंकाने वाले आंकड़े

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India News Live,Digital Desk : चुनाव सुधारों के लिए काम करने वाली संस्था एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) ने आज 2024 के लोकसभा चुनाव और चार राज्यों के विधानसभा चुनावों में राजनीतिक दलों द्वारा किए गए खर्च पर एक चौंकाने वाली रिपोर्ट जारी की है। इस रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने लोकसभा चुनाव के दौरान करीब 1,494 करोड़ रुपये खर्च किए, जो कुल चुनावी खर्च का 44.56% है। एडीआर ने 32 राष्ट्रीय और क्षेत्रीय दलों के चुनावी खर्च का विश्लेषण किया है।

पक्षों की लागत और देरी का विश्लेषण

एडीआर की रिपोर्ट के अनुसार, भाजपा के बाद कांग्रेस 620 करोड़ रुपये खर्च के साथ दूसरे स्थान पर है, जो पार्टी के कुल खर्च का 18.5% है। इन पार्टियों ने 16 मार्च से 6 जून 2024 तक आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, ओडिशा और सिक्किम में एक साथ हुए लोकसभा और विधानसभा चुनावों के दौरान कुल 3,352.81 करोड़ रुपये खर्च किए।

इस कुल व्यय में राष्ट्रीय दलों का हिस्सा ₹2,204 करोड़ (65.75%) से अधिक था। रिपोर्ट में कहा गया है कि राष्ट्रीय दलों ने ₹6,930.246 करोड़ (93.08%) एकत्र किए, जबकि क्षेत्रीय दलों को ₹515.32 करोड़ (6.92%) प्राप्त हुए।

एडीआर ने इस बात पर प्रकाश डाला कि राजनीतिक दलों को आम चुनाव के 90 दिन और विधानसभा चुनाव के 75 दिन के भीतर चुनाव आयोग के पास अनिवार्य व्यय रिटर्न दाखिल करना होता है, लेकिन इन रिटर्न को दाखिल करने में भारी देरी हुई है। रिपोर्ट के अनुसार, आयोग को आम आदमी पार्टी (आप) का व्यय रिटर्न 168 दिन देरी से मिला, जबकि भाजपा का रिटर्न 139 से 154 दिन देरी से मिला। एडीआर के अनुसार, केवल कांग्रेस ने ही लोकसभा और विधानसभा चुनावों के लिए समेकित रिपोर्ट दाखिल की थी।

व्यय की मुख्य श्रेणियाँ

पार्टियों ने डिजिटल माध्यम से चुनाव प्रचार पर 132 करोड़ रुपये खर्च किए, जबकि उम्मीदवारों की आपराधिक पृष्ठभूमि प्रकाशित करने पर 28 करोड़ रुपये खर्च किए गए। व्यय की अन्य प्रमुख श्रेणियों में यात्रा व्यय शामिल था, जो 795 करोड़ रुपये था। वहीं, उम्मीदवारों पर कुल मिलाकर 402 करोड़ रुपये खर्च किए गए। यात्रा व्यय भी स्टार प्रचारकों पर अधिक केंद्रित था, जिसमें 795 करोड़ रुपये में से 765 करोड़ रुपये (96.22%) हाई-प्रोफाइल पार्टी नेताओं की यात्रा पर खर्च किए गए, जबकि अन्य नेताओं पर केवल 30 करोड़ रुपये खर्च किए गए।

विवरण प्रस्तुत न करने वाली पार्टियाँ

एडीआर की रिपोर्ट तैयार करते समय राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई), झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) और शिवसेना (उबाथा) ​​समेत 21 दलों के खर्च का ब्योरा चुनाव आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध नहीं था। आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश और ओडिशा में होने वाले 2024 के विधानसभा चुनावों के लिए राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी), लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास), ऑल झारखंड स्टूडेंट्स यूनियन (एजेएसयू) पार्टी, केसी (एम) का खर्च विवरण भी उपलब्ध नहीं था। इस बीच, दो दलों, पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) और केरल कांग्रेस (एम) ने चुनाव लड़ने के बावजूद शून्य व्यय घोषित किया।

एडीआर ने यह भी बताया कि पिछले साल हुए आम चुनावों में कुल 690 मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों ने हिस्सा लिया था। एडीआर ने चुनाव आयोग से राजनीतिक दलों के खर्च पर नज़र रखने के लिए पर्यवेक्षकों की नियुक्ति करने की भी अपील की, ताकि चुनावी प्रक्रिया में और अधिक पारदर्शिता लाई जा सके।