भगोड़े नीरव मोदी को लंदन में तगड़ा झटका: प्रत्यर्पण रोकने की आखिरी चाल भी फेल, हाई कोर्ट ने खारिज की अर्जी

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India News Live,Digital Desk : पंजाब नेशनल बैंक (PNB) के 13,000 करोड़ रुपये के महाघोटाले के मुख्य आरोपी और भगोड़े हीरा व्यापारी नीरव मोदी की भारत आने से बचने की एक और कोशिश नाकाम हो गई है। लंदन के रॉयल कोर्ट ऑफ जस्टिस (किंग्स बेंच डिवीजन) ने नीरव मोदी की उस याचिका को सिरे से खारिज कर दिया है, जिसमें उसने अपने प्रत्यर्पण (Extradition) मामले को दोबारा खोलने की गुहार लगाई थी। अदालत के इस फैसले के बाद अब नीरव मोदी के भारत लाए जाने का रास्ता लगभग साफ हो गया है।

हथियार डीलर संजय भंडारी के केस का दिया था हवाला

अमर उजाला की विशेष रिपोर्ट के अनुसार, नीरव मोदी ने अपनी याचिका में हथियार डीलर संजय भंडारी के मामले में आए एक हालिया फैसले का आधार बनाया था। नीरव के वकीलों ने दलील दी थी कि उसके मामले की परिस्थितियों पर पुनर्विचार किया जाना चाहिए। हालांकि, लंदन हाई कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया कि नीरव मोदी का मामला और उससे जुड़ी परिस्थितियां इतनी 'असाधारण' नहीं हैं कि पहले से तय हो चुके प्रत्यर्पण के आदेश को दोबारा खोला जाए।

CBI की लंदन में बड़ी जीत: अधिकारियों ने की जोरदार पैरवी

इस कानूनी लड़ाई में भारतीय जांच एजेंसी सीबीआई (CBI) की समर्पित टीम ने अहम भूमिका निभाई। सीबीआई के जांच अधिकारी विशेष रूप से सुनवाई के लिए लंदन पहुंचे थे और क्राउन प्रॉसिक्यूशन सर्विस (CPS) के वकीलों के साथ मिलकर मामले की जोरदार पैरवी की। सीबीआई प्रवक्ता के अनुसार, "निरंतर और समन्वित प्रयासों के कारण ही इस कानूनी चुनौती को सफलतापूर्वक पार किया जा सका है।"

6 साल से चल रही है प्रत्यर्पण की जंग

भारत सरकार और सीबीआई साल 2018 से ही नीरव मोदी के प्रत्यर्पण की कोशिश कर रहे हैं। 19 मार्च 2019 को लंदन में गिरफ्तारी के बाद से ही नीरव जेल में बंद है। ब्रिटेन की निचली अदालत से लेकर ऊपरी अदालतों तक ने पहले ही उसके प्रत्यर्पण को हरी झंडी दे दी थी। नीरव ने मानवाधिकारों और भारत की जेलों की स्थिति का हवाला देकर कई बार अपील की थी, लेकिन भारतीय सरकार द्वारा दिए गए आश्वासनों को ब्रिटेन की अदालत ने स्वीकार कर लिया था।

क्या है 13,000 करोड़ का PNB घोटाला?

नीरव मोदी पर अपने मामा मेहुल चोक्सी के साथ मिलकर फर्जी 'लेटर ऑफ अंडरटेकिंग' (LoU) के जरिए पंजाब नेशनल बैंक को हजारों करोड़ का चूना लगाने का आरोप है। अकेले नीरव मोदी पर करीब 6,498 करोड़ रुपये के गबन का सीधा आरोप है। घोटाले का पता चलते ही वह साल 2018 में भारत छोड़कर भाग गया था। तब से भारत सरकार उसे वापस लाने के लिए कूटनीतिक और कानूनी स्तर पर लगातार प्रयास कर रही है।