पहलगाम हमले की बरसी से पहले सेना की हुंकार, 'ऑपरेशन सिंदूर' का जिक्र कर दुश्मनों को चेताया

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India News Live,Digital Desk : जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले की बरसी से पहले भारतीय सेना ने एक बेहद सख्त संदेश जारी किया है। सेना ने स्पष्ट लफ्जों में कहा है कि 'भारत भूलता नहीं है' और सीमाओं का उल्लंघन करने वालों को कीमत चुकानी ही होगी। दुश्मनों को चेतावनी देते हुए सेना ने 'ऑपरेशन सिंदूर' (Operation Sindoor) की याद दिलाई है, जिसे पिछले साल पहलगाम हमले के जवाब में आतंकियों के सफाए के लिए चलाया गया था।

'कुछ सीमाओं को कभी पार नहीं किया जाना चाहिए'

भारतीय सेना ने मंगलवार को सोशल मीडिया पर एक प्रतीकात्मक तस्वीर साझा की, जिसने पूरे देश का ध्यान खींच लिया है। इस पोस्ट में सेना ने लिखा, "कुछ सीमाओं को कभी पार नहीं किया जाना चाहिए। जब मानवता की सीमाएं लांघी जाती हैं, तो उसका करारा जवाब दिया जाता है। न्याय हुआ।" यह संदेश उन आतंकवादियों और उनके आकाओं के लिए एक खुली चेतावनी माना जा रहा है, जो सीमा पार से भारत की शांति भंग करने की कोशिश करते हैं।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने याद दिलाया ऑपरेशन सिंदूर का पराक्रम

इससे पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी तमिलनाडु में एक चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए भारत की नई रक्षा नीति पर जोर दिया। उन्होंने कहा, "ऑपरेशन सिंदूर को याद रखिए। भारत किसी को बेवजह परेशान नहीं करता, लेकिन अगर कोई हमें छेड़ेगा, तो हम उसे कतई नहीं छोड़ेंगे।" गौरतलब है कि बीते साल आतंकवादियों ने पहलगाम में 26 निर्दोष नागरिकों की हत्या कर दी थी, जिसके बाद भारतीय सेना ने पाकिस्तान में घुसकर आतंकी ठिकानों को जमींदोज किया था।

'कुछ ही मिनट में हमला करने वाली थी नौसेना'

इस बीच, नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी ने भी एक बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान भारतीय नौसेना समुद्र के रास्ते पाकिस्तान पर कुछ ही मिनटों में हमला करने की स्थिति में थी। हालांकि, पाकिस्तान ने भारी नुकसान की आशंका को देखते हुए सैन्य कार्रवाई रोकने का अनुरोध किया था। यह खुलासा दिखाता है कि भारत की सैन्य शक्ति अब केवल रक्षात्मक नहीं, बल्कि आक्रामक और निर्णायक हो चुकी है।

रक्षा बजट में रिकॉर्ड बढ़ोतरी और भविष्य की तैयारी

ऑपरेशन सिंदूर की सफलता और उभरते खतरों को देखते हुए सरकार ने रक्षा बजट 2026-27 में ऐतिहासिक 7.85 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। यह पिछले वर्ष के मुकाबले 15.19% की भारी वृद्धि है। यह बजट सरकार के उस संकल्प को दर्शाता है कि भारत की सुरक्षा के लिए धन की कमी कभी आड़े नहीं आएगी। सेना ने साफ कर दिया है कि वह सीमाओं की शुचिता बनाए रखने के लिए हर स्तर पर तैयार है।