एयरटेल का करोड़ों ग्राहकों को झटका: रिचार्ज प्लान की कीमतों में अचानक भारी बढ़ोतरी, बंद हुआ सस्ता विकल्प
India News Live,Digital Desk : देश की दिग्गज दूरसंचार कंपनी भारती एयरटेल (Bharti Airtel) ने अपने करोड़ों प्रीपेड उपयोगकर्ताओं को बड़ा झटका देते हुए अपने लोकप्रिय प्लान्स की कीमतों में इजाफा कर दिया है। यह बदलाव इतना अचानक हुआ है कि कई यूजर्स को रिचार्ज करते वक्त बढ़ी हुई कीमतों का पता चल रहा है। 5G बुनियादी ढांचे और परिचालन लागत के दबाव के बीच कंपनी ने अपने रेवेन्यू (ARPU) को बढ़ाने के लिए यह कड़ा कदम उठाया है।
लोकप्रिय 84 दिन वाला प्लान हुआ महंगा
एयरटेल ने अपने सबसे ज्यादा बिकने वाले और लोकप्रिय 84 दिनों की वैधता वाले प्लान की कीमत में सीधी बढ़ोतरी की है।
नयी कीमत: जो प्लान पहले ₹859 में मिलता था, अब उसके लिए ग्राहकों को ₹899 खर्च करने होंगे।
क्या बदला: कीमत ₹40 बढ़ गई है, लेकिन फायदे पहले जैसे ही हैं। इसमें अभी भी रोजाना 1.5GB डेटा, अनलिमिटेड वॉयस कॉलिंग और प्रतिदिन 100 SMS मिलते हैं। यानी ग्राहकों को अब उसी सेवा के लिए ज्यादा पैसे चुकाने पड़ेंगे।
सस्ता प्लान हुआ बंद, कम हुए विकल्प
कंपनी ने न केवल कीमतें बढ़ाई हैं, बल्कि अपने ₹799 वाले किफायती प्लान को पूरी तरह से बंद (Discontinue) कर दिया है। इस फैसले से उन यूजर्स को सबसे ज्यादा चोट पहुंची है जो कम बजट में लंबी वैधता वाला रिचार्ज ढूंढते थे। अब ग्राहकों के पास महंगे प्लान चुनने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है।
[Image showing a comparison of old vs new Airtel prepaid plan prices]
आम जनता के बजट पर सीधा असर
इस मूल्य वृद्धि का सबसे ज्यादा असर उन मध्यमवर्गीय परिवारों और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों पर पड़ेगा जो बजट प्लान्स पर निर्भर रहते हैं।
लंबी अवधि के रिचार्ज: जो लोग हर महीने के झंझट से बचने के लिए 2-3 महीने वाला प्लान लेते हैं, उन्हें अब हर बार अपनी जेब और ढीली करनी होगी।
इंडस्ट्री का संकेत: बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि एयरटेल की इस शुरुआत के बाद जल्द ही रिलायंस जियो (Jio) और वोडाफोन-आइडिया (Vi) भी अपने टैरिफ बढ़ा सकते हैं।
क्यों महंगे हो रहे हैं रिचार्ज प्लान?
टेलीकॉम कंपनियों पर 5G नेटवर्क विस्तार और स्पेक्ट्रम की लागत का भारी दबाव है। कंपनियां अपना 'औसत राजस्व प्रति उपयोगकर्ता' (ARPU) बढ़ाने की कोशिश कर रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले समय में रिचार्ज प्लान और भी महंगे हो सकते हैं, क्योंकि कंपनियां अपनी परिचालन लागत का बोझ ग्राहकों पर डाल रही हैं।