8th Pay Commission : सरकारी कर्मचारियों के लिए 5 प्रमोशन और न्यूनतम वेतन में बढ़ोतरी? जानें दिल्ली की बैठक में क्या रहीं मुख्य मांगें
India News Live,Digital Desk : केंद्र सरकार के लाखों कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) से जुड़ी बड़ी खबर सामने आ रही है। दिल्ली में बुधवार (25 फरवरी 2026) को राष्ट्रीय परिषद (कर्मचारी पक्ष) और संयुक्त परामर्शदात्री तंत्र (NC-JCM) की एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक हुई। इस बैठक में कर्मचारियों की सेवा शर्तों, वेतन और पदोन्नति नीति में बड़े बदलावों के प्रस्ताव तैयार किए गए हैं। सबसे अधिक चर्चा '5 प्रमोशन' की योजना और पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली को लेकर हो रही है।
क्या है 5 पदोन्नति (Promotions) की योजना?
बैठक में कर्मचारी संगठनों ने पुरजोर मांग रखी कि प्रत्येक केंद्रीय कर्मचारी के लिए उसके पूरे करियर में कम से कम पांच पदोन्नति (Promotions) सुनिश्चित की जानी चाहिए। वर्तमान व्यवस्था में कई कर्मचारी एक ही पद पर लंबे समय तक रुके रहते हैं, जिससे उनमें असंतोष बढ़ता है। संगठनों का मानना है कि 8वें वेतन आयोग के तहत एक ऐसी पदोन्नति नीति बननी चाहिए जो करियर के विकास को गति दे सके।
बैठक की प्रमुख मांगें और मुद्दे
JCM की बैठक में कई अन्य महत्वपूर्ण बिंदुओं पर भी सहमति बनाने का प्रयास किया गया:
न्यूनतम मूल वेतन और फिटमेंट फैक्टर: न्यूनतम वेतन में सम्मानजनक वृद्धि और फिटमेंट फैक्टर को बढ़ाने की मांग।
परिवार का दायरा: गणना के लिए परिवार का आकार 3 से बढ़ाकर 5 सदस्य करने का प्रस्ताव।
पुरानी पेंशन योजना (OPS): 8वें वेतन आयोग के साथ ही ओपीएस को पुनः आरंभ करने की मांग को दोहराया गया।
स्वास्थ्य योजना (CGHS) में सुधार: गैर-सीजीएचएस शहरों के लिए शुल्क को 1,000 रुपये से बढ़ाकर 20,000 रुपये प्रति माह करने का सुझाव।
भत्तों में वृद्धि: इंटरनेट जैसी आवश्यक सेवाओं के लिए नए भत्ते और वार्षिक वेतन वृद्धि (Annual Increment) की दर बढ़ाने पर चर्चा।
साझा ज्ञापन और अगली बैठक की तारीख
अखिल भारतीय रक्षा कर्मचारी संघ (AIDEF) के महासचिव सी. श्रीकुमार और कर्मचारी संघ के प्रतिनिधि मनजीत सिंह पटेल के अनुसार, अगले 10 से 15 दिनों के भीतर सभी संगठन मिलकर एक साझा ज्ञापन (Common Memorandum) तैयार करेंगे।
10 मार्च 2026: साझा ज्ञापन पर अंतिम चर्चा के लिए 10 मार्च को एक और बैठक निर्धारित की गई है।
आयोग को सौंपना: इसके बाद यह ज्ञापन 8वें वेतन आयोग की अध्यक्ष न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई को सौंपा जाएगा।
क्या है JCM की भूमिका?
संयुक्त परामर्शदात्री तंत्र (JCM) भारत सरकार और उसके कर्मचारियों के बीच संवाद का सबसे बड़ा आधिकारिक मंच है। वेतन आयोग के गठन और उसकी सिफारिशों में JCM द्वारा प्रस्तुत किए गए सुझावों का विशेष महत्व होता है। रक्षा, रेलवे, डाक और आयकर जैसे बड़े विभागों के संगठनों की मौजूदगी इस बैठक को और अधिक प्रभावशाली बनाती है।
अब सबकी निगाहें 10 मार्च की बैठक पर टिकी हैं, जहां इन मांगों को अंतिम रूप दिया जाएगा। यदि सरकार 5 प्रमोशन और न्यूनतम वेतन में बड़ी वृद्धि की मांगों को स्वीकार करती है, तो यह केंद्रीय कर्मचारियों के लिए अब तक का सबसे बड़ा तोहफा होगा।