आखिर क्यों महिलाओं के लिए वर्जित है महाकाल की भस्म आरती? जानें मंदिर के कड़े नियम और पौराणिक रहस्य

Post

India News Live,Digital Desk : 15 फरवरी को देशभर में महाशिवरात्रि (Mahashivratri 2026) का महापर्व बड़ी धूमधाम से मनाया जाएगा। जब भी महादेव की आराधना की बात आती है, तो उज्जैन के विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर और वहां होने वाली 'भस्म आरती' का जिक्र सबसे पहले होता है। ब्रह्म मुहूर्त में होने वाली यह आरती जितनी दिव्य है, इसके नियम उतने ही कड़े और रहस्यमयी हैं। विशेष रूप से महिलाओं के लिए इस आरती को लेकर कुछ खास पाबंदियां हैं, जिन्हें लेकर अक्सर लोगों के मन में जिज्ञासा रहती है।

क्यों नहीं देख सकतीं महिलाएं महाकाल का यह रूप?

उज्जैन के महाकाल मंदिर में भस्म आरती के दौरान एक समय ऐसा आता है जब महिलाओं को अपना चेहरा ढकने या दर्शन न करने का निर्देश दिया जाता है। इसके पीछे मुख्य धार्मिक कारण भगवान का 'निर्वस्त्र स्वरूप' है। आरती से पहले जब बाबा महाकाल का विधिपूर्वक स्नान कराया जाता है, तब उनके वस्त्र और आभूषण हटा दिए जाते हैं। हिंदू धर्म की मर्यादा और परंपरा के अनुसार, भगवान के इस स्वरूप के दर्शन महिलाओं के लिए वर्जित माने गए हैं।

आरती के समय 'घूंघट' करना क्यों है अनिवार्य?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भस्म आरती के समय भगवान महाकाल अत्यंत उग्र और शक्तिशाली रूप में होते हैं। तांत्रिक और आध्यात्मिक दृष्टि से उस समय ऊर्जा का स्तर इतना अधिक होता है कि उसे सहन करना हर किसी के बस की बात नहीं होती। इसी मर्यादा को बनाए रखने के लिए आरती के विशिष्ट क्षणों में महिलाओं को घूंघट करने का नियम बनाया गया है।

अकाल मृत्यु के भय को मिटाती है भस्म आरती

महाकालेश्वर 12 ज्योतिर्लिंगों में से तीसरे और एकमात्र दक्षिणमुखी ज्योतिर्लिंग हैं। पौराणिक कथा के अनुसार, जब महादेव ने अत्याचारी राक्षस दूषण का वध किया था, तब उसकी राख (भस्म) से अपना श्रृंगार किया था। तभी से यह परंपरा चली आ रही है। माना जाता है कि जो भक्त ब्रह्म मुहूर्त में महाकाल की भस्म आरती के दर्शन कर लेता है, उसे अकाल मृत्यु के भय से मुक्ति मिल जाती है और जीवन की नकारात्मक ऊर्जा समाप्त हो जाती है।

भस्म आरती के लिए 'ड्रेस कोड' और जरूरी नियम

अगर आप महाशिवरात्रि पर या सामान्य दिनों में भस्म आरती में शामिल होना चाहते हैं, तो इन नियमों का पालन करना अनिवार्य है:

पुरुषों के लिए: पुरुषों को केवल बिना सिली हुई सूती धोती पहननी होती है। ऊपर कोई वस्त्र नहीं होना चाहिए।

महिलाओं के लिए: महिलाओं के लिए साड़ी पहनना उचित माना जाता है और आरती के समय घूंघट करना अनिवार्य है।

प्रतिबंध: मंदिर परिसर के भीतर मोबाइल फोन, कैमरा, चमड़े का बेल्ट या पर्स ले जाना सख्त मना है।

बुकिंग: भस्म आरती में शामिल होने के लिए ऑनलाइन या ऑफलाइन एडवांस बुकिंग करानी पड़ती है, क्योंकि यहां श्रद्धालुओं की भारी भीड़ होती है।