क्या वाकई घायल हैं ईरानी रहबर? अटकलों के बीच अमेरिका-इजरायल को चेतावनी

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India News Live,Digital Desk : ईरान और इजरायल-अमेरिका के बीच जारी युद्ध के बीच ईरानी सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई की सेहत को लेकर दुनिया भर में सस्पेंस गहरा गया है। एक तरफ जहां अंतरराष्ट्रीय मीडिया में उनके 'बुरी तरह घायल' होने के दावे किए जा रहे हैं, वहीं शुक्रवार को खामेनेई की ओर से राष्ट्र के नाम एक नया लिखित संदेश जारी किया गया है। इस संदेश में उन्होंने दुश्मनों को चेताया है कि ईरान की एकता ने उन्हें अंदर से तोड़ दिया है।

"दुश्मन टूट चुका है": मोजतबा खामेनेई की नई चेतावनी

युद्ध शुरू होने के बाद से ही सार्वजनिक रूप से गायब मोजतबा खामेनेई ने अपने लिखित संदेश में ईरान की 'असाधारण एकता' को अपनी सबसे बड़ी ताकत बताया है। उन्होंने कहा, "हमारे देशवासियों की चट्टानी एकता की वजह से दुश्मन टूट चुका है। यदि हम इसे और मजबूत करते हैं, तो दुश्मन और भी बेबस हो जाएगा।" खामेनेई ने अमेरिका और इजरायल पर 'मीडिया वॉर' छेड़ने का आरोप लगाते हुए कहा कि दुश्मन लोगों के दिमाग से खेलकर राष्ट्रीय एकता को कमजोर करने की साजिश रच रहा है।

क्या सच में बोलने की स्थिति में नहीं हैं खामेनेई?

सुप्रीम लीडर के इस लिखित संदेश ने उनकी सेहत को लेकर चल रहे सवालों को और हवा दे दी है। न्यूयॉर्क टाइम्स की एक हालिया रिपोर्ट में ईरानी अधिकारियों के हवाले से चौंकाने वाले दावे किए गए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक:

झुलसा हुआ चेहरा: फरवरी में हुए अमेरिकी-इजरायली हमले में मोजतबा का चेहरा और होंठ गंभीर रूप से झुलस गए हैं, जिससे उन्हें बोलने में भारी तकलीफ हो रही है।

प्लास्टिक सर्जरी की जरूरत: उनके चेहरे को ठीक करने के लिए जल्द ही मेजर प्लास्टिक सर्जरी की जा सकती है।

प्रोस्थेटिक पैर: रिपोर्ट का दावा है कि उनकी एक टांग की तीन बार सर्जरी हो चुकी है और अब उन्हें कृत्रिम पैर (Prosthetic Leg) लगाने की जरूरत है।

हाथ का ऑपरेशन: उनके एक हाथ का भी ऑपरेशन हुआ है, जिससे वे धीरे-धीरे उबर रहे हैं।

पर्दे के पीछे से चल रही है सरकार?

युद्ध के इस नाजुक मोड़ पर खामेनेई का सामने न आना और केवल लिखित संदेश जारी करना कई सवाल खड़े करता है। हालांकि, ईरानी सरकार और उनके करीबी अधिकारियों का दावा है कि मोजतबा खामेनेई पूरी तरह सक्रिय हैं और युद्ध से जुड़े सभी महत्वपूर्ण फैसले वही ले रहे हैं। ईरानी मीडिया इन रिपोर्ट्स को 'मनोवैज्ञानिक युद्ध' (Psychological Warfare) करार दे रहा है, जिसका मकसद ईरान की जनता में डर पैदा करना है।

एकता बनाम मीडिया प्रोपेगेंडा

खामेनेई ने अपने संदेश में विशेष रूप से 'मीडिया साजिश' का जिक्र किया है। उनका मानना है कि विदेशी ताकतें ईरान के भीतर अस्थिरता पैदा करने के लिए उनके स्वास्थ्य से जुड़ी झूठी खबरें फैला रही हैं। उन्होंने देशवासियों से अपील की है कि वे दुश्मन के झांसे में न आएं और अपनी एकजुटता बनाए रखें। अब देखना यह होगा कि क्या सुप्रीम लीडर अपनी सेहत पर लगी इन अटकलों को खारिज करने के लिए कभी कैमरे के सामने आएंगे।